कुछ साल पहले जिस तरह एक पूरा कुनबा एकजुट होकर ब्रजभूषण शरण सिंह के चरित्र पर कीचड़ उछालने में लगा हुआ था, आज वही मानसिकता फिर से जाग उठी है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार उनका निशाना जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह हैं।
जिस व्यक्ति को जनता ने वर्षों तक सम्मान दिया, जिसे क्षेत्र ने विकास और नेतृत्व का प्रतीक माना,उसे गिराने के लिए एक बार फिर वही पुराना “झुंड तंत्र” सक्रिय हो गया है। आरोपों की आंधी खड़ी कर दो, माहौल बना दो, सच्चाई बाद में देखी जाएगी,यही इनकी रणनीति है।
लेकिन याद रखना चाहिए कि नेताओं को जनता बनाती है, और जनता ही सच-झूठ की परख सबसे अच्छी करती है। किसी व्यक्ति का राजनीतिक, सामाजिक या व्यक्तिगत आखेट करना न तो लोकतंत्र की भाषा है और न ही न्याय की।
सोचिए, क्यों हर बार वही लोग एक खास अवसर पर “नैतिकता की मशाल” लेकर अचानक प्रकट हो जाते हैं?
क्यों हर बार किसी एक छवि को ध्वस्त करने की कोशिशें एक संगठित अभियान की तरह नज़र आती हैं? ✍️The Thakur Force
#dhananjaysingh
@arvindchotia@BhajanlalBjp अरे भाई कब से लिख रहे हो मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए तो फिर आपके काका भजनलाल जी को भी इस्तीफा देना चाहिए वो भी मुख्यमंत्री है लेकिन वो तो आपके पड़ित है तो आपके भाई है इस लिए उनके बारे मे कुछ नहीं बोलोगे
बीजेपी के पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी बोले—रविंद्र सिंह भाटी तो भूत बनकर सबके अंदर घुस गया है!
जहां जाओ वहां बस भाटी के दीवाने ही नज़र आते हैं।
लोकप्रियता का ऐसा जलवा कम ही देखने को मिलता है।
"राजनीति के चक्कर मे आकर दलित, पिछड़े, क्षत्रिय आपसी भाईचारा खराब न करे, क्योंकि सभी चले जायेंगे, गाँवो में आपको ही रहना है, इसलिए आपसी सहयोग बनाकर रहें"
ये सुनकर अच्छा लगा कि वीडियो में दोनों जैन भाई इस बात को गर्व से स्वीकार रहे हैं कि हम राजपूतों/क्षत्रियों से निकले हैं ,
वैसे जैनों के 24 तीर्थंकर क्षत्रिय ही थे....
इनके पापा का सपना है कि राजस्थान से बाहर भी हम राजस्थानी आर्किटेक्चर को लेकर जाए..
वीडियो देखे और शेयर करे
हम जो स्पेस में बैठकर राजनीतिक चर्चा करते हैं उसका पूरा सार आपको इस वीडियो में मिल जाएगा..
ऐसा बेबाक व्यक्तव्य वही दे सकता है जिसने कभी समाज के कोटे से चुनाव नहीं लड़ा हो
दो बार स्वयं के राजनीतिक कौशल से मंत्री पद प्राप्त किया हो ......
मै फिर कहता हूं प्रताप सिंह, धर्मेंद्र राठौड़ और गुढा तीनों वर्तमान 20 विधायकों के बराबर है
बिहार चुनाव में राजपूत वोटर्स की ताकत को लेकर बोलें राजीव प्रताप रूडी जी की आज की तारीख में 70 विधानसभाओं में से हम जितने की और जिताने की क्षमता रखते हैं जबकि भाजपा सरकार बिहार में राजपूतों को सिर्फ 3.5% प्रतिशत समझकर 40 से 50 लाख राजपूतों को नकार रही हैं जो की सरासर ग़लत हैं.
मैने बालियान के मित्रों को कहा कि क्यों इसको मरवा रहे हो जाट/राजपूत करके.... क्लब चुनाव तो होते रहेंगे...
मेरे क्षेत्र में जाट नहीं है लेकिन बालियान के क्षेत्र में 2 लाख राजपूत है क्यों बेचारे को मरवा रहे हो
इतनी नहीं उतारनी चाहिए थी बालियान जी की
जिस घर में करोड़ों की चोरी हुई हो,हथियार बंद चोर मारपीट करें और परिवार हताहत हो तब उनका नेता कम बेटा उनके पास पहुंचे और चेहरे पर मुस्कान आए तो इससे ज्यादा क्या चाहिए
वाकई में भाटी है तो भरोसा है
हरीश मीणा को सुनकर अच्छा लगा...
हमने इंसानों के साथ भगवान को भी जातियों में बांट दिया। पहले पूरे गांव का एक ही मंदिर होता था और वह ठाकुर जी का मंदिर होता था। अब हर जाति के अलग मंदिर हो गये हैं। एक जाति वाला दूसरी जाति वाले के मंदिर में नहीं जाता।
यह भेद किन लोगों ने और कैसे पैदा किया, हमें पता ही नहीं चल पाया। वैसे राजस्थान के पूर्व डीजीपी और टोंक सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद हरीश मीणा व्यक्तिगत रूप से कम्युनिस्ट हैं। कम्युनिस्ट मतलब अनिवार्य तौर पर नास्तिक। पुलिस में रहने तक का मुझे पता है। राजनेता बनने के बाद उनके विचारों में कोई परिवर्तन आया है तो मैं नहीं जानता। लेकिन उन्होंने अपने अनुभवों से बात बिल्कुल सही कही है।
कुल मिलाकर हिंदू समाज को टुकड़ों टुकड़ों में बांटने का एक गजब का उपक्रम इस देश में चला है और सफलतापूर्वक पूरा भी हुआ है।
इस स्थिति पर बात होनी चाहिए।
डांगरी, जैसलमेर…..
ये है घटना….👇👇👇
लाडू खान और आलम खान, हिरणों का शिकार करके जैसलमेर की होटलों में मांस सप्लाई करते थे….
खेत सिंह नामक युवक ने शिकार करने से रोका…
तीन दिन बाद दोनों ने मिलकर खेतसिंह को पीट पीट कर मार डाला….
साफ़ सीधी बात है कि…..
खेतसिंह की जगह मुस्लिम युवक होता…
तो कांग्रेस वाले अभी जैसलमेर में नंगा नाच कर रहे होते
विधानसभा सत्र छोड़कर जैसलमेर पहुँच जाते….
लेकिन मरने वाला राजपूत है…
और मारने वाले मुस्लिम….
ये दोनों परिस्थितियाँ अपणायत के ठेकेदारों को सूट नहीं करती….
जैसे नेता…. वैसे ही उनके चमचे….
इससे ज़्यादा दोगलापन और क्या ही होगा…???
SI भर्ती पर विधानसभा में मेहनती अभ्यर्थियों की भाटी ने उठाई आवाज
भाटी बोले ; "जो अपराधी थे, जिन्होंने गलत किया था, उनको सजा मिली या नहीं मिली ?"
पर..."जो लोग, जो बच्चे, अपनी मेहनत के बलबूते पे, खून पसीने की कमाई से, कोचिंग करके, बड़े शहरों में रहके, अपनी पूरी पूंजी लगाकर जो नौकरी लगे...जो साधारण बच्चे थे, जो ग्रामीण परिवेश से आने वाले थे...उन सभी की हत्या आप लोगों ने की है, आपके हाथ भी रंगे हुए हैं।"
हमारे समाज के चंद लोग….
केवल रीच के लिए, आए दिन रविंद्र सिंह भाटी पर अनाप-शनाप लिखते रहते हैं….
ये रहा हमारा समाज…..
और ये बैठे रविंद्र सिंह भाटी…..
क्या उखाड़ लिया उन लोगों ने….???
राजपूतों के खिंची चौहान वंश के धवल जी खिंची के घर जन्मे हमारे महान पुर्वज कुंवर तेजाजी महाराज के स्मरण दिवस तेजा दशमी पर सादर नमन 🙏 जिन्होंने गौरक्ष हित वचनपालन में अपना बलिदान दिया.!
#तेजा_दशमी