उपहार जैसे हादसे पर बात करना और वो भी उस मां से जिसने उस हादसे में अपने दोनों बच्चों को खो दिया हो..बहुत मुश्किल था मेरे लिए। समझ नहीं आ रहा था कि क्या पूछूं और कैसे पूछूं !
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Teachers Federation of India के बैनर तले देश के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लाखों शिक्षकों ने रामलीला मैदान दिल्ली पहुँच कर बता दिया कि शिक्षकों के साथ अन्याय को बर्दास्त नहीं किया जायेगा ।रैली में उपस्थित सभी शिक्षकों ने साफ़ कहा कि भर्ती के समय सरकार द्वारा जो भी नियम और योग्यता निर्धारित की उसे अर्जित करने के बाद ही सभी शिक्षक नियुक्ति पाये है ।सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपा जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा ।शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्ति सरकार द्वारा की गई इसलिए उसकी सेवा शर्तों की सुरक्षा का दायित्व भी सरकार का है ।फेडरेशन ने माँग की कि भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के retrospective effect को समाप्त करने के लिये क़ानून बनाए ।
रैली के मुख्य अतिथि मा सांसद श्री जगदंबिका पाल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा हम देश के शिक्षकों की आबाज को देश यशस्वी प्रधानमंत्री जी तक पहुँचाएँगे और शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जायेगा ।
हम देश भर से आये सभी साथियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं ।
#NoTetBeforeRteAct
@narendramodi@jagdambikapalmp@dpradhanbjp@AmitShah@PMOIndia
रामलीला मैदान से उठी आवाज़ अब पूरे देश में गूंजेगी 🔥
दिल्ली के रामलीला मैदान में आज जो एकजुटता दिखी, उसने साफ कर दिया—
अब शिक्षक सिर्फ मांग नहीं कर रहा, अपना हक़ लेने निकला है।
देशभर से आए हजारों शिक्षकों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि
यह मुद्दा अब किसी एक राज्य का नहीं, पूरे देश का है।
हर नारा, हर आवाज़ एक ही संदेश दे रही है—
अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं!
सरकार सुन ले—
ये आवाज़ दबेगी नहीं, ये आंदोलन रुकेगा नहीं।
✊ शिक्षक एकता ज़िंदाबाद
✊ हक़ की लड़ाई जारी है
#JusticeForTeachers
#notetbeforerteact
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@TFI_2025
4 अप्रैल… सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि शिक्षक सम्मान की निर्णायक घड़ी है।
जब आवाज़ दबाई जाती है, तब एकजुट होकर उठना पड़ता है।जब हक छीना जाता है, तब संघर्ष ही रास्ता बनता है।
दिल्ली चलो — क्योंकि अब चुप रहना विकल्प नहीं है। सभी ब्लॉक के साथियों से आग्रह है कि अपना नाम समय से दर्ज कराएं, ताकि यात्रा और व्यवस्था में कोई बाधा न आए।4 अप्रैल को CL लेकर इस आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें — आपकी मौजूदगी ही आपकी पहचान है।
याद रखिए —बिना संघर्ष के न सम्मान मिलता है, न अधिकार।
हर जोर जुल्म की टक्कर मेंसंघर्ष हमारा नारा है।
#JusticeForTeachers
#notetbeforerteact
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#Ramayana
#NoTetBeforeRteAct
"TET , ये सिर्फ एक परीक्षा नहीं… ये पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है!
जिन हाथों ने पीढ़ियों का भविष्य गढ़ा, आज उन्हीं को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।
क्या अब शिक्षक होना ही गुनाह बन गया है…?
अनुभव को कुचलकर जो कानून थोपा गया है, वो शिक्षा नहीं — अन्याय की जंजीर है!
राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय डॉ दिनेश चंद शर्मा जी के आह्वान पर, TFI के बैनर तले अब हर शिक्षक 4 अप्रैल को दिल्ली चलने के लिए तैयार है।
क्योंकि ये लड़ाई कहीं और नहीं… दिल्ली से ही लड़ी जा सकती है!
और इस बार दिल्ली से उठी ये आवाज़, भारत की सत्ता को हिला कर रख देगी!
इसी सिलसिले में सभी गांवों और सभी विद्यालयों में जाकर,
माननीय मंत्री जी के साथ श्री विपिन उपाध्याय जी, श्री अजय निरंजन जी, श्री सुशील श्रीवास्तव जी और मैं नाजिर अली ने जनसंपर्क कर
सभी साथियों को 4 अप्रैल को दिल्ली चलने के लिए आमंत्रित किया है!"
@DrDCSHARMAUPPSS
बच्चे के जन्म के ठीक बाद, महिला को अपने पति के साथ की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है। पति की अपनी पत्नी के प्रति देखभाल की ज़िम्मेदारी भी उतनी ही ज़रूरी है।
बहुत धन्यवाद माननीय इस मांग की बल पूर्वक आवाज देने के लिए @raghav_chadha@DrDCSHARMAUPPSS
#NoTetBeforeRteAct
शिक्षकों की EL जैसी समस्याओं पर टीचिंग पीरियड का बहाना बनाने वाले अधिकारी,आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर थोपी गई tet की अनिवार्यता समाप्त करने एवं ओपीएस बहाल करने जेसे मुद्दों पर चुप्पी साधने वाली सरकारों को भीड़ बढ़ाने के लिये ही शिक्षकों की याद आती है ।स्कूलों तक किताबें पहुँचाने में कोताही बरतने वाले अधिकारी शिक्षकों को भीड़ में शामिल कराने के लिए बसों की व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरतते हैं |हम प्रधानमन्त्री @narendramodi ji अनुरोधकरतेहैं कि अधिकारियों के आदेश पर विभिन्न जयन्ती,पुण्यतिथि एवं उद्घाटन कार्यक्रम में भीड़ के रूप में शोभा बढ़ाने वाले इन शिक्षकों की समस्याओं का संज्ञान लेने की कृपा करें |
#04_April_MarchToDelhi#NoTetBeforeRteAct
आगामी 04 अप्रैल को रामलीला मैदान में होने वाली महा रैली की तैयारियों को दृष्टिगत रखते उत्तर प्रदेश के संगठन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक संपन्न हुई जिसमें उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के सभी जिला अध्यक्ष और मंत्रियों ने भाग लिया ।सभी ने अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने का संकल्प लिया ।
प्रश्न: कुछ शिक्षक संगठन विभागीय टीईटी की मांग राज्य सरकारों से कर रहे हैं इस पर TFI का क्या रुख है?
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा: जो शिक्षक संगठन ऐसी मांग कर रहे हैं उनके शिक्षक हितैषी संगठन होने पर संदेह है।
जब तत्कालीन पात्रता अर्जित करके सरकार ने शिक्षक पद पर नियुक्त प्रदान की है तो बार बार नियम बदल कर परीक्षा क्यों दी जाए।
"अपने जीवन की अंतिम सांस तक इस अंधे कानून के ख़िलाफ़ लड़ा जाएगा।"
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@TFI_2025 @vipinUPPSS