पति के पैर तुम छुओ, उसके नाम का सिन्दूर तुम लगाओ, उसके नाम का मंगलसूत्र तुम पहनो, उसके लम्बी उम्र का ब्रत तुम रखो, उसको देवता मान कर पूजा तुम करो और गुलाम मुसलमान औरते हैं?
सुनो मानसिक बीमार लोग, मुसलमान औरत पति के पैर नहीं छूती ना ही कोई ऐसा ढकोसला जिस से वो छोटी प्रतीत हो, वो सम्मान से बराबर से जीवन साथी की तरह जीती है!
गलती से भी वक़्फ़ एक्ट को न छेड़े सरकार।
अगर वक़्फ़ एक्ट में बदलाव हुआ तो सड़कों पर उतर जाएगा हिंदुस्तान का मुसलमान।
अभी हम मुसलमान शांत हैं, हमें भड़काने की कोशिश न करे सरकार।
अगर मुसलमान भड़क गया तो देश बंटवारे के कगार पर आ जाएगा।
कट्टरपंथी मौलाना साजिद रशीदी का विवादित बयान!