देखने की ख्���ाहिश तुझें ज़िन्दा हैं,
छूने की ख़्वाहिश तुझे ज़िन्दा हैं।
संग तेरे जीने की ख़्वाहिश ज़िन्दा हैं,
पाने की ख़्वाहिश तुझें ज़िन्दा हैं।
ये ख्वाहिशें ही ��ैं जिनकी वज़ह से,
मैं ज़िन्दा हु.. .दिल ज़िन्दा हैं।
@JashuMistry @fisheyedmeena @srishtiswaraj @singh_jagruti
कोई और याद आये,
ढले जब शाम उसका ख़्याल न आये।
बिखरे रंगों में सूरज के बेशक दिल डूब जाए,
ढले जब शाम उसका ख़्याल न आये।
थके तन कितना भी दिन भर पर मन थक न पाये,
ढले जब शाम उसका ख़्याल न आये।
ढले जब शाम उसका ख़्याल न आये।।
@shailjohn7@deeps_2112 @PreferLeft @JashuMistry @noopur1023
हैं गम किसे कौन यहां परेशां हैं,
सुबह हैं हर कोई ढूंढता बस अपने मक़ाम हैं।
हैं जो ख़यालों में वो भी खो गया हैं,
भीड़ में सब तितर-बितर हो गया हैं।
लौटेंगे फिर जब ढलेगा उजाला,
अभी तो हर कोई असलियत से बेख़बर हो गया हैं।
@shailjohn7@JashuMistry @PreferLeft @deeps_2112 @kr_kk9
दिल-ए-ज़ख़्मों ने जब अपनापन जताया,
मैंने नम आँखों से,हस् के सबको गलें लगाया।
कोई नहीं रहा साथी उम्र भर का,
बस दिल-ए-ज़ख्मों ने ही जीना सिखाया।
बन्द हुई, खुली जब भी आँखें,
बस इन्हें ही करीब पाया..बस इन्हें ही करीब पाया।
@shailjohn7@deeps_2112@lata_jaiswal@JashuMistry@reshu01