आखिर इस वीडियो में ऐसा क्या है?
जिसके बाद मेरा X अकाउंट @PrataykshMishr Suspend कर दिया गया.
आप भी देखें और यदि असहमति है तो अवश्य दर्ज कराएं.
https://t.co/FaQYgznb6u
हर वो अकाउंट जो सच्चाई सामने लाए उसे सस्पेंड करोगे? शर्म करो, @XIndiaCorps! शर्म करो.
इस अकाउंट से कभी भी कुछ अवैध बात नहीं पोस्ट की गई थी. इसे तुरंत प्रभाव से रिट्रीव करो, नहीं तो भारत सरकार के तलवे चाटने के आरोप सीधे-सीधे अपराध में बदलते दिखेंगे @elonmusk#Sold_X
एक मिडिल क्लास व्यक्ति एक-दो महीने का सिर्फ EMI ही मिस कर दें, लाठी-डंडे-गाली के साथ उसके घर गुंडे बैंक वाले आ जाते हैं.
और इधर मोदी जी के खास आदमी और पूर्व BJP सांसद Zee TV वाले सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का लोन सेटल हो गया सिर्फ 6.5 करोड़ में।
वापसी तय हुई: सिर्फ़ 0.03%
उनका बाकी का कर्ज माफ कर दिया जाएगा और वो अब आराम की जिंदगी जियेंगे।
सबसे बड़ी मार: LIC और जनता की जेब पर!
LIC Housing Finance : ₹1,322 करोड़ के दावे के बदले मिलेंगे महज़ ₹38 लाख!
इस भारी नुकसान का 55% बोझ आम लोगों पर पड़ेगा।
45% नुकसान अकेले LIC सहेगी—यानी सीधे तौर पर देश के Taxpayers का पैसा डूबा!
Subhash Chandra Settles Rs 22,000 Crore Debt for Rs 6.5 Crore in Court Approval
अमीरों के लिए 'माफ़ी'... आम जनता पर 'लाठी'!
ये आंकड़े देखकर आपके होश उड़ जाएंगे:
बड़े डिफ़ॉल्टरों पर मेहरबानी (> ₹100 करोड़): पिछले 10 साल में बड़े अमीरों का ₹26,701 करोड़ का कर्ज़ माफ़ कर दिया गया। बैंक इनसे सिर्फ 14.5% पैसा ही वसूल पाया, यानी 100 रु में 85 रूपये अमीरों ने नहीं लौटाए.
छोटे कर्ज़दारों से पाई-पाई की वसूली (< ₹1 करोड़): वहीं आम और छोटे कर्ज़दारों स बैंक ने तुरंत लगभग 74% वसूल किए हैं, यानी केवल 26 % ही माफ़ हो पाया.
और सबसे बड़ा खेल?
जब RTI के ज़रिए 100 करोड़ डकारने वाले इन बड़े डिफ़ॉल्टरों के नाम मांगे गए, तो बैंक ने सीधा जवाब दिया— "यह थर्ड पार्टी की जानकारी है, हम नाम नहीं बता सकते!"
सोचिए! एक आम आदमी अगर छोटी-सी किश्त (EMI) न भरे तो उसका नाम, फोटो और घर तक नीलाम करने का ढोल पीटा जाता है... और हज़ारों करोड़ डुबाने वाले 'बड़े साहबों' के नाम पर बैंक पर्दा डाल रहा है!
Subhash Chandra Settles Rs 22,000 Crore Debt for Rs 6.5 Crore in Court Approval
NEET पेपर लीक के बाद जिन 22 बच्चों ने सुसाइड किया...
ना उनको कोई मुआवजा मिला और
ना ही सरकार ने उनकी कोई सुध ली है।
सोचिए, क्या हाल है...
India | NEET 20226 | Paper Leak | Exam | Gen z | Youth Protests
'निष्पक्ष चुनाव' से लेकर 'रिश्वतखोरी' तक...
चुनाव आयोग को इस स्तर तक पहुँचाने के लिए मोदी सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद!
India | Election Commission | Modi Govt
ISRO के बाद अब DRDO भी बेच दिया...
इसके लिए आप मोदी सरकार का धन्यवाद कर सकते हैं!
DRDO भारत की वो सबसे बड़ी वैज्ञानिक और रक्षा संस्था है, जो हमारी थल सेना, वायु सेना और नौसेना के लिए हथियार, मिसाइलें, रडार, लड़ाकू विमान और सुरक्षा कवच तैयार करती है।
अब ये काम मोदी सरकार ने प्राइवेट कम्पनियों को सौंप दिया है.
अब आप सोच लीजिए जो कम्पनियां मुनाफे के लिए काम करती हैं, वो क्वालिटी का कितना ध्यान रखेंगी.
ISRO | Modi govt | Video | National Security Policy
चुनाव आयोग और बीजेपी का 'वोटर डिलीशन' खेल 👇
1. बंगाल की 31 सीटों पर जितने वोटों से जीत-हार हुई, उससे कहीं ज़्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए थे। यानी अगर ये वोटर लिस्ट में होते, तो नतीजा कुछ और हो सकता था।
2. एक सीट का सबसे भयानक उदाहरण (AC-145):
हार-जीत का अंतर: सिर्फ 401 वोट
वोटर लिस्ट से हटाए गए वोटर: 8,785
यानी हटाए गए वोटरों की संख्या जीत के अंतर से 22 गुना ज़्यादा थी!
3. 187 सीटों का 'पैटर्न' और किसे मिला फ़ायदा:
जिन 187 सीटों पर 5,000 से ज़्यादा वोटर हटाए गए थे, उनमें से 119 सीटों पर बीजेपी जीती या आगे रही।
इनमें से 28 सीटें ऐसी थीं जहाँ हटाए गए वोटरों की संख्या बीजेपी उम्मीदवार की जीत के अंतर से ज़्यादा थी!
4. अपीलों का अंबार, लेकिन सुनवाई ठप:
'द वायर' की रिपोर्ट के अनुसार, नाम कटने के ख़िलाफ़ 38.10 लाख अपीलें दर्ज कराई गईं।
लेकिन चुनाव आयोग ने सिर्फ 2.17% (82,782) मामलों का ही निपटारा किया, जबकि 37.28 लाख मामले लंबित छोड़ दिए गए।
हैरानी की बात: जिन 82,782 मामलों का फैसला हुआ, उनमें से 75,443 (91%) लोगों के नाम सही पाए गए और वापस जोड़े गए!
इससे साफ़ है कि नाम गलत तरीके से काटे गए थे।
SIR | West Bengal | West Bengal Election Tribunals Restore 91% of Appealed Voter Names
रक्षाबंधन पर हरियाणा सरकार का राम रहीम को शानदार तोहफा!
बलात्कार के गंभीर अपराध में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम पर 'विशेष कृपा' एक बार फिर बरसी है।
21 दिन की नई फर्लो मिलते ही, आज तड़के 6:05 बजे रोहतक की सुनारिया जेल के फाटक उनके काफिले के लिए ऐसे खुले मानो जेल नहीं, कोई रिसॉर्ट हो!
#RamRahim
जब देश के राजदूत को ही भारतीय नागरिकता साबित करनी पड़ रही है तो सोचिए आम लोगों का क्या हाल होगा?
Special Intensive Revision (SIR) का यह अद्भुत कारनामा देखिए—75 वर्षीय पूर्व भारतीय राजदूत (IFS अधिकारी) रमेश चंदर, जिन्होंने सालों तक विदेशों (बेलारूस, जापान, ब्रिटेन, चेक गणराज्य) में भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारत का झंडा बुलंद किया,
आज उन्हीं से पूछा जा रहा है कि "क्या आप सच में भारतीय नागरिक हैं?"
पिछले 15 सालों से जालंधर में रह रहे और लगातार 2012, 2014, 2017, 2022 और 2024 के चुनावों में वोट डालते आ रहे पूर्व राजदूत के आधार कार्ड और वोटर आईडी भी अब अपनी नागरिकता साबित करने के लिए 'अपर्याप्त' बताए जा रहे हैं।
मोदी जी के खास आदमी और चुनाव आयोग के मुखिया ज्ञानेश कुमार की वजह से 10 करोड़ लोगों की नागरिकता जाने का खतरा मंडरा रहा है।
#SIR
देश के युवाओं का इंकलाब ही नए भारत का भविष्य लिखेगा। दिल्ली, झारखंड, यूपी के बाद अब बिहार का ये सैलाब इस क्रांति को आगे बढ़ा रहा है।
#BiharProtest#Bihar#Education
प्रिय नितिन गडकरी जी;
15 रुपए पेट्रोल तो छोड़िए। यह इथेनॉल गाड़ियों की क्या दुर्दशा कर रहा है, वो देखिए।
यह मत कहना कि यह झूठ है। इथेनॉल आपकी जेब जरूर भर सकता है, लेकिन आम आदमी को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
प्रिय नितिन गडकरी जी;
15 रुपए पेट्रोल तो छोड़िए। यह इथेनॉल गाड़ियों की क्या दुर्दशा कर रहा है, वो देखिए।
यह मत कहना कि यह झूठ है। इथेनॉल आपकी जेब जरूर भर सकता है, लेकिन आम आदमी को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
"जेल भी जाना पड़ा तो जाएंगे, गोली भी खानी पड़ी तो खाएंगे..."
यह बच्चा आज अच्छी तरह समझ चुका है कि ज़ुल्म के आगे चुप रहना खुद पर अत्याचार करने जैसा है।
इसे पता है कि आज अगर आवाज़ नहीं उठाई, तो कल जब यह खुद बड़ी-बड़ी डिग्रियां लेकर परीक्षा में बैठेगा, तब यही भ्रष्ट सरकार और संविदा-ठेकेदारी का मॉडल इसके सपनों को भी रौंद देगा।
जंतर-मंतर के आंदोलन ने ये हिम्मत दी है।
Viral Video | Students Clash with Police in Patna Over BPSC Exam Irregularities | #Bihar #BPSC | Bihar News | 70th BPSC Protest | TRE 4
हर राज्य की सड़कों पर हर वर्ग त्रस्त है... और यह निरंकुश सरकार पूरी तरह मस्त है!
उत्तराखंड के चमोली में अपनी जायज़ 'श्रमिक किट' के लिए सैकड़ों मज़दूरों को घंटों लंबी-लंबी कतारों में खड़ा रखा गया।
इस कड़कड़ाती अव्यवस्था और प्रशासनिक बदइंतज़ामी ने जब सब्र का बांध तोड़ा, तो सड़कों पर हक़ की लड़ाई लड़ रहे मज़दूरों का आक्रोश फूट पड़ा!
यह देश के हर उस मेहनतकश की आवाज़ है जिसे यह सरकार कागज़ों, लाइनों और ठेकेदारी के ढोंग में उलझाकर रख रही है।
Corruption Probe | Uttrakhand
NEET-2027 परीक्षा के लिए धांधली और भ्रष्टाचार का नेक्सस फिर से सक्रिय हो गया है!
सवाल यह है कि इस माफिया के आगे सरकार पस्त क्यों है? या फिर इस पूरे भ्रष्ट तंत्र की सरपरस्ती खुद सत्ता के गलियारों से हो रही है?
जब हर साल पेपर लीक, धांधली और माफिया का बोलबाला रहता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सरकार और NTA की है।
छात्रों की मेहनत, उनके मां-बाप के सपने और उनकी जिंदगियों की कीमत पर यह घिनौना खेल कब तक चलेगा?
Exam Protests | NEET 2027 | Youth Protests | Gen z Protests | Gen Alpha
स्कूलों की बदहाली दिखाने वालों को जेल भेज रही योगी सरकार
हाथरस : सिकंदराराऊ के स्कूल में गोबर, खुले शौचालय और जर्जर स्थिति का वीडियो बनाकर अधिकारियों से गुहार लगाने वाले कुलदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।
विडंबना देखिए कि खुद स्कूल की प्रधानाचार्य ने भी माना कि एक ही कमरे में कई कक्षाएं चलानी पड़ रही हैं, पर कार्रवाई बदहाली दूर करने पर नहीं, वीडियो बनाने वाले पर हुई।
मेरठ : सरधना के स्कूल में सीलन की वजह से फर्श पर सड़ रही सरकारी किताबों और बदहाल ढांचे को दिखाने वाले एडवोकेट संयम पांचाल और अयान मिर्ज़ा पर बीएनएस की संगीन धाराएं लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया।
कन्नौज : पीएम श्री कंपोजिट स्कूल में नियमित गणित शिक्षक न होने और भेदभाव के खिलाफ जब बच्चों और अभिभावकों ने आवाज उठाई, तो प्रशासन ने मान लिया कि बच्चों को "बिस्किट देकर उकसाया" गया है! बदहाली छुपाने के लिए अज्ञात लोगों पर एफआईआर ठोक दी गई।
रामपुर व मथुरा : रामपुर में बच्चों के नदी पार करने का वीडियो सामने आया तो 5 नामजद समेत 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज हो गई। वहीं मथुरा के फरह में जलभराव के बीच से गुजरते मासूमों का वीडियो फेसबुक पर शेयर करने पर रवि कुमार के खिलाफ एफआईआर की तहरीर दे दी गई।
नोएडा व देवरिया : नोएडा में पंकज अवाना और देवरिया में जर्जर स्कूल व मलबे का सच दिखाने वाले युवा कार्यकर्ता रजत सिंह पर केस दर्ज कर यह संदेश दे दिया गया कि कैमरे का रुख स्कूल की बदहाली की तरफ नहीं होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में 'रामराज्य' का नया मापदंड यह बन चुका है कि समस्याएं खत्म हों या न हों, लेकिन सोशल मीडिया पर उनका दिखना सख्त मना है।
Exam Protests | #SchoolThikKaro | Gen Alpha Protests | Results | Yogi Government | Student Protests
लो जी! बंगाल में 'वोट चोरी' का खेल रंगे हाथों पकड़ा गया!
चुनाव से पहले SIR करवाकर लाखों लोगों के नाम काटे गए, और चुनाव निपटते ही 82,782 अपीलों में से 91% (75,443) नाम वापस वोटर लिस्ट में जोड़ दिए गए!
सोचिए... चुनाव के वक्त जनता से उनका वोट देने का अधिकार छीन लिया गया ताकि नतीजे बदले जा सकें। और तो और, सबूत मिटाने के लिए 2 महीने पहले सरकारी इमारत में आग लगवाकर विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई 4,000 EVM भी जला दी गईं!
यह लोकतंत्र नहीं, मोदी और ज्ञानेश कुमार का 'वोट चोरी मॉडल' है!
West Bengal Election Tribunals Restore 91% of Appealed Voter Names | SIR | Gyanesh Kumar | Election Commission
पिछले पांच वर्षों में IIT के 70 छात्रों ने आत्महत्या की है।
यदि केवल IIT, NIT और IIM जैसे प्रमुख केंद्रीय संस्थानों को मिला दिया जाए, तो पिछले 5-6 वर्षों में 100 से अधिक छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं—जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा IITs का है।
इसके बावजूद, इस सरकार की ओर से कोई ठोस या गंभीर कार्रवाई पूरी तरह नदारद रही है।
IIT दिल्ली के छात्र ऋषिकेश कुमार की हालिया आत्महत्या की न केवल एक स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, बल्कि पिछले पांच वर्षों में हुई IIT छात्रों की आत्महत्याओं की भी व्यापक और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ये भारत के सबसे होनहार युवा दिमागों में से हैं। सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह यह पता लगाए कि ये त्रासदियां महज कुछ व्यक्तिगत घटनाएं हैं या फिर किसी गहरे, संस्थागत संकट का लक्षण हैं।
IIT Delhi | Youth Protests | Students Protests | Gen z | Video
मोदी सरकार आपको सरकारी नौकरी देना ही नहीं चाहती!
केंद्र सरकार में खाली पद 4 लाख 20 हजार से बढ़कर सीधे 8 लाख 24 हजार हो गए!
मतलब, नौकरियां देना तो दूर... जो पद पहले से मौजूद थे, उन्हें भी भरने की जहमत नहीं उठाई गई।
कुल खाली पद 8,23,556 (21%) हैं।
केंद्र सरकार के विभागों/मंत्रालयों में खाली पदों की संख्या:
डिफेंस (सिविलियन) – 2,41,643
रेलवे – 2,40,125
गृह मंत्रालय – 1,10,885
राजस्व विभाग – 69,652
डाक विभाग – 61,546
ऑडिट/अकाउंट – 21,505
एटॉमिक एनर्जी – 10,234
हाउसिंग/अर्बन अफेयर्स – 4,592
स्पेस – 4,126
माइन्स (खान) – 3,501
वॉटर रिसोर्सेज (जल संसाधन) – 3,191
अर्थ साइंसेज (पृथ्वी विज्ञान) – 2,895
श्रम मंत्रालय – 2,618
डीओपीटी – 2,429
कॉमर्स (वाणिज्य) – 2,435
एक्सटर्नल अफेयर्स (विदेश मामले) – 2,028
साइंस एंड टेक्नोलॉजी – 1,582
हेल्थ (स्वास्थ्य) – 1,582
लॉ एंड जस्टिस – 1,267
सिविल एविएशन – 1,247
हायर एजुकेशन – 522
दूसरी तरफ सरकारी कंपनियों में ठेका कर्मचारी 18.6% से बढ़कर 49.1% हो गए।
#GovernmentJobs #Employment #Jobs #CentralGovernment | India | Youth Protest | Modi Govt