प्रेम पाना
आसान है
इसके लिए
अहँ को कूटना
पीसना है
बस थोड़ा-सा
सरल होना है
...और
सरल होना शायद!
कितना कठिन!!!
...पर मेरे लिए नहीं,
कबीर को थोड़ा तो समझा है!
- जया आनंद🌷
@raushanyaduvans
..
सुख
क्षणभंगुर है
मरू की मरीचिका की तरह...
पलक झपकते,
लुप्त हो जाता है..
दुःख
बूंद बूंद रिसता है..
आत्मा की दरारों से,
और पन्नों पर कविता बन कर
अमर हो जाता है...