This now looks strategic. A segment of the right wing has been deployed to amplify support for the police crackdown on journalists and creators. The way they went after @dilnawazpasha, one of the finest in the industry, is hard to miss.
जैसा कि एक बूढ़े ने कहा था उपद्रवियों को कपड़ों से पहचानिये।
ये जितने भी बैठे हैं गाड़ी में, कोई संत महात्मा कोनी, दिल्ली पुलिस के ‘हिंसा मित्र’ हैं। इसलिये हथियारों से भरी गाड़ी को ख़ुद रास्ता देकर भगाया पुलिस ने।
ये @thepeeinghuman हैं जिन्हें पुलिस Detain कर रही है
पर उससे भी बड़ी बात है कि जब उन्हें घसीट कर ले जाया जा रहा था
तब एक गुंडा भी उसे पुलिस के साथ मारता नज़र आ रहा है
पुलिस ने आज पूरे दिन कुछ गुंडों को संरक्षण दिया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
Video साभार @udayfromearth
लोग नारे नहीं लगा सकते, कैमरे से वीडियो नहीं बना सकते, बिना किसी अपराध लोगों को घर से पुलिस उठा ले जा रही है, प्रोटेस्ट मार्च नहीं कर सकते, हज़ारों को हिरासत में लिया जा रहा है, मीडिया को हटाया जा रहा है, एक पूरे इलाक़े में कर्फ़्यू है.
बताओ, आज तो खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी ही लगा दी पाकिस्तान ने. ये सरकार ही अराजक है.
पूरा वीडियो अंत तक देखिए
निहत्थे छोटे छोटे बच्चों को 6-6 बैरिकेड लगाकर रोकने वाली दिल्ली पुलिस हथियारों और डंडों से भरी गाड़ी को गुंडों समेत सेफ्टी से निकाल रही है।
पत्रकार और पास खड़े लोग बार बार पुलिस के जवानों को गाड़ी की तलाशी लेने को कहते हैं, लेकिन वो उसे भगा देते हैं।
"Tired of going to the Supreme Court again and again, I don't feel there is any use of going to the Supreme Court, I have lost trust,"- Sr Adv Kapil Sibal.
"We go to the Court, but I don't know if we will get any relief. The people of the country feel that this Government should go. If anybody can save the Constitution in these times, it is the Supreme Court of India. But I am tired of keeping on going to the Supreme Court. I am speaking for myself. I don't think there is any use of going there. I don't have much trust in the Supreme Court of India. Whatever has to happen, will happen."
"We told the Supreme Court many times that the voters' names are being wrongly deleted and wrongly included, we argued for months. The evidence is before the public. And the appellate tribunals now say 93% of the voters were wrongly removed. So the Supreme Court must have known. But no relief was given. So I am speaking for myslef, I don't have [faith]" - @KapilSibal says.
अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद तो गुंडागर्दी पर उतर ही आई - RSS-BJP के असली गुंडों को भी महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की खुली छूट और बढ़ावा दे रही है।
जैसा मैंने कहा था, Mogambo Modi और उसकी सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।
सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी - पहले से कहीं ज़्यादा।
@AmitShah, जितनी पुलिस लानी है, 10 हज़ार, 20 हज़ार, 40 हज़ार, ले आइए। BJP-RSS के जितने गुंडे बुलाने हैं, बुला लीजिए।
हम डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है!
सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून के संरक्षक आंखों पर पट्टी डाल कर नहीं बैठ सकते।
संविधान की धज्जियां उड़ेंगी और हम चुप बैठेंगे? ऐसा हरगिज़ नहीं होगा। जवाबदेही तय करवाकर रहेंगे!