@Rudhrayadav001 ट्रेन स्टेशन पे रहेगी तभी रुक सकती है पैसेंजर को चढ़ने के लिए।
इस कंडीशन में अगर ट्रेन मैनेजर/ गार्ड ट्रेन को रोक भी देते तो रुकते रुकते पूरी ट्रेन प्लेटफार्म से बाहर हो जाती।
ऐसे में पैसेंजर को चढ़ने ओर उतरने की सख्त मनाही रहती है।
In a heartwarming incident, a young child accidentally broke a bike’s number plate while playing. Instead of running away out of fear, the child chose to stay there and patiently waited for the bike’s owner to arrive.
OFFICIAL CLARIFICATION
It has come to our attention that certain local media channels and social media handles are circulating reports alleging that two trains operated in opposite directions near Perungalathur.
We categorically deny this claim.
The visuals being circulated merely show trains standing one behind another awaiting signal clearance, which is a normal operational occurrence. These visuals have been falsely portrayed to mislead the public. The report is completely false, baseless, and misleading.
Train operations are governed by stringent safety protocols, advanced signalling systems, and continuous real-time monitoring to ensure the highest level of passenger safety at all times.
It has been observed that some media outlets and social media handles frequently circulate unverified and misleading information, creating unnecessary panic among the public and attempting to tarnish the image of the Railways. The dissemination of irresponsible and factually incorrect news not only misleads passengers but also undermines public confidence in a system that operates with strict safety standards.
We strongly urge media outlets and individuals to verify facts with official sources before publishing or sharing such sensitive information.
Passengers and the general public are requested not to believe or circulate unverified reports and to rely solely on official communications for accurate and authentic information.
इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..
याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें : जो आपको हमेशा स्वस्थ और सेहतमंद रखेंगी :-
1. दूध और नमक का संयोग किसी भी स्किन डीजीज को जन्म दे सकता है, बाल असमय सफ़ेद... होना या बाल झड़ना भी स्किन डीजीज ही है !
2. दही के साथ खरबूजा, पनीर, दूध और खीर नहीं खानी चाहिए
3. ठंडे जल के साथ घी, तेल, खरबूज, अमरूद, ककड़ी, खीरा, जामुन ,मूंगफली कभी नहीं
4. शहद के साथ मूली , अंगूर, गरम खाद्य कभी नहीं खीर के साथ सत्तू, शराब, खटाई, खिचड़ी ,कटहल कभी नहीं
5.घी के साथ बराबर मात्र में शहद और चीनी भूल कर भी नहीं खाना चाहिए ये तुरंत जहर का काम करेगा !
6.तरबूज के साथ पुदीना या ठंडा पानी कभी नहीं
7. चावल के साथ सिरका कभी नहीं !
8. चाय के साथ ककड़ी खीरा भी कभी मत खाएं !
9.खरबूज के साथ दूध, दही, लहसून और मूली कभी नहीं ।
◾कुछ चीजों को एक साथ खाना अमृत का काम करता है जैसे -:
1. खरबूजे के साथ चीनी
2.इमली के साथ गुड
3.गाजर और मेथी का साग !
4. बथुआ और दही का रायता !
5. मकई के साथ मट्ठा !
6. अमरुद के साथ सौंफ !
7.तरबूज के साथ गुड !
8. मूली और मूली के पत्ते !
9. अनाज या दाल के साथ दूध या दही !
10. आम के साथ गाय का दूध !
11. चावल के साथ दही !
12. खजूर के साथ दूध !
13. चावल के साथ नारियल की गिरी !
14. केले के साथ इलायची !
◾कभी कभी कुछ चीजें बहुत पसंद होने के कारण , हम उसे बहुत ज्यादा खा लेते हैं..जानिये अगर ज्यादा खा ली हैं तो , उसे कैसे पचाया जाएँ :-
1. केले की अधिकता में दो छोटी इलायची !
2. आम पचाने के लिए आधा चम्म्च सोंठ का चूर्ण और गुड !
3.जामुन ज्यादा खा लिया तो 3-4 चुटकी नमक !
4.सेब ज्यादा हो जाए तो दालचीनी का चूर्ण एक ग्राम !
5.खरबूज के लिए आधा कप चीनी का शरबत !
6.तरबूज के लिए सिर्फ एक लौंग !
7. अमरूद के लिए सौंफ !
8. नींबू के लिए नमक !
9. बेर के लिए सिरका !
10. गन्ना ज्यादा चूस लिया हो तो 3-4 बेर खा लीजिये !
11. चावल ज्यादा खा लिया है तो आधाचम्म्च अजवाइन पानी से निगल लीजिये !
12. बैगन के लिए सरसो का तेल एक चम्म्च !
13. मूली ज्यादा खा ली हो तो एक चम्म्च काला तिल चबा लीजिये !
14. बेसन ज्यादा खाया हो तो मूली के पत्ते चबाएं !
15. खाना ज्यादा खा लिया है तो थोड़ी दही खाइये !
16. मटर ज्यादा खाई हो तो अदरक चबाएं !
17. इमली - उड़द की दाल - मूंगफली - शकरकंद या जिमीकंद ज्यादा खा लीजिये तो फिर गुड खाइये !
18. मुंग या चने की दाल ज्यादा खालिये हों तो एक चम्म्च सिरका पी लीजिये !
19. मकई ज्यादा खा गये हो तो मट्ठा पीजिये !
20. घी या खीर ज्यादा खा गये हों तो काली मिर्च चबाएं !
21. पूरी कचौड़ी ज्यादा हो जाए तो गर्म पानी पीजिये !
22. अगर सम्भव हो तो भोजन के साथ ,दो नींबू का रस आपको जरूर ले लेना चाहिए या पानी में मिला कर पीजिये या भोजन में निचोड़ लीजिये ,
80% बीमारियों से बचे रहेंगे !
◾अब ये जानिये कि किस महीने में क्या नही खाना चाहिए और क्या जरूर खाना चाहिए -:
🔹चैत में गुड बिलकुल नहीं खाना ,नीम की पत्ती /फल, फूल खूब चबाना।
🔹बैसाख में नया तेल नहीं खाना ,चावल खूब खाएं !
🔹जेठ में दोपहर में चलना मना है, दोपहर में सोना जरुरी है !
🔹आषाढ़ में पका बेल खाना मना है, घर की मरम्मत जरूरी है !
🔹सावन में साग खाना मना है, हर्रे खाना जरूरी है !
🔹भादो मे दही मत खाना, चना खाना जरुरी है !
🔹कुवार में करेला मना है, गुड खाना जरुरी है !
🔹कार्तिक में जमीन पर सोना मना है, मूली खाना जरूरी है !
🔹अगहन में जीरा नहीं खाना , तेल खाना जरुरी है !
🔹पूस में धनिया नहीं खाना, दूध पीना जरूरी है !
🔹माघ में मिश्री मत खाना ,खिचड़ी खाना जरुरी है !
🔹फागुन में चना मत खाना, प्रातः स्नान और नाश्ता जरुरी है।
पोस्ट स्वास्थ्य जानकारी हेतु रिट्वीट शेयर फालो जरूर करें धन्यवाद 💌😇
इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..
याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें : जो आपको हमेशा स्वस्थ और सेहतमंद रखेंगी :-
1. दूध ना पचे तो - सोंफ
2. दही ना पचे तो - सोंठ
3. छाछ ना पचे तो - जीरा व काली मिर्च
4. अरबी व मूली ना पचे तो - अजवायन
5. कड़ी ना पचे तो - कड़ी पत्ता
6. तेल, घी, ना पचे तो - कलौंजी
7. पनीर ना पचे तो - भुना जीरा
8. भोजन ना पचे तो - गर्म जल
9. केला ना पचे तो - इलायची
10. ख़रबूज़ा ना पचे तो - मिश्री का उपयोग करें
◾योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
◆ लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है।
◆ हाई बी पी में - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करें।
◆ लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें।
◆ कूबड़ निकलना - फास्फोरस की कमी।
◆ कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है। गुड व शहद खाएं।
◆ दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी।
◆ सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी।
◆ सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें।
◆ अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें।
◆ जम्भाई - शरीर में आक्सीजन की कमी।
◆ जुकाम - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें।
◆ ताम्बे का पानी - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें।
◆ किडनी - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये। गिलास एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता है।
◆ अस्थमा , मधुमेह , कैंसर से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं।
◆ वास्तु के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा।
◆ परम्परायें वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं।
◆ पथरी - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है।
◆ RO का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । पानी की सफाई के लिए सहिजन की फली सबसे बेहतर है।
◆ सोकर उठते समय हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का स्वर चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें।
◆ पेट के बल सोने से हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है।
◆ भोजन के लिए पूर्व दिशा , पढाई के लिए उत्तर दिशा बेहतर है।
◆ HDL बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा।
◆ गैस की समस्या होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें।
◆ चीनी के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से पित्त बढ़ता है।
◆ शुक्रोज हजम नहीं होता है फ्रेक्टोज हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है।
◆ वात के असर में नींद कम आती है।
◆ कफ के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है।
◆ कफ के असर में पढाई कम होती है।
◆ पित्त के असर में पढाई अधिक होती है।
◆ आँखों के रोग - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है।
◆ शाम को वात-नाशक चीजें खानी चाहिए।
◆ प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए।
◆ सोते समय रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है।
◆ व्यायाम - वात रोगियों के लिए मालिश के बाद व्यायाम , पित्त वालों को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । कफ के लोगों को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए।
◆ भारत की जलवायु वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए।
◆ जो माताएं घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं।
◆ निद्रा से पित्त शांत होता है , मालिश से वायु शांति होती है , उल्टी से कफ शांत होता है तथा उपवास ( लंघन ) से बुखार शांत होता है।
◆ भारी वस्तुयें शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है।
◆ दुनियां के महान वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों ,
◆ माँस खाने वालों के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं।
◆ तेल हमेशा गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए।
◆ छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है।
◆ कोलेस्ट्रोल की बढ़ी हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है। ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है।
◆ मिर्गी दौरे में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए।
◆ सिरदर्द में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें।