झूठ के पांव नहीं होते हैं, ये बात आपने भी सुनी होगी. लेकिन फिर भी न जाने क्यों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूल गए आज इंटरनेट के दौर में झूठ के पांव तो क्या कोई दांव तक भी नहीं चल सकता.
यूपी के सीएम @myogiadityanath ने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय @kashikirai को लेकर कहा कि अजय राय के भाई की हत्या माफिया ने की लेकिन अजय राय उसके खिलाफ बयान देने नहीं गए और माफिया के सामने घुटने टेक दिए. ये बहुत बड़ा झूठ और दुष्प्रचार है.
जबकि सच ये है कि अपने भाई अवधेश राय की हत्या के समय अजय राय अपने भाई के साथ ही खड़े थे और उन्होंने हमलावरों पर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से जवाबी फायरिंग भी की थी. अजय राय ने ही इस मामले की मुख्य FIR दर्ज कराई थी जिसमें मुख्तार अंसारी का नाम शामिल था. अजय राय ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ अदालत में डटकर गवाही और बयान भी दिया था और उनकी ही गवाही और 32 साल लंबी कानूनी लड़ाई के आधार पर 5 जून 2023 को वाराणसी की एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को इस हत्या के मामले में आजीवन कारावास (उम्रकैद ) की सजा सुनाई थी.
हालांकि ये भी तथ्य है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ के कांग्रेस के अजय राय को उनके भाई के हत्यारे मुख्तार अंसारी की पार्टी क़ौमी एकता दल का समर्थन मिला था लेकिन अजय राय ने कभी मुख्तार अंसारी से कोई समझौता किया हो, इसका कोई प्रमाण नहीं है.
बल्कि उल्टा जब यूपी में बीजेपी की सरकार आई तब योगी सरकार ने अजय राय की सुरक्षा वापस ले ली, साथ ही उनके हथियार का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया. इसको लेकर अजय राय ने 2021 में सीएम योगी समेत तत्कालीन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को पत्र भी लिखा था कि उन्हें मुख्तार अंसारी से जान का खतरा है.
क्या यूपी के मुखिया अपनी इस झूठ पर माफी मांगेंगे? वो तो नहीं लगता, तो फिर क्या अजय राय इस मामले में यूपी के सीएम पर दुष्प्रचार और मानहानि का मुकदमा दायर करवाएंगे? सब छोड़िये, क्या मीडिया यूपी के मुख्यमंत्री के इस झूठ से पर्दा उठाने में दिलचस्पी लेगी?
@UPPCLLKO अद्भुत व्यवस्था है। मंगलवार रात से 2 घंटा बिजली नहीं आई है। पिछले 24 घंटे से बिजली एकदम गोल है। जेई, लाइनमैन और पॉवर हाउस के लगभग सभी फोन नंबर बंद है, या उठ नहीं रहे है। जनपद हरदोई, विद्युत उपकेंद्र हरियावां, ग्राम मवैया
@AKSharmaOffice@ak@aksharmaBharat@CMOfficeUP
@hemendra_tri मोदी जी ने कब मीडिया के सवालों का जवाब दिया? कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस किए होते। वो उस देश की महिला पत्रकार है जो देश प्रेस की स्वतंत्रता में सबसे ऊपर है हम सबसे नीचे है! मीडिया को शर्म आनी चाहिए।
Not going to share any personal details. Just want to highlight how perception is different from reality. This is not to support any political party or leader. Want to let you know things are not as they look.
In 2013, my client who was professionally working for Rahul Gandhi suggested my name to him to handle his mutual fund investments.
From 2013, when UPA 2 was in power to till date when Vijay was sworn in with Congress support, Rahul continues to be my client for mutual fund investments.
We have exchanged many mails and has spoken over phone lot of times. And as you are aware, I've been a strong Modi supporter from 2014 to 2024. Never once Rahul or his office staff brought that subject to me. I believe my tweets are regularly seen by his staff. They clearly differentiate between my professional service and political beliefs.
And in every single conversation I've with Rahul, he addresses me with respect and never behaved in any haughty manner.
Despite knowing my BJP support, he took my input few years ago for choosing a key professional .
This post may lead to Rahul terminating our professional relationship. That's ok. Everything should end one day.
Wanted to post this to show how main stream media and IT cells of parties can make someone look completely inhuman.
I do not know Rahul Gandhi as a politician. Based on last 14 years interaction, all I can say is he respect professionals a lot and a nice human being to interact with.
Don't go by media or IT cells - for any party that matter.
संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण इस देश की महिलाओं का हक है जो उनको मिलने से कोई नहीं रोक सकता। एक दिन यह हकीकत में परिवर्तित होकर रहेगा।
मगर बदनीयती से इसे 2011 की जनगणना और उस पर आधारित परिसीमन से जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का महिलाओं का मसीहा बनने का खोखला प्रयास आज नाकाम रहा।
आज, देश के विपक्ष ने अपनी दृढ़ता और एकजुटता दिखाकर भारत के लोकतंत्र और इसकी अखंडता को अक्षुण्ण रखा है। भारत की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक माना जायेगा। आज से इस देश की आवाज़ को दबाने का काम बंद।
मैं विपक्ष के सभी सांसदों को दिल से धन्यवाद देती हूँ क्योंकि अंतर्मन में हम सब जानते हैं कि अगर ये तीन विधेयक पारित होते तो हमारे देश में लोकतंत्र नहीं बचता। अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल करके हमने इस देश को राजनीति से ऊपर रखा है और देश के हित में अपना कर्तव्य निभाया है।
~50 रुपए दवा 500 MRP में बिक रही है,
~7 रुपए का इंजेक्शन 700 में बिक रहा है,
~कही ब्लड टेस्ट 200 का है, तो कहीं 2000 का,
~कहीं MRI 3500 रुपए की है, तो कहीं 7000 की,
~कहीं CT स्कैन 2000 रुपए का है, तो कंही 4000 का,
~लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष का ध्यान है कि कौन सी मूवी अच्छी है कौन सी खराब।
विडंबना
@premkumarcbn01 सौरभ भाई बड़े पत्रकार है। इंडियन एक्सप्रेस हिंदी लेकर आ रहे है। उनकी तुम चिंता न करो। राजपाल और सौरभ भाई UP से है, दोनों दोस्त है। सलमान को पोस्ट नहीं करनी चाहिए थी। और उल्टा सौरभ भाई सलमान के पीछे पड़ गए, तो क्या होगा? वो तुम्हारी सोच से दूर की बात है। @saurabhtop
अभी दो दिन पहले आपने एक खबर पढ़ी होगी। मेरठ में एक लड़की का तालाक हुआ तो उसके परिवार के लोगों ने ढोल-ताशे बजवाकर उसे अपने घर ले आए थे। लड़की का नाम प्रणिता है, उनके पिता ज्ञानेंद्र शर्मा जज रहे हैं। उन्होंने कहा था कि हमारी बेटी को परेशान किया गया। हमने कोई पैसा नहीं मांगा, हमें हमारी बेटी चाहिए थी, इसलिए हम इसे अपने साथ लेकर जा रहे। महिला सशक्तिकरण का यह उदाहरण दुनिया भी देखे।
चूंकि इस तरह का मामला सामने आया तो लोगों ने लड़के पक्ष को आरोपी बना दिया। कई जगहों पर भला-बुरा कहा गया। वह भी तब जब उनका कोई पक्ष नहीं आया। अब उस पक्ष ने अपनी बात रखी है।
प्रणिता की जिससे 2018 में शादी हुई थी वह गौरव अग्निहोत्री हैं, सेना में मेजर हैं। गौरव के पिता श्याम किशोर अग्निहोत्री रिटायर्ड सूबेदार हैं। वह कहते हैं, जब से सोशल मीडिया पर ढोल-ताशे वाले वीडियो आए तब से हम लोगों का बहुत मजाक बनाया गया। इसे देखकर हमारी आंखों में आंसू आ गए। हमारे बेटे पर तो क्या ही बीत रही होगी।
श्याम कहते हैं, इस शादी में हमने कोई दहेज नहीं लिया था। लेकिन पहले दिन से हम विवाद शुरू हो गया। वो लोग सबकुछ अपनी मर्जी का करवाना चाहते थे। एक साल के अंदर ही बेटे के खिलाफ मुकदमा लिखवा दिया। हमने उत्तराखंड के चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखी, उन्होंने मामले की जांच करवाई, पता चला कि ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि या ज्ञानेंद्र इस्तीफा दें या फिर आपस में मामला सुलझा लें। मामला बाहर ही सुलझ गया।
श्याम बताते हैं, प्रणीता ने पिछले साल एक बेटे को जन्म दिया। हम सब खुश हुए। लेकिन कुछ दिन बाद प्रणिता उसे लेकर अपनी मां के घर चली गई। वहां उन्होंने बच्चे का मुंडन करवा दिया। जबकि मुंडन की जिम्मेदारी तो हमारी थी, हम अच्छे से करते। जब हमने एतराज जताया तो उन्होंने फिर से तलाक की बात कही। बेटा तलाक नहीं चाहता था लेकिन वह इतना परेशान हो गया कि उसने हां कर दिया।
श्याम कहते हैं, वो लोग कह रहे कि हमने तलाक के बाद कुछ नहीं लिया। जबकि हकीकत यह है कि हमने 3 बीघा जमीन अपनी बहू के नाम कर दी। मेरे बेटे की जो कार थी वह उन्होंने अपने पास रख ली। 55-60 लाख रुपए की ज्वेलरी थी, उसे भी उन्होंने अपने पास रख लिया। हमने तो कभी भी गुजारा भत्ता देने से मना नहीं किया।
पहली दो फोटो में प्रणिता और उनके रिटायर्ड जज पिता हैं। तीसरी फोटो में श्याम किशोर हैं। चौथी तस्वीर में मेजर गौरव और प्रणिता हैं।
लखनऊ में बिजली विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर हरदोई के 33 केवी पावर हाउस लाइनों, जर्जर एलटी लाइनों के सुदृढ़ीकरण एवं बिजली से संबंधित अन्य समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
बरेली जोन में टैबलेट खरीद की निविदाओं पर उठे सवाल, एडीजी से निष्पक्ष तकनीकी योग्यता सुनिश्चित करने की मांग...
किस स्तर पर हो रही हीलाहवाली और लापरवाही... यह जांच का विषय... एडीजी अपनी साफ़ छवि के लिए प्रख्यात... देखते हैं वह अपने नीचे के अफसरों की गलती को मानते हैं या नहीं...!
बरेली जोन के विभिन्न जिलों में सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से टैबलेट उपकरणों की खरीद के लिए जारी की जा रही निविदाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक, बरेली जोन को एक प्रतिनिधित्व भेजकर तकनीकी योग्यता प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग की गई थी... हालांकि यह पत्र कल का था और कल ही दोनों कम्पनी को आनन-फानन में क्वालीफाई भी कर दिया गया है...
@dgpup@RajeevOjha13@Rajeevkrishna69
देवबंद जेल में बंद “हॉफ एनकाउंटर” वाले अपराधियों से जज परमिंदर सिंह की बातचीत सुनिए…आँखें फटी रह जाएगी…
ऐसे ही थोड़े ना सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के लिए कहा था
‘Total breakdown of law and order’
#नोएडा के CJM संजीव त्रिपाठी भी कई “हॉफ एनकाउंटर” पर पुलिस से सवाल जवाब तलब कर चुके है…
#इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस अरूण कुमार सिंह देशवाल भी यूपी पुलिस के काम (हॉफ एनकाउंटर) करने के तरीक़ों पर नाराज़गी जता चुके है…
माघ मेला में भगवा झंडे लेकर युवक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम पहुंचे। जबरन अंदर घुसने की कोशिश की। युवकों ने आई लव बुलडोजर बाबा, योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद के नारे लगाएं। धार्मिक आयोजन में राजनीतिक नारे क्यों लग रहे है? प्रशासन क्या कर रहा था?#hilights#Avimukteshwaranand
मोदी जी ने मुस्कुराते हुए कहा था…
नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं और मैं उनका कार्यकर्ता।
पर लगता है नितिन जी ने इसे राजनीतिक चुटकुला नहीं,
स्थायी आदेश मान लिया।
वीडियो देख कर तो यही लगता है कि
नितिन जी ने मन ही मन तय कर लिया, बॉस हूँ तो बॉस की तरह ही चलूँगा।
लेकिन कैमरे और मोदी जी के बीच आ जाने की हिम्मत…
भाई, ये कोई मामूली गलती नहीं है।
राजनीति में यह वैसी ही भूल है
जैसे भाषण के बीच माइक बंद कर देना।
#sosorry
एक पार्टी और एक संगठन ने धर्म के नाम पर सनातनियों का ब्रेनवाश किया। उनको हिंदुत्ववादी बनाया। उन लोगों का प्रयोग उनके धर्म के विरोध में हो रहा है। उनसे जुड़े लोग शंकराचार्य के विरोध में है। इसके पीछे की वजह शंकराचार्य का उनके आगे नतमस्तक न होना है। #Avimukteshwaranand