जब से होम गार्ड (Home Guard) का रिजल्ट आया है, लगातार बच्चों के कॉल्स और मैसेजेस आ रहे हैं कि "सर, मेरा नहीं हुआ"। कट-ऑफ इतना हाई चला गया है जिसका किसी को अंदाज़ा तक नहीं था। दिन-रात मेहनत करने वाले बच्चे इस वक्त बहुत ज़्यादा निराश और परेशान हैं।
मेरी भर्ती बोर्ड से सीधी मांग है कि जल्द से जल्द सभी कैंडीडेट्स का 'Scorecard' जारी किया जाए।
जब तक स्कोरकार्ड नहीं आएगा, तब तक सिस्टम में पारदर्शिता कैसे दिखेगी? एक निष्पक्ष प्रक्रिया हर बच्चे का हक है ताकि उन्हें उनके मार्क्स का सही पता चल सके।
#HomeGuardResult #Release_HG_Scorecard
@UPGovt
एक और पेपर लीक 👇
महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हो गया है। कल ये परीक्षा होने वाली थी, जिसे रद्द कर दिया गया है।
BJP की सरकार में कोई ऐसा पेपर नहीं, जो लीक नहीं होता। ये सरकार 'पेपर लीक सरकार' बन चुकी है।
कई मौकों पर मैने देखा है कि योगी जी जनता के साथ अमानवीय व्यवहार करते हैं,
ये सरासर सत्ता का घमंड हो सकता है।
आज जिस स्थिति में महिला सवाल कर रही है, उस स्थिति में कोई भी ऐसे बात नहीं कर पाएगा,
मै खुद अपने आप को संभाल नहीं पाता, फिर भी महिला आराम से बात कर रही है,
लेकिन फिर भी आप कह रहे हो कि
"भाषण मत दो"
सत्ता किसी की जगीर नहीं रही है, ये ध्यान में होना चाहिए।
क्या यह सच है कि इतनी भयंकर त्रासदी में अपने बच्चे खो देने वाले अभिभावकों से यह कैसे कहा गया “अभी भाषण मत सुनाइए”
थोड़ी तो संवेदनशीलता, थोड़ा तो शिष्टाचार दिखाइए योगी जी
आप सूबे के मुख्यमंत्री हैं - वीडियो डिलीट करने से बात नहीं बनेगी
CHINA का एजुकेशन बजट : $800B
INDIA🇮🇳 का एजुकेशन बजट : $12B
"और हम विश्वगुरु बनना चाहते हैं, वो मुमकिन नहीं है क्योंकि 80 करोड़ लोग अभी भी 5 किलो फ्री राशन ले रहे हैं" 😭
Abhinay Sir ने लाखों स्टूडेंट्स के सामने BJP सरकार की पोल खोल दी 🔥
ये संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
एक महिला जिसने अपना बेटा खोया है योगी जी उनसे कह रहे हैं “भाषण मत दीजिए”
योगी अग्निशमन विभाग का सिपाही आरोप लगा रहा है “3 लाख बुलेट 11 लाख में खरीदी गई”
4 मंजिला इमारत कैसे बन गई?
इन मुद्दों पर आप ही भाषण दे दीजिए योगी जी।
जनरल कैटेगरी के गरीब बच्चों को हक दिलाने के लिए मोदी सरकार ने EWS कोटा बनाया था
ताकि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को सहारा मिले,
लेकिन देश की सबसे बड़ी परीक्षा UPSC में जो हुआ, उसने सबको हिलाकर रख दिया है।
इस साल UPSC में EWS कोटे से 104 लोग सेलेक्ट हुए...
जब Indian Express ने इसकी तहकीकात की तो होश उड़ाने वाला सच सामने आया।
इन 104 में से 84 लोग वो निकले जो अमीर परिवारों से हैं,
जिन्होंने लाखों रुपए की महँगी कोचिंग ली, जो एक-डेढ़ लाख सालाना फीस वाले स्कूलों में पढ़े और जिनके माता-पिता बड़े बिजनेसमैन हैं।
अभी तो राम मंदिर के चढ़ावे की चर्चा हो रही अगर मंदिर बनाने के लिए लोगों द्वारा दिए गए हजारों करोड़ के चंदे की जाँच की जाए,
तब भी कई बड़े मुर्गे पकड़ में आएँगे।
12 सालों में अगर भ्रष्टाचार नहीं खत्म कर पाए तो क्या कर पाए तुम -
1- थानों में भ्रष्टाचार चरम पर है
2- लेखपाल, डीएम, SP, साइबर क्राइम थाना, सब भ्रष्ट हैं
3- तहसील, कचहरी, कृषि भवन, में भ्रष्टाचार भरा पड़ा है
4- प्रधान, बीडीसी, जिलापंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, सांसद, मंत्री , मुख्यमंत्री सब भ्रष्ट हैं।
5- भगवान के मंदिर में आपके नाक के नीचे से चोरी हो गई, ये कैसी चौकीदारी है?
आज के भाषण में बयान कम, धमकी अधिक क्यों थी?
आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन?
सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके नहीं तो अयोध्या मंडल ही नहीं, पूरे उप्र में भाजपा का सूपड़ा साफ़ होना तय है।
भौतिक रूप से भ्रमण कर, उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही विवादास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घेरे में है।
आज वहाँ चेहरा उतरा हुआ क्यों था?
आवाज़ को तो जानबूझकर ऊँची करने का प्रयास पूरा था लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था?
इस बार अपने ख़ास लोगों से मिले क्यों नहीं?
जनता कह रही है ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ नहीं ‘सोने का सोना, चाँदी की चाँदी’ करें। चढ़ाए गये पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा बहुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी हिसाब देना ही पड़ेगा।
एक रिपोर्ट में आया है कि गड़करी के रोज रोज के झमेलों से कन्फ्यूज 43% लोगों ने नई गाड़ी खरीदने से मना कर दिया है
PM पद की आस लगाए @nitin_gadkari की साख पे एथेनॉल ने तगड़ी चोट लगा दी है.. देशभर में चर्चा है कि गडकरी अपने बेटों के कारोबार को फायदा पहुंचाने के लिए ये सब कर रहे हैं
BIG BREAKING | राम मंदिर दान चोरी का मामला। बाथरूम में नकदी छिपाते थे, जेवरातों का हिसाब गायब, जमीन खरीद में करोड़ों की लूट। कौशलपुरी में होता था बंटवारा। SIT इन्वेस्टिगेशन नहीं बल्कि इंक्वायरी कर रही है। नियमित आपराधिक जांच अभी नहीं।
राम मंदिर की दानराशि में कथित हेरफेर के मामले में लगातार नए और गंभीर खुलासे सामने आ रहे हैं। प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, दान की गिनती के दौरान नकदी को चुराकर बाथरूम में छिपाने और फिर रिश्तेदारों व परिचितों के जरिए बाहर पार कराने का खेल चल रहा था।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दान की गिनती से जुड़े कुछ लोग नकदी को पहले अलग करते थे और बाद में उसे बाहर पहुंचाया जाता था। आरोप है कि इसी पैसे से जमीन और संपत्ति खरीदने तक की बात जांच में सामने आई है।
मामले में दूसरा बड़ा एंगल चढ़ावे के जेवरातों का है। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रस्ट पदाधिकारी चढ़ावे में आए सोने-चांदी और बहुमूल्य जेवरातों का स्पष्ट हिसाब नहीं दे पा रहे हैं। SIT ने अनिल मिश्रा, गोपाल राव और टिन्नू यादव से लंबी पूछताछ की है। चंपत राय से भी सवाल पूछे जाने की बात रिपोर्ट में सामने आई है।
जांच में रामलला को उपहार में मिले बहुमूल्य हार और चरण पादुका का मामला भी पहेली बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रामलला को भेंट किया गया बहुमूल्य हार और चरण पादुका आखिर कहां गए और उनका पूरा रिकॉर्ड किसके पास है।
सबसे बड़ा नया मोड़ ट्रस्ट की जमीन खरीद से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, SIT ने 2021 से अब तक ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनों के दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। जमीन खरीद की प्रक्रिया, मूल्यांकन, भुगतान और खरीद में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि दानराशि में हेरफेर की जांच के बीच राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे पर भी असर पड़ा है। सवाल अब यह है श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दान, जेवरात और जमीन खरीद जैसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता की जिम्मेदारी किसकी थी?
#BigNews #RamMandir @ShriRamTeerth@ayodhya_police@Igrangelucknow@dmayodhya
धर्मेंद्र प्रधान जी के नेतृत्व में RE NEET का पेपर बहुत ही शानदार तरीके से हो रहा हैं ,
नागपुर के मोहम्मद तालिब का एग्जाम सेंटर Abudhabi दे दिया गया हैं !
मोहम्मद तालिब तुम्हे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं हैं , मैं आबुधाबी में ही रहता हूं ,
रहने खाने की चिंता मत करना , मैं सब इंतजाम कर दूंगा !
और किसी का एग्जाम सेंटर आबुधाबी में हो तो मुझसे संपर्क कर सकता हैं !
"अबू धाबी सेंटर मिलने से बेटा पूरी रात रोया, अब नीट नहीं देना चाहता"
◆ नागपुर के नीट परीक्षार्थी अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब के पिता ने कहा
Nagpur | NTA | @NTA_Exams | #NEETReExam | Abu dhabi | #Abudhabi
मोबाइल पर घटिया नेटवर्क.
ये एक मुद्दा है जिस पर बहुत कम चर्चा होती है. भुगत हर कोई रहा है.
एक कॉल तक मुश्किल से हो पाती है.
कॉल ड्रॉप ने दुखी कर रखा है...
मेरी नजर में सबसे घटिया नेटवर्क @reliancejio का है...
आपको कौन सा लगता है. और क्या कोई है जिस पर पोर्ट कर काम चल सके??
नितिन गडकरी भड़वे 👇
इथेनॉल के ब्रांड एंबेसडर भाजपा नेता परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को गाड़ी मालिक ने दी ताबड़तोड़ गलियां
इथेनॉल युक्त पेट्रोल डालकर लोग मेहनत की जमा पूंजी से खरीदी गाड़ी को ,बर्बाद नहीं करना चाहते ,कब समझेंगे भाजपा नेता
कल लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कोचिंग नगरी कोटा में थे। एक नए अंदाज़ में उन्होंने युवाओं और छात्रों के साथ देश में शिक्षा के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा की।
अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर से श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए करोड़ों रुपये की चोरी का मामला असंख्य लोगों की श्रद्धा और विश्वास को आहत करने वाला तथा राम जन्मभूमि की महिमा को कलंकित करने वाला कृत्य है।
यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं पर लालची और चरित्रहीन प्रवृत्ति के लोगों द्वारा किया गया बड़ा आघात है। यह एक अत्यंत असामान्य स्थिति है-अपराध भी और महापाप भी।
जिन्होंने भी यह काम किया है, वे कितने महापापी लोग होंगे कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी मंदिर जाकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार प्रभु की सेवा के लिए दान करता है, लेकिन कुछ लोगों ने उसी पवित्र भावना, श्रद्धा और विश्वास को अपनी लालच से कलंकित का दुस्साहस किया।
राम जन्मभूमि मंदिर भारतीय जनमानस की सदियों पुरानी आस्था, संघर्ष, श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थान में इस तरह का महाभ्रष्ट, अनैतिक और घोर निंदनीय आचरण पूरे समाज को आहत कर रहा है।
यह एक अक्षम्य अपराध है। जिसने भी इस कलंक को जन्म दिया है, जो कोई भी इसमें शामिल है, उसे कठोरतम दंड मिलना चाहिए। आस्था के नाम पर मिले धन में हाथ डालना करोड़ों लोगों के विश्वास के साथ विश्वासघात है।
सत्य सामने आना चाहिए, दोषियों की पहचान होनी चाहिए, एक-एक पैसा वापस आना चाहिए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ऐसी सख्त व्यवस्था होनी चाहिए कि कोई भी व्यक्ति आस्था को अपनी निजी लालच का साधन बनाने का साहस न कर सके।