विधायक @BRSiyol जी ग्राम पंचायत श्री रामनगर में 30 मई को आए तूफान से बहुत सख्या में पोल गिर गए हैं जो अभी तक ठीक नहीं हुए हैं
लगाई हुई कपास की फसल जल रही हैं
बाकी की फसल लगाने के लिए लाइट की जरूरत है
बिल तो टाइम पर भरवा लेते हो
तो टाइम पर किसान का काम भी होना चाहिए
@ccc_jdvvnl जल्द संज्ञान ले gss माणका नाडा ओसियां से फिल्टर महादेव नगर की 3फेस लाइन 30 मई को तुफान से गिर गई थी जो अभी तक ठीक नहीं हुई है
कपास की फसल बिन पानी नष्ट हो रही है
किसान की कोई नहीं सुन रहा है
बोल रहे हैं कि ख़ुद ही ठीक करो तो हम बिल किस लिए भर रहे है
Three hours. That's all it takes to choke your voice under the new IT (Amendment) Rules, 2026. As citizen-privacy and free-expression grapple for breath, dangers of excessive State-oversight loom larger than ever.
I write ✍️ in @IndianExpress
यह क्षण मेरे जीवन के उन दुर्लभ अनुभवों में शामिल हो गया, जिन्हें शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना आसान नहीं होता।
परम पूज्य Dalai Lama से मस्तक से मस्तक स्पर्श के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत भावपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव रहा।
तिब्बती बौद्ध परंपरा में मस्तक को ज्ञान, चेतना और उच्च आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसलिए ऐसा स्पर्श केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि करुणा, शांति और आत्मिक ऊर्जा का गहरा संदेश माना जाता है। तिब्बती संस्कृति में इस forehead to forehead blessing को “Odu” कहा जाता है, जिसे आशीर्वाद के सबसे गहरे और पवित्र रूपों में से एक माना जाता है।
विश्व शांति, करुणा और मानवता के प्रतीक परम पूज्य Dalai Lama से मिला यह आशीर्वाद मुझे हमेशा स्मरण कराएगा कि सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा धर्म सत्ता नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और मानवता है।
#DalaiLama #Blessings #DivvyaMahepalMadernna
यह क्षण मेरे जीवन के उन दुर्लभ अनुभवों में शामिल हो गया, जिन्हें शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना आसान नहीं होता।
परम पूज्य Dalai Lama से मस्तक से मस्तक स्पर्श के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत भावपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव रहा।
तिब्बती बौद्ध परंपरा में मस्तक को ज्ञान, चेतना और उच्च आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसलिए ऐसा स्पर्श केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि करुणा, शांति और आत्मिक ऊर्जा का गहरा संदेश माना जाता है। तिब्बती संस्कृति में इस forehead to forehead blessing को “Odu” कहा जाता है, जिसे आशीर्वाद के सबसे गहरे और पवित्र रूपों में से एक माना जाता है।
विश्व शांति, करुणा और मानवता के प्रतीक परम पूज्य Dalai Lama से मिला यह आशीर्वाद मुझे हमेशा स्मरण कराएगा कि सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा धर्म सत्ता नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और मानवता है।
#DalaiLama #Blessings #DivvyaMahepalMadernna
Life कोई 'Reel' नहीं है जो 30 सेकंड में वायरल हो जाए!"
असली जिंदगी संघर्ष के पसीने से लिखी जाती है, मोबाइल के फिल्टर से नहीं। भगत सिंह ने 23 की उम्र में फांसी के फंदे को चूमकर इतिहास बदल दिया था, और आज हम इसी उम्र में 'कम्फर्ट जोन' के कैदी बने हुए हैं। अपनी प्रोफाइल नहीं, अपनी प्राथमिकताएं बदलिए। जहाज किनारे पर सुरक्षित जरूर रहता है, पर वो किनारे के लिए बना नहीं है।
#divvyamahepalmadernna #IYC #Sansad #YouthParliament
ओसियां में बीती रात हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर गहरी चोट की है। खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं, और हजारों किसान परिवार इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि उन परिवारों की उम्मीदों पर भी बड़ा आघात है, जो पूरे साल की मेहनत के बाद फसल पर निर्भर रहते हैं।
संबंधित मामले में प्रशासन द्वारा तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का विस्तृत आंकलन किया जाए और नुकसान का सही सर्वे किया जाए, ताकि किसी भी किसान के साथ अन्याय न हो।
साथ ही, राज्य सरकार से मेरा आग्रह है कि पीड़ित किसानों को शीघ्र आर्थिक संबल देने के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए, ताकि इस कठिन समय में उन्हें सहारा मिल सके।
मोदी जी
Living God ❌
Line of God ✅
🔸 नोटबंदी : जनता लाइन में
🔸 कोरोना : ऑक्सीजन के लिए लाइन
🔸 महंगाई : गैस सिलेंडर के लिए लाइन
🔸 पेट्रोल : जनता लाइन में
मेरे पिता स्वर्गीय महिपाल मदेरणा जी ने 2008 के चुनाव में ओसियां की जनता से कहा था— “अगर आप मुझे विधानसभा की सीढ़ियाँ चढ़ने का मौका देंगे, तो मैं हिमालय का पानी यहाँ लाऊँगा और अपनी बहनों के सिर से घड़ों का बोझ उतार दूँगा।” और उन्होंने इस वादे को निभाया।
राजस्थान के रेगिस्तान में सबसे बड़ी चुनौती हमेशा ‘पानी’ रही है। एक समय था जब हमारी माताओं-बहनों को पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर घड़े ढोने पड़ते थे।
जल संसाधन मंत्री बनते ही उनका पहला निर्णय ओसियां की पेयजल परियोजना पर हस्ताक्षर करना था, जिसका परिणाम आज हर घर तक पहुँच रहा मीठा पानी है।
अब यह मेरी जिम्मेदारी है कि इस विरासत को आगे बढ़ाऊँ। मैंने भी अपनी पारी में 103 पानी की टंकियों का शतक लगाया है, क्योंकि ओसियां के हर घर तक पानी पहुँचाना मेरे लिए सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि एक कर्तव्य है और इस संकल्प के साथ मैं निरंतर आगे बढ़ रही हूँ।
#Rajasthan #Osian #Jodhpur #DivvyaMahepalMadernna #Congress
मैं एक किसान परिवार से आती हूँ और मेरी जड़ें ही मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं।
एक किसान वर्ग की महिला के रूप में मुझे राष्ट्रीय स्तर पर ज़िम्मेदारी मिली है, और जम्मू-कश्मीर का सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य यहाँ से बिल्कुल अलग है।
यह अवसर मुझे आदरणीय @RahulGandhi जी ने दिया है। उनकी एक बहुत स्पष्ट सोच है कि वे उन मेहनतकश लोगों को निश्चित रूप से अवसर देते हैं, जिनमें वैचारिक प्रतिबद्धता (Ideological Commitment) होती है, जो जनता के लिए काम करना चाहते हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मेहनत करते हैं। उनके इसी विश्वास का नतीजा है कि मैं आज इस भूमिका में हूँ।
#divvyaMahepalMadernna #rajasthan #osian #jodhpur #RahulGandhi
केर-सांगरी केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि मारवाड़ के अस्तित्व और जिजीविषा की कहानी है। तपते रेगिस्तान की विषम परिस्थितियों में, जब पानी की हर बूंद के लिए संघर्ष होता है, तब भी यह अपनी जड़ों से जुड़े रहकर अकाल के समय जीवन का सहारा बनती रही है।
खेजड़ी का पेड़ भी ऐसे ही दौर में जीवनदाता रहा है , जब बारिश नहीं होती थी, धान नहीं उगता था और संसाधन सीमित होते थे, तब लोग खेजड़ी के तने की छाल को पीसकर उसके आटे से अपना जीवन यापन करते थे। यह हमें सिखाता है कि सबसे कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
यही कारण है कि मुझे आदरणीय @RahulGandhi जी केर-सांगरी का स्वरूप प्रतीत होते हैं जो पिछले 11 वर्षों से विषम परिस्थितियों में भी देश के लिए दृढ़ता से खड़े हैं और आज भी देश की आवश्यकता बनकर उभरते हैं। वे उस अटूट संकल्प के प्रतीक हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी झुकना नहीं जानते।
वहीं, मेरे लिए शुद्ध देसी घी मेरे पूजनीय दादाजी, स्वर्गीय परसराम मदेरणा जी का प्रतीक है। मेहनत से अर्जित वह खरा सोना, जो न केवल पोषण देता है बल्कि जिसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर हर राजस्थानी को अटूट विश्वास है। हमारी परंपरा में भी यज्ञ की आहुति घी के बिना पूर्ण नहीं मानी जाता है । ठीक उसी तरह, जीवन में मूल्यों और संस्कारों का स्थान भी अपरिहार्य है।
#KhaneMeKyaHaiWithDivvyaMahepalMadernna #rajasthan #osian #jodhpur #RahulGandhi #ParasramMaderna
खाने में क्या है?
@kunalvijayakar के साथ एक छोटा सा प्रयास अपनी संस्कृति, अपने स्वाद और अपनी जड़ों को दुनिया के साथ साझा करने का।
यह मुलाकात सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रही, यह उन परंपराओं, उन यादों और उस मिट्टी से जुड़ने का एहसास थी, जो हमें आज भी अपनी पहचान से जोड़े रखती हैं।
ओसियां की कचौरी से लेकर बाजरे के सोगरे तक हर निवाला एक कहानी, हर स्वाद एक विरासत।
शुद्ध शाकाहारी देसी मारवाड़ी थाली, आत्मीयता से भरी मनवार और बातचीत। यही तो है हमारी असली पहचान।