मेरा स्टैंड ये है 👇
• धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही चाहिए
• मोदी प्रधानमंत्री के रूप में सबसे खराब है
• युवाओं पर लाठी चलवाना कतई गलत है
• युवाओं की मांग जायज है
• CJP को BJP ने ही खड़ा किया है, विपक्ष को कमजोर दिखाने के लिए, इनके झांसे में ना आएं
श्री सुधांशु त्रिवेदी ने चार मुद्दे उठाये:
हर आंदोलन में एक से नारे क्यों लगते हैं
आंदोलनकारी ग़ैर-राजनीति का मुखौटा पहन कर राजनीति करते हैं
तीसरा कांग्रेस की चार राज्य सरकारें गुजरात मॉडल जैसा मॉडल क्यों नहीं पेश कर रही हैं
राजस्थान में भी पेपर लीक हुआ था।
मेरा जवाब:
केवल जंतर - मंतर को जेल नहीं बनाया था !
बल्कि मेट्रो स्टेशन को भी अस्थाई जेल के रूप में प्रयोग किया गया था ।
युवाओं ने सलाखें तोड़ दिया💪🔥
लेकिन कुछ गद्दार अंग्रेजों के साथ भी खड़े थे और आज भी खड़े थे 👇
“पुलिस वाले गुंडे बने हुए हैं । बच्चियों के कपड़े फाड़े गए हैं। ये नया भारत है ? भारत माता के सीने पर चोट है।”
~ डिंपल जी
शायद आज से पहले कभी भी डिंपल जी को इतने गुस्से में किसी ने नहीं देखा होगा और ये गुस्सा जायज़ है।
More power to you and the students ✊🏾
संसदीय विपक्ष से बड़ी लकीर खींचने के लालच में सोनम वांगचुक वीके सक्सेना के ज़रिये लाये गये लेकिन अब कंट्रोल रूम वाला मंच गायब है, सड़क पर युवाओं का आंदोलन ज़िंदा है.
सोशल मीडिया पर वीडियो देख कर अगर देश के तमाम हिस्सों से लोग चल पड़े तो "दिल्ली सीज़" कई दिन भी चल सकता है.
ये वीडियो वायरल है. आज विजेता प्रोटेस्ट में दिखा भी नहीं.
इसी तरह पूरे वक्त दीपके ट्रक पर बैठा रहा, लोग नीचे मार खाते रहे. रांका और दास जेपी नड्डा के घर पड़े रहे.
लाठियां युवा खा रहे हैं, बाकी ये सब अपनी मौज में हैं. दीपके को लाठी पड़ते एक वीडियो दिखा दीजिए आप, नहीं मिलेगी.
ये नया भारत है,
नए भारत में पेपर लीक पर छात्र सवाल नहीं पूछ सकते !
विरोध करने पर लाठियाँ मारी जाती हैं,आँसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं,निरंकुश सत्ता पत्थर मारती है,इंटरनेट बंद कर दिया जाता है।
नए भारत में सवाल पूछने पर आपको पाकिस्तानी कह दिया जाता है !
ये नया भारत है !
एक ऐतिहासिक घड़ी के गवाह बन रहे हैं।
आज संसद की ओर जाने वाली हर सड़क पर युवा हैं। पचास साल बाद उन्होंने फिर याद दिलाया है - संसद का रास्ता सड़क से होकर जाता है।
#संसद_मार्च#DharmendraPradhanResign
देश की जनता को मोदी जी के आह्वान पर अमल करना चाहिए 👇
"ये दिल्ली की सल्तनत के अंत का आरम्भ हो चुका है। देश के नौजवान इस बात को लेकर आगे बढ़ें, ये समय की माँग है। ये ज़ुल्म के सामने जंग ही रास्ता है। ज़ुल्म के सामने झुकना इस देश की मिट्टी में नहीं है दोस्तों।"
जब हमारी बारी आएगी तब हम किसी को 'वोट' नहीं करेंगे !
आज पुलिस वालों ने खुद बेटियों के कपड़े फाड़े हैं, ये लोग क्या हमारी सुरक्षा करेंगे : छात्राओं को सुनिए
आज का छात्र प्रदर्शन अद्भुत रहा है.
साल 1992 से दिल्ली में आंदोलनों को देखने के अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि यह विरोध सबसे बड़ा है.
निर्भया आंदोलन के बाद शायद पहली बार और तब से ज़्यादा आँसू गैस के गोलों का इस्तेमाल हुआ है.
प्रदर्शन केवल जंतर-मंतर और संसद मार्ग तक सीमित नहीं था. मध्य दिल्ली में और मेट्रो स्टेशनों पर भी छात्र अपना विरोध जता रहे थे.
यह मेरे देखते छात्रों का सबसे बड़ा विरोध है.
दिल्ली पुलिस ने जो भी इंतज़ाम किया था, वह असफल रहा है. पुलिस की कई व्यवस्थाएँ नाकाम रहीं.
सरकार और पुलिस यह अंदाज़ा लगाने में भी नाकाम रही कि कितने छात्र आयेंगे.
पहली बार मैंने देखा है कि मेनस्ट्रीम मीडिया सरकार के साथ पूरी तरह से खड़ी है. ऐसा पहले के प्रदर्शनों में नहीं होता था.
प्रदर्शनकारियों और यूट्यूबरों के वीडियो सरकार और गोदी मीडिया के सारे नैरेटिव को ध्वस्त कर चुके हैं.
दुनिया देख रही है. मोदी सरकार के लिए यह बहुत बड़ा झटका है.
जंतर-मंतर पर जहां बीते कई दिनों से सीजेपी का विरोध प्रदर्शन चला, वहां सोमवार शाम को क्या देखने को मिला?
वीडियोः सुमेधा पाल (@Sumedhapal4 ) और रुबाइयत बिस्वास