विज्ञान और तकनीक से भागें नहीं...
राष्ट्र-कल्याणकारी सोच के युवा विज्ञान एवं तकनीक के साथ जुड़ेंगे तो स्वयं भी मजबूत होंगे, राष्ट्र को भी मजबूत बनाएंगे...
भारत एक सेक्युलर देश है
इसलिए एक देश एक विधान लागू होना चाहिए
वक्फ बोर्ड खत्म होना चाहिए और एक देश एक दान संहिता, एक देश एक संपत्ति संहिता और एक देश एक धर्मस्थल संहिता लागू होना चाहिए
अन्यथा सेक्युलर शब्द हटाकर हिंदू जैन बौद्ध सिख यहूदी पारसी ईसाई और बहाई बोर्ड बनाना चाहिए
Mughal empire abolished this exemplary university. Respect to Modiji for giving his time and thoughts in the education field. I hope their will more reforms in education.
Delighted to witness the inauguration of the new campus of the Nalanda University by Prime Minister @narendramodi today in Rajgir.
@nalanda_univ today represents the revival of a global bridge of learning that can build relationships even further than in the past.
Realizing our commitment to the East Asia Summit and the Act East policy, Nalanda contributes to the rejuvenation of civilizational linkages, celebration of our shared cultural heritage and appreciation of the immense diversity of our existence
🔗:https://t.co/EhtpnhNI07
बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी काशी में मां गंगा के यशस्वी पुत्र प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी...
प्रधानमंत्री जी ने कल 18 जून 2024 को काशी में दशाश्वमेध घाट पर उत्तरवाहिनी मां गंगा की विधिवत वैदिक रीति से पूजन-आरती कर समस्त देशवासियों के सुखमय जीवन की कामना की।
I feel broken while seeing the defeat of BJP from Ayodhya....Hindus made us mocked their...highly condemned .such people in India made us ruled by britishers.
I'm acutely confused to hear about the celebration of Congress Party !
BJP-240 + NDA = 292
Congress-98 + INDI Alliance = 232
First time, I am hearing that there is celebration after losing an election! 3rd consecutive win of NDA means the nation trust @narendramodi ji🙏
बुजुर्ग बताते हैं कि पहले जब केदारनाथ,बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री की यात्रा पर निकलते थे तो घर में सबसे मिलकर विदा लेते थे। कई जगहों पर तो सभी दान पूरे करके यात्राओं पर जाते थे। घर की समस्त जिम्मेदारियों को सौंप कर यात्रा पर निकलने का विधान था। यात्रा पर गए व्यक्ति की वापसी होगी या नहीं यह कन्फर्म नहीं होता था। इसके पीछे कई कारण थे। और सबसे मुख्य कारण था। उपरोक्त जगहों का महात्म्य। जहां जाकर आदमी खुद से मिलता था। और असीम शांति और सुकून का अनुभव करता था।
पहले यात्राएं शौकिया नहीं की जाती थी। इन यात्राओं का महत्व था। खराब पैदल रास्ते और मौसम आदमी की जान भी ले सकते थे इसलिए घरों में यात्रा पर निकले आदमी के नाम का शोक तक मना लेते थे।
जो यात्रा पर निकलता था उसका एकमात्र मकसद ईश्वर प्राप्ती था। ईश्वर से मुलाकात के लिए वह इन कठिन रास्तों पर निकलता था।
यात्राओं में मौन धारण करना अति आवश्यक था। आप पूरे रास्ते वार्तालाप नहीं कर सकते थे। आपको घर से निकलने के साथ ही मौन धारण करना होता था। और आप तब तक शांत रहते थे जब तक आप किसी अनुभव तक न पहुंच गए हों।
पांडव याद होंगे आपको महाभारत के बाद पांडवों ने अपने कुल अपने गोत्र को तारने के लिए शिव दर्शन हेतु यात्रा शुरू की। हिमालय की यात्रा। पांडवों को आता देख जब शिव केदार आ बसे। उसके बाद पांडव सीधे स्वर्ग गए। यही मान्यता है कि यह आपकी यात्रा आपके लिए सीधे स्वर्ग के द्वार खोलती है।
बाद में पांडवों के वंशज जन्मेजय ने इधर मंदिर निर्माण करवाया और शंकराचार्य ने इसका जीर्णोद्धार करवाया। शंकराचार्य ने भी कहा था कि पांडवों की तरह आप भी अपने लिए स्वर्ग के द्वार खोल सकते हैं। लेकिन अब तो शंकराचार्य खुद ब्लॉगिंग यात्रा पर होते हैं। यह यात्रा आपको सांसारिक चीजों से जोड़ने की यात्रा नहीं है। आपकी ब्लॉगिंग की यात्रा नहीं है। उसके लिए पहाड़ों में केदारनाथ से ज्यादा ऊंचाई पर बहुत सारे अन्य पहाड़ मौजूद हैं। आप उत्तराखण्ड एक्सप्लोर कीजिये आपको प्रकृति की सुंदरता चहुं ओर मिलेगी।
इस जगह को सिर्फ धार्मिक यात्रा तक रहने दीजिए। यहां ढोल बजाने का रिवाज नहीं, बल्कि मौन चलने का रिवाज है।
✍️ Kamal Pant
#kedarnath #Viralvideo
Kejriwal is in jail during election... Indi alliance is getting panic attacks .try to join the dots...
Highly condemned whosoever is related to this..why schools ?
कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों के लोग देश को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। अपनी हार का ठीकरा EVM पर डालना चाहते हैं।
जो लोग EVM को आज नकार रहे हैं, ये वही लोग हैं, जो 'बैलेट' लूटने का काम करते थे...