बांकीपुर ने इतिहास रच दिया! 🔥
जनता ने अपने वोट से बता दिया कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का ही होता है।
बांकीपुर में भाजपा का 30 वर्षों पुराना किला ध्वस्त हो गया। यह सिर्फ़ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि बदलाव की मजबूत दस्तक है।
बांकीपुर तो सिर्फ़ झांकी है... बिहार अभी बाकी है! 💪
@JioCare@reliancejio आप लोगों को मुर्ख क्यूँ बनाते हैं जियो फाइबर के नाम पर आज तक installation नहीं हुआ और पैसा पहले ले लिए, ये क्या मज़ाक है! उपभोक्ताओं के साथ |
सुनों हमारे भोले-भाले विद्यार्थी। शिक्षकों का कोई समर्थन नहीं होना चाहिए था, चाहे कोई भी हो। उसे आप पैसा दे रहे हैं, आप पढ़ रहे हैं।
आप पैसा देकर पढ़ रहे हैं तो सवाल पूछने का अधिकार आपका है। लेकिन आपने सवाल पूछना छोड़ दिया और भक्ति में लीन हो गए। आप शिक्षकों के हितैषी बन बैठे। एक अच्छा शिक्षक कभी भी अंगरक्षक लेकर नहीं चलेगा। और अगर किसी के द्वारा प्रोवाइड भी किया जाता है तो उसे नकार देगा। शिक्षक हो, कोई गांजा या सेक्स रैकेट चलाने वाला मास्टर नहीं हो कि सुरक्षा घेरे में घूमे।
देखो, हुआ क्या? जो मास्टर लुसेंट-स्पीडी का था, उसने बकचोदी करके, देहाती भाषा में लड़कियों पर कमेंट करके, पाकिस्तान पर शायरी पढ़कर, राखी बंधवाकर लोगों का दिमाग हाइजैक कर लिया। शिक्षक कभी भी भोज, लंगड़, बुलेट या थार देकर नहीं बनता। शिक्षक हमेशा शिक्षा के लिए जाना जाता है, विद्यार्थियों के हितों के लिए जाना जाता है। लेकिन ये हरामखोर लोग आपस में लड़ने लगें और पूरा माहौल सर्कस बना दिया।
सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि इन मूर्ख माफियाओं की वजह से अच्छे शिक्षक भी बदनाम हो रहे हैं। जो लोग ईमानदारी से पढ़ा रहे हैं, जिनका शिक्षा से सरोकार है, उनकी छवि भी इन तमाशेबाजों ने खराब कर दी। कुछ लोगों ने शिक्षण को ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि निजी ब्रांडिंग, भीड़ जुटाने और अंधभक्ति पैदा करने का धंधा बना दिया है।
विद्यार्थियों को तय करना होगा कि उन्हें शिक्षक चाहिए या हीरो, शिक्षा चाहिए या तमाशा। जिस दिन विद्यार्थी सवाल पूछना शुरू कर देंगे, उसी दिन इन स्वयंभू माफियाओं की दुकानें हिलने लगेंगी।
खैर हमें कोई मतलब नहीं है तुमलोग मूर्ख हो।
पढ़ाई पर ध्यान दों, लुसेंट खुद से पढ़ो, शान्ति बनाएं रखों।
#awareness
@JioCare@reliancejio@jio_fiber
मेरा jio fiber का installation कल 12 जून को होने वाला था appointment date खुद से jio ने तय किया आज आपका स्टोर मैनेजर माना कर रहा बोल रहा नहीं हो पाएगा 1 सप्ताह से अधिक समय लगेगा
क्या ये मेरे साथ धोखा नहीं है!
पांडव कुमार का दोष बस इतना था कि वो एक बिहारी था I महज़ ये पूछ कर की तुम बिहारी हो गोली चला देना और जान लेना ये दिखता है कि बिहारी शब्द से लोगों को घृणा कितनी है I
पांडव के लिए नहीं, अपने लिए आइए। अपने लिए नहीं तो अपने परिवार, मित्र, गांववालों के लिए आइए।
बिहार के लिए आइए, बिहारियों के सम्मान के लिए आइए। न्याय के लिए आइए, अधिकार के लिए आइए। शोषण के विरूद्ध आइए, बिहारियों के साथ देशभर में होने वाले हिंसा, अपमान के विरुद्ध आइए। रविवार 1 बजे जंतर-मंतर पर आइए।
जन सुराज @jansuraajonline के कार्यकर्ता जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली में बिहारी पहचान को गोली मारने की घटना के खिलाफ , पांडव कुमार के लिए न्याय की मांग के लिए प्रदर्शन हो रहा है। #pandavkumar#StopRacismAgainstBiharis
#Justice_For_रूचि_तिवारी भाई पढ़, सुन लो एक बात सीधी-सपाट! और सही लगे तो शेयर ज़रूर करदें
बीजेपी का राज़ हमेशा नहीं चलेगा, ये बात समझ लो। पहले क्या था? कांग्रेस का ज़माना, फिर बसपा-सपा का दौर आया, फिर अटल बिहारी वाजपेयी के समय बीजेपी उभरी सब बदलता रहता है! आज मोदी जी हैं, कल कोई और आएगा। नया दल आएगा, नई ताकत आएगी लेकिन हिंदुत्व का नाम मिटेगा नहीं, वो तो बना रहेगा।
अब ये जो मोदी भक्त चिल्ला-चिल्ला के 'BJP ज़िंदाबाद' कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए 1992 में बाबरी ढहाई किसने? बीजेपी ने नहीं, वो तो सिर्फ़ नाम ले रही थी। असली काम तो उन लाखों-करोड़ों करसेवकों ने किया था, जो जान जोखिम में डाल के वहाँ गए थे। पार्टी ने तो बस झंडा लहराया था, असली मेहनत तो उन गरीब-मजदूर-किसान-युवा करसेवकों की थी।
तो आज जब कोई बीजेपी का बचाव करने बैठ जाता है, तो पहले ये सोच लो पार्टी बदलती रहती है, नेता बदलते रहते हैं, लेकिन हिंदू की भावना और हिंदुत्व वही रहता है। मैं खुद कभी बीजेपी को सपोर्ट करती हूँ, लेकिन आज भी कहती हूँ कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है मेरी, बस सच बोल रहीं हूँ।
आँखें खोल लो। पार्टी आती-जाती रहती है, हिंदू की ताकत हमेशा बनी रहनी चाहिए। मोदी भक्त बनने से पहले थोड़ा इतिहास पढ़ लो, फिर बोलना!