@SarangSood There is no institution to ensure food safety....fssai has limited itself as licensing body....there are few raids by public health department on the occasion of diwali & holi that's it...
वादा था पक्की नौकरी का, लेकिन हकीकत में युवाओं को मिला “संविदा का सपना” और “शिक्षा वीर” का नया नाम!
3540 पदों की भर्ती निकली, पर ना अनुभव की कद्र, ना ओवरएज युवाओं के लिए कोई राहत। मेहनत करने वाले युवा आज भी लाइन में हैं, और सिस्टम उन्हें अस्थायी उम्मीदों में उलझा रहा है।
क्या यही है रोजगार का मॉडल, जहां स्थायित्व की जगह अस्थिरता परोसी जा रही है?
युवा अब सवाल पूछ रहा है—हक की नौकरी कब मिलेगी? संविदा नहीं, स्थायी रोजगार ही युवाओं का भविष्य सुरक्षित कर सकता है। राजस्थान के युवाओं को नाम नहीं, सम्मानजनक और स्थायी अवसर चाहिए।
@INCRajasthan
बेहद शर्मनाक नोटिफिकेशन!
राजस्थान सरकार को चाहिए कि अब आईएएस-आईपीएस और आरएएस-आरपीएस अधिकारियों का चयन भी संविदा पर कर लेना चाहिए।
भगवान श्री कृष्ण जी से लेकर चाणक्य ने शिक्षक को राष्ट्र के लिए सबसे ऊपर माना है। एक शिक्षक ही राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। जब शिक्षक को सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो वो विद्यार्थियों पर कैसे ध्यान देगा, जिसका स्वयं का भविष्य स्थाई नहीं, वो समाज को भविष्य की दिशा कैसे देगा, जो स्वयं सुरक्षित नहीं- स्वयं का निर्माण नहीं कर पाएगा, वो राष्ट्र का निर्माण कैसे करेगा?
समाज का सबसे महत्वपूर्ण अंग संविदा पर, और AC कमरों में बैठकर जनता पर हुकुम हांकने वाले अधिकारी परमानेंट, यह देश-प्रदेश के भविष्य को तबाह करने का पहला कदम है।
जो बीज गुलाम भारत में मैकॉले रोप गया था, वो वट-वृक्ष बन चुका है। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री जी, उस वृक्ष को उखाड़िये, ना कि हमारे को विश्वगुरु बनाने का मार्ग प्रशस्त करने वाले शिक्षकों का भविष्य अंधकार में करके देश का भविष्य खराब कीजिए!
देश में एक भी शिक्षक चिंतित है, तो समझो वो 100 बच्चों का जीवन असुरक्षित कर रहा है। उसे आर्थिक, मानसिक, शारीरिक, राजनीतिक और पारिवारिक चिंताओं से मुक्त करना राजधर्म है। यदि शिक्षक इन चिंताओं से घिरा रहेगा, तो वो कभी राष्ट्र हित में नहीं हो सकता! @BhajanlalBjp@narendramodi@dpradhanbjp@madandilawar