एक तरफ़ बिहार बाढ़ में डूबा है, घर डूबे हैं, चूल्हे बुझ गए हैं, बाढ़ पीड़ित भूखे-प्यासे मदद की राह देख रहे हैं।
दूसरी तरफ़ मरीन ड्राइव पर करोड़ों रुपये खर्च कर दीये जलाए जा रहे हैं,जश्न मनाया जा रहा है।
एक तरफ़ भूख का अँधेरा,
दूसरी तरफ़ दीयों की रोशनी।
एक तरफ़ खाना तक बनाने को तेल नहीं,
दूसरी तरफ़ दीयों में तेल की कोई कमी नहीं।
अन्धेर नगरी, चौपट राजा..
“Humanity First” said PM Modi at the BRICS SUMMIT.
Police in BJP governed UP state shows exactly how Humanity Works.
They have kicked and killed a pregnant woman while arresting her husband.
Delhi Police has already crossed all limits and here is another state police that is a champion humanitarian.
BJP has set new standards of humanity in each and every one its states.
लखीमपुर खीरी जिले के धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में खराब रास्ते और कीचड़ की समस्या को लेकर धौरहरा से भाजपा विधायक विनोद शंकर अवस्थी तथा ग्राम प्रधान के खिलाफ धरना देने व नारेबाजी करने वाले लोधी समाज के ग्रामीणों के साथ पुलिस की बर्बरता बेहद पीड़ादायक, गंभीर और चिंताजनक है।
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार देर रात धौरहरा पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंची और कई घरों में घुसकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई की। आरोप है कि इस दौरान गांव की बिजली भी काट दी गई, ताकि घटना का कोई वीडियो न बन सके। पुलिस की पिटाई में महिलाओं और बच्चों समेत 16 ग्रामीण घायल हुए हैं। घटना के बाद से पूरे गांव में डर और दहशत का माहौल है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि 5-5 साल के मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। परिजनों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने बच्चों को इस बेरहमी से पीटा कि यह तक नहीं देखा कि चोट शरीर के किस हिस्से में लग रही है। आरोप है कि कुछ बच्चों के गुप्तांग में भी चोटें आई हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, क्या बदहाल सड़क और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर आवाज उठाना इतना बड़ा अपराध है कि ग्रामीणों के घरों में घुसकर महिलाओं, बुजुर्गों और मासूम बच्चों तक को पीटा जाए?
@UPGovt से हमारी मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय हो, घायल ग्रामीणों और बच्चों को उचित उपचार एवं न्याय मिले तथा सिसैया खुर्द के खराब रास्ते की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जिस तथाकथित मीडियाकर्मी ने हंगामा किया है, वो @SureshChavhanke के चैनल में कार्यरत है। @Jour_Nadeem ने उस नफ़रती रिपोर्टर को मौके पर ही Expose कर दिया।
क्या लोकतंत्र में सवाल पूछना या सच दिखाना गुनाह है?
पटना मरीन ड्राइव पर प्रधानमंत्री के जन्मदिन के विरोध के दौरान एक 12 साल के बच्चे के साथ हुई इस अमानवीय मारपीट ने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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भेदभाव कभी आर्थिक आधार पर नहीं होता।
सोशलमीडिया पर दावा है कि बच्चे को जातिसूचक
शब्द कहकर क्लास से भगा दिया गया।
@Uppolice क्या मामला है जाँचे दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करें।
कांग्रेस के जमाने में जो पुल, सड़कें और रेल की पटरियां बनी थीं, उनकी लकड़ी और लोहा आज भी अपनी मजबूती की गवाही दे रहे हैं। तब शायद निर्माण ईमानदारी से होता था, इसलिए सदियों टिकने की गारंटी मिलती थी।
मगर आज की ‘स्पीड वाली सरकार’ में आलम यह है कि उद्घाटन का फीता कटने से पहले ही पिलर ऐसे घुटने टेक देते हैं, मानो उन्हें नींव की जगह सिर्फ विज्ञापन के सहारे खड़ा किया गया हो। उस दौर में देश की बुनियाद पक्की होती थी, और इस दौर में सिर्फ मंत्रियों के भाषण पक्के होते हैं—बाकी विकास तो पानी में बहने या हवा में ढहने के लिए ही बना है!