23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में वह खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसी बातें कह रहा हैं।
वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की बेटी निशु, थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि “अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे।” साथ ही उनका दावा है कि वे जेल तक नहीं गए और “कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं”, “चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं” तथा “सबका सपोर्ट है।"
तो सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया?
“कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?”
आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। जय भीम, जय भारत।।
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
बाबा साहब का जीवन हमें यह सिखाता है कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो इतिहास बदला जा सकता है। जिस समाज में दलित, वंचित और शोषित वर्ग को सदियों तक दबाकर रखा गया, उसी समाज में उन्होंने शिक्षा, संघर्ष और अपने अदम्य साहस के बल पर उन्हें सम्मान और अधिकार दिलाने की राह दिखाई।
उन्होंने केवल संविधान नहीं लिखा, बल्कि उसमें हर उस व्यक्ति की उम्मीद को जगह दी, जिसकी आवाज़ कभी सुनी नहीं गई थी। समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों को उन्होंने सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि पूरे देश की आत्मा में बसाने का काम किया।
बाबा साहब का दिया संदेश—“शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो”—आज भी हर उस व्यक्ति के लिए मार्गदर्शन है, जो अपने हक़ और सम्मान के लिए खड़ा होना चाहता है।
आज उनकी जयंती पर हम सभी का यह दायित्व है कि हम उनके विचारों को सिर्फ याद न करें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारें और एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान दें जहाँ कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे।
बाबा साहब सिर्फ एक महान नेता नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के आत्मसम्मान और उम्मीद की सबसे बड़ी ताकत हैं।
#जय_भीम
#BabaSahebDrBRAmbedkar
26 जनवरी सिर्फ एक तारीख नहीं है,
यह उस ऐतिहासिक संकल्प का दिन है जब भारत ने स्वयं को संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया।
26 जनवरी 1950 को हमारे संविधान ने देश के हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार दिया। यह दिन हमें याद दिलाता है कि यह देश किसी एक वर्ग, विचारधारा या सत्ता का नहीं, बल्कि जनता का है।
गणतंत्र दिवस हमें बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी और संविधान निर्माताओं के उस संघर्ष की याद दिलाता है, जिन्होंने एक ऐसे भारत की नींव रखी जहाँ आख़िरी पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी अधिकार और सम्मान के साथ जी सके।
आज का दिन सिर्फ तिरंगा फहराने का नहीं, बल्कि
संविधान की रक्षा करने,
लोकतंत्र को मज़बूत करने
और सामाजिक न्याय के संकल्प को दोहराने का दिन है।
आइए, गणतंत्र दिवस पर यह प्रण लें कि हम संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता की रक्षा के लिए हर स्तर पर खड़े रहेंगे।
🇮🇳 जय संविधान | जय लोकतंत्र | जय हिंद 🇮🇳
#RepublicDay2026
महान समाज सुधारक, शिक्षाविद् और सामाजिक न्याय के प्रणेता महात्मा ज्योतिबा फुले जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन।
गरीबों, दलितों, पिछड़ों और नारी शक्ति के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष ने भारत को समानता और शिक्षा का मार्ग दिखाया।
उनकी विचारधारा आज भी हमें न्यायपूर्ण समाज के निर्माण की प्रेरणा देती है।
@BhajanlalBjp इस फैसले पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है प्रदेश के युवाओं का हक कहीं ना कहीं मारा गया है युवा आक्रोशित है एक बार पुनः विचार करने की आवश्यकता है !!
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जो नेता कांग्रेस छोड़कर जा रहे हैं उन्हें कांग्रेस ने पहचान दी, केन्द्रीय मंत्री, राज्य में मंत्री बनाया, पार्टी में बड़े पदों पर बिठाया परन्तु पार्टी के मुश्किल वक्त में वो पार्टी छोड़कर भाग रहे हैं।
कई लोग कह रहे हैं कि उनके ऊपर केन्द्रीय एजेसिंयों का दबाव है इसलिए भाजपा में जा रहे हैं। ये वक्त किसी दबाव के आगे झुकने का नहीं है बल्कि लोकतंत्र को बचाने और देश के भविष्य के लिए संघर्ष करने का है।
हमें गांधी परिवार से प्रेरणा लेनी चाहिए जिनमें श्री राहुल गांधी एवं पूरे परिवार को कई-कई दिनों तक ED ने पूछताछ के बहाने परेशान किया, उनकी संसद सदस्यता रद्द कर दी, घर तक खाली करवा दिया पर वो हर दबाव का मुकाबला मजबूती से कर रहे हैं। देशभर में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के माध्यम से अन्याय, महंगाई, नफरत और बेरोजगारी के खिलाफ यात्रा कर जनजागरण का काम कर रहे हैं। राजनीति में मुकाबला इस तरह डटकर किया जाता है।
आज देश में हर संस्थान पर दबाव है और हर व्यक्ति तनाव का माहौल महसूस कर रहा है। इस तनाव और दबाव का मुकाबला करना है जो सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है। कांग्रेस ही इस देश के लोकतंत्र को मजबूत और सुरक्षित रख सकती है।
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन जी, के खिलाफ ED के अधिकारियों ने मीडिया के साथ मिलकर कुचक्र रचा है। झूठी, दुर्भावनापूर्ण व आदिवासी अपमानजनक दिखाने वाली खबरें फैलाकर चरित्र हनन किया गया है। इन ED अधिकारियों के खिलाफ SC ST Act के तहत FIR दर्ज हुई है। गिरफ्तार करें। #ISupportHemantSoren
"आज सड़कों पर उतरा जनसैलाब" हम इस देश से इस मनुस्मृति रूपी ईवीएम को हटाकर रहेंगे जिसने हमारे हक अधिकारों को छीना है और हमें गुलाम बनाने का काम किया। #चुनाव_आयोग_पर_महामोर्चा#ऐसी_तैसी_डेमोक्रेसी
संसद द्वारा हाल में पारित भारतीय न्याय संहिता में "हिट एंड रन" दुर्घटना के मामले में 10 वर्ष की सजा और 7 लाख रुपए अर्थदंड का प्रावधान किया है ,यह कहीं से भी न्यायोचित नहीं है!
कोई भी ड्राइवर ऐसी घटना जानबूझ कर नहीं करता और मैं देशभर में हो रहे वाहन चालकों के आंदोलन का समर्थन करता हूँ!
मोदी सरकार को मेरा सुझाव है कि वो इस विषय में ड्राइवरों और दुर्घटना पीड़ितों के हितों को ध्यान में रखकर पर पुनर्विचार करें अन्यथा जल्दी ही वाहन चालकों के आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया जाएगा और जब तक इस कानून में न्यायोचित संशोधन नहीं होगा , ये संघर्ष जारी रहेगा।
#TruckDriversProtest
#हिट_एण्ड_रन_कानून
यू पी में नेताओं पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
वंचित समाज के लिये बहादुरी से लड़ने वाले युवा नेता चंद्रशेखर आज़ाद पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला यू पी में जंगलराज की हक़ीक़त बयाँ करता है।
हमलावरों पर सख़्त कार्यवाही की जाय।