स्वतंत्र भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में से एक भारतरत्न, महान राष्ट्रवादी, प्रखर वक्ता, कवि श्री अटलबिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर नमन।
उनके जन्मदिवस पर मनाए जाने वाले सुशासन दिवस की सबों को हार्दिक शुभकामनाएं।
उन्होंने आर्थिक उदारीकरण को दोबारा गति दी।
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यह वीडियो मुख्य रूप से बलूच भाषा में है और इसमें संस्कृत के धार्मिक मंत्र जैसे "ॐ नमः शिवाय" शामिल हैं।
वीडियो के बोल (Lyrics) और उनका हिंदी अर्थ नीचे दिया गया है:
वीडियो के मुख्य बोल और हिंदी अनुवाद:
Ay Shiva, Balochistan-a azaat!
हिंदी अर्थ: हे शिव, बलूचिस्तान स्वतंत्र हो!
Om Namah Shivaya!
हिंदी अर्थ: ॐ नमः शिवाय! (भगवान शिव को प्रणाम)
Hinglaj-a maat, Kailash-a piyar!
हिंदी अर्थ: हिंगलाज माता, कैलाश का प्रेम।
Koh-a sarok, thai naam gushit
हिंदी अर्थ: पहाड़ों का शिखर आपका नाम पुकारता/लेता है।
Hingol-a aap, thai paad shodit
हिंदी अर्थ: हिंगोल नदी का जल आपके चरण धोता है।
Makran-a khaak, bhasma bushit
हिंदी अर्थ: मकरान की मिट्टी आपकी भस्म (राख) है।
Baloch-a dil, thai daaman gerit
हिंदी अर्थ: बलूच का दिल आपका आंचल/दामन थामे हुए है।
Maar-a gardan, chandan-a maath
हिंदी अर्थ: गले में सर्प (सांप) और मस्तक पर चंदन।
Damambar-a tang, aasman-a raah
हिंदी अर्थ: डमरू की ध्वनि, आसमान का मार्ग।
Sindh cha Makran, ek khoda-e-haq
हिंदी अर्थ: सिंध से लेकर मकरान तक, एक ही सत्य ईश्वर।
Jai Mahadeva! / Jai Bholenath! / Jai Shiv Shankar!
हिंदी अर्थ: जय महादेव! / जय भोलेनाथ! / जय शिव शंकर!।
Azaat-a shab, azaat-a roch
हिंदी अर्थ: स्वतंत्र रात, स्वतंत्र दिन।
Hinglaj-a maat, thai putra-a soch
हिंदी अर्थ: हे हिंगलाज माता, अपनी संतानों (पुत्रों) के बारे में सोचें/कृपा करें।
Tandav-a raqs, Baloch-a zameen!
हिंदी अर्थ: बलूच की धरती पर तांडव नृत्य!
इस्लामिक देश में शिव स्तुति।
भगवान शिव की जय।
हिंगलाज माता की जय।
सनातन धर्म की जय।
Did You Know The Most Famous Mountain On Earth Is Named After A Man Who Didn't Even Measure It!
In 1852, Indian Mathematician Radhanath Sikdar used Raw Trigonometry to calculate the height of "Peak XV" from 100+miles away, exact 29,000 ft
Yet it was Named Everest.
Why??
An Indian institute filmed a professor teaching classical physics with no notes, no slides, and a green board. Almost nobody outside India watches it.
This is Classical Physics, lecture 1, taught by V. Balakrishnan at IIT Madras, published free by NPTEL, India's national open courseware programme.
Balakrishnan taught at IIT Madras for decades. Students who sat in that room describe the same thing: the whole subject held in his head, delivered in order, no paper on the podium.
Lecture 1 is the introduction. What classical mechanics claims, where the claims hold, and the exact points where they stop holding and quantum takes over.
Watch how he speaks. Complete sentences, no filler, each idea finished before the next begins. Rare in any lecture hall on any continent.
A physicist I know worked through the whole NPTEL series and rates it above the western courses he paid for.
Free on YouTube, 17 years online, low resolution, no marketing.
The teaching was never concentrated in the famous universities.
दीमक रुपी आरक्षण जो देश को खा रहा -
देश में आरक्षण की शुरुआती व्यवस्था 1902 से ही है, जब कोल्हापुर रियासत में पिछड़े वर्गों के लिए यह व्यवस्था लाई गई।
लेकिन बात करते हैं 1950 से पहले की जब इसकी संवैधानिक व्यवस्था की गई ।
तो जानते हैं की किसने दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को सरकारी व्यवस्था से दूर रखा ।
तो आज़ादी से पहले देश की शासन व्यवस्था अंग्रेज़ों के हाथ में थी।
ब्रिटिश भारत में सरकारी नियुक्तियों का अंतिम अधिकार अंग्रेज़ी शासन के पास था। भारतीय समाज के किसी वर्ग को नियुक्तियों पर संवैधानिक नियंत्रण प्राप्त नहीं था।
उससे पहले देश के ज़्यादातर हिस्से पर मुगलों का शासन था।
अब बात करते हैं उससे पहले की इतिहास की ।
उससे पहले ,
राजस्थान के कई क्षेत्रों में मीणा शासक हुआ करते थे एवं उनका काफ़ी प्रभाव था।
वो तो ब्रिटिशर्स थे, जिन्होंने कुछ मीणा समूहों को Criminal Tribes Act के अंतर्गत “क्रिमिनल ट्राइब” घोषित कर दिया।
कई यादव राजवंशों का उल्लेख भी आपको भारतीय इतिहास में मिल जाएगा।
उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में अनेक पासी सरदारों और गढ़ों का उल्लेख इतिहास में है।
गोंड भारत की सबसे बड़ी जनजातियों में से एक हैं। मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और विदर्भ) में कई गोंड राजवंशों ने सदियों तक शासन किया। गढ़ा-कटंगा, देवगढ़, चांदा और खेड़ला जैसे गोंड राज्यों का इतिहास अच्छी तरह प्रलेखित है।
महाराष्ट्र में महार समुदाय (जिससे बाबा अंबेडकर आते थे) के कई लोग गाँवों के वतनदार और सैन्य अधिकारी थे।
ये तो हो गई इतिहास की बात, जो वर्तमान में मायने नहीं रखती।
अब आते हैं शादी की बात पर तो वो मैं पहले ही लिख चुका हूँ की भारत में शादी को लेकर कई सामाजिक मान्यताएँ हैं, पारंपरिक सामाजिक रीति-रिवाज हैं।
दलित वर्ग में भी शादी को लेकर उपजातियाँ देखी जाती हैं।
ब्राह्मणों में भी एक ही गोत्र में शादी नहीं होती।
और वैसे भी शादी नितांत ही निजी विषय है।
एक वर्ग की शादी अन्य वर्ग में न हो, इसका आरक्षण से कोई सरोकार नहीं है।
जहाँ तक जातिगत टिप्पणी की बात है तो सिर्फ़ दलित ही नहीं, कई बार ब्राह्मण अधिकारी को भी जाति-सूचक टिप्पणी झेलनी पड़ती है।
अगर वाक़ई में आरक्षण को सामाजिक न्याय के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता, तो समय के साथ आरक्षण लेने वालों की संख्या घटती जाती।
लेकिन ये बस राजनीतिक हथियार बनकर रह गया, इसीलिए आरक्षण लेने वालों की संख्या बढ़ती रही।
दिक्कत मात्र ये है कि जो वर्ग आरक्षण का लाभ लेकर ऊपर उठ चुका है, वो आरक्षण छोड़ना नहीं चाहता। और इसके लिए तमाम कुतर्क ढूँढे जाते हैं।
सदियों की कहानियाँ गढ़ी जाती हैं।
वंचितों का हक़ सिर्फ़ वही खा रहे हैं, जो समृद्ध होकर भी वंचित होने का दिखावा कर रहे हैं।
किसी भी इलाज की एक तय सीमा होती है कि वह बीमारी को कितने वक्त में खत्म करेगा।
यहाँ तो 75 साल हो गए, बीमारी साल-दर-साल बढ़ती ही जा रही है!
Credit -@dranuj_k ji
I am disturbed because every protest in India seems to have the same script.
1. Abuse Lord Ram.
2. Abuse Bharat Mata.
3. Abuse PM Modi.
4. Abuse PM Modi’s late mother.
5. Abuse Brahmins.
6. Abuse Hindutva.
No discussion.
No solutions.
Only slogans, abuse, and chaos.
The opposition seems to be living under the illusion that one day they will be able to create a Nepal-like situation in India.
No trade deal with the US has even been signed yet, but some farmers are already ready to block Delhi.
This is becoming a circus.
How can a nation progress when so many people are willing to protest first and verify facts later?
The people of entire Kashmir are ready to march towards Muzaffarabad tomorrow.
A message from the people of Kashmir to Asim Munir and the Pakistani forces:
Tell those you have sent in uniforms that if they have the courage.
They should try to stop the long march tomorrow.
@BIHARSS1 बिल्कुल यही स्थिति माध्यमिक स्तर पर भी है जहां सामाजिक विज्ञान में पांच विषय और विज्ञान में तीन विषय सम्मिलित होने के बाद भी शिक्षक के पदों का आवंटन न्यूनतम रखा गया है।
क्या पार्टी की भलाई के लिए सच बोलने , पार्टी के लिए मजबूती एवं ईमानदारी से काम करने वालों के लिए अब जगह नहीं बची है राष्ट्रीय जनता दल में ? . अनुशासनहीनता के झूठे आरोप गढ़ कर सारण के प्रवक्ता श्री हरेलाल यादव का छहः वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासन उन लोगों के द्वारा की गयी दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई है , जो पार्टी को लगातार कमजोर कर रहे हैं , पार्टी में रहते हुए पार्टी और संगठन के साथ विश्वासघात कर रहे हैं ...
सारण का पूरा जिला संगठन वैसे लोगों के कब्जे में है जो कहने को तो पार्टी में हैं , मगर हकीकत में विरोधियों के इशारे पर काम करते हैं, चुनाव में पार्टी विरोधी काम करते हैं .. सारण का हर एक विधायक , हर पार्टी पदाधिकारी पूरी तरह से निष्क्रिय है और जो लोग पार्टी की भलाई के लिए जनता के बीच जाते हैं , पार्टी से जुड़े लोगों - कार्यकर्ताओं - समर्थकों के सुख - दुःख को साझा करते हैं , उनको ही ये निष्क्रिय एवं साजिश करने वाले लोग टारगेट करते हैं ..
संजय यादव या उसके ही जैसे लोगों पर सवाल उठाने वालों पर ही अगर कार्रवाई करनी है , तो सबसे पहले मुझ पर कार्रवाई करने की हिम्मत जुटाएं , मैं आज भी पार्टी में हूँ और पार्टी को संजय यादव , रमीज, सुनील सिंह जैसे लोगों के चुंगल से छुड़ाने के लिए लगातार अपनी आवाज उठा रही हूँ , आगे भी उठाती रहूँगी , मैं लालू जी की बेटी हूँ कभी गलत के सामने घुटने नहीं टेकूँगी और मेरा साथ देने वाले लोग भी किसी निष्कासन की कार्रवाई की परवाह किए बिना मेरे साथ मजबूती से खड़े ही रहेंगे ..
फिर से दुहराती हूँ नाहक ही किसी निर्दोष, ईमानदार, जमीनी कार्यकर्त्ता , जिला स्तर के किसी पदाधिकारी को टारगेट किया जाना सरासर गलत और पार्टी के हित में नहीं है ..
यादव परिवार की जमीनें उज्जैन और आसपास किन इलाकों में हैं?
रिपोर्ट में गंगेड़ी, करड़िया, चंदेसरा, उन्हेल जैसे कई नाम सामने आते हैं.
कई जमीनें नए हाईवे और मास्टर प्लान वाले इलाकों से जुड़ी बताई गई हैं.
देखिए Indian Express Investigation, @saurabhtop के साथ.
#CMMohanYadav #MohanYadav #JayMazoomdar #Ujjain #indianexpresshindi
मोहन यादव परिवार के जमीन कारोबार में किन चेहरों की बड़ी भूमिका है?
रिपोर्ट में गोविंद यादव और नीलेश यादव के नाम अहम तौर पर सामने आते हैं.कंपनियों, पार्टनरशिप और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की पूरी कड़ी क्या है?
देखिए Indian Express Investigation, @saurabhtop के साथ.
पैंतीस सौ के चक्कर में ये पुलिस वाले ना अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं बल्कि पूरे बिहार पुलिस और मुख्यमंत्री तक को बदनाम करवा रहे हैं …जितने भी पुलिसकर्मी इसमें दिख रहे हैं उनपर ऐसी करवाई कीजिए की दूसरों के लिए सीख हो @bihar_police@samrat4bjp
IGIMS से गरीब मरीजों के लिए आने वाली मुफ्त सरकारी दवाइयां बाहर की दुकानों में मिलीं। दुकानदारों पर कार्रवाई हुई है, लेकिन क्या सवाल सिर्फ दुकानदारों पर कार्रवाई का है?
सरकारी दवा अस्पताल से बाहर पहुंची कैसे? कौन लोग जिम्मेदार हैं? किसकी निगरानी में गरीबों के हिस्से की दवा बाजार तक पहुंच गई?
अगर अस्पताल के अंदर से सिस्टम फेल नहीं हुआ होता, तो ये संभव कैसे होता? सिर्फ नीचे के लोगों पर कार्रवाई करके मामला खत्म नहीं होना चाहिए। जांच अस्पताल प्रबंधन, दवा स्टोर और पूरी सप्लाई चेन तक जानी चाहिए।
नए स्वास्थ्य मंत्री @Nishantjdu जी से अपेक्षा है कि इस मामले में सिर्फ नोटिस नहीं, जवाबदेही तय होगी और जो भी जिम्मेदार हों उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
गरीबों की दवा पर किसी का खेल नहीं चलना चाहिए।
EXCLUSIVE:
During Annual Day programme of Kids World English School in Partur, Jalna — school children danced on the Pakistani song of "Gustakh Nabi Ki Ek Saza..." with dummy swords.
In the background, they had celebrated with photo of Pakistani terrorist Mumtaz Qadri, who had assassinated Pakistan's Punjab Governor — as he had spoken in defence of a Christian woman Asia Bibi, accused of blasphemy.
This school claims to be affiliated with CBSE board ( @cbseindia29), and allegedly is promoting extremist ideology amongst children.
We urge @NCPCR_ to immediately take cognizance of the matter, and direct security agencies to investigate it and take appropriate action.
cc: @DGPMaharashtra, @sp_jalna
The Red Corridor is Dead!
In April 2026, HM @AmitShah Ji declared Bharat Naxal-Mukt in Parliament. Dandakaranya, the ancient heartland, has been reclaimed as the Indian State finally restored its Weberian monopoly on legitimate violence after 50 years of leftist betrayal. 🧵1/10
22 लाख छात्रों की मेहनत पर हर बार एक पेपर लीक भारी पड़ जाता है।
10 साल में 89 पेपर लीक और 48 री-एग्जाम बता रहे हैं कि सिस्टम पूरी तरह फेल है।
आख़िर कब तक छात्रों का भविष्य सिर्फ़ जांच और खानापूर्ति के भरोसे रहेगा?
#NEET