मोदी जी के बाद लोकप्रियता में अपन देश में दूसरे स्थान पर आते हैँ,
जंतर मंतर पर सब रिपोर्टर लोग अपना ही इंटरव्यू लेना चाहते हैँ,
मोदी जी भले ही सवाल, इंटरव्यू से डरते हों,
अपन नहीं,
पूरा इंटरव्यू NEWS ON पर,
अरे Sir आ गए आप आपका टाइम तो 8 बजे का रहता है, आप तो आज 12 बजे प्रकट हुए महाराज अच्छा आपको “मुसद्दा” भी मिल गया, मैंने तो सोचा आपको मसौदा मिला होगा, कोई बात नही।
ये फास्ट ट्रैक कोर्ट की नौटंकी आप न करें,
कोर्ट के सामने आपकी CBI सबूत ही नहीं रखेगी तो कोर्ट क्या कर लेगी?
आज ही आपकी CBI ने कहा “पेपर लीक में पकड़े गए संजीव मुखिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत नही”
2024 पेपर लीक में तो आपकी CBI ने 90 दिन तक चार्ज शीट ही दाख़िल नही की और सारे “पेपर चोर” छूट गए।
DU ने पूरी निर्लज्जता के साथ लिखा है~
“अगर आप जंतर-मंतर जाएँगे तो आपकी academic progress और opportunities ख़तरे में होगी।”
देश के सभी कॉलेज-विश्वविद्यालय पर RSS क़ब्ज़ा कर रही है और संघियों को हर पद पर बिठा रही है ताकि शिक्षा व्यवस्था और उसके लोग RSS के सामने दण्डवत प्रणाम करें और ये भाजपा के आने के बाद ही शुरू हो गया था। उसका असर अब खुल कर दिख रहा है।
DU के पोस्ट से समझ सकते है ,रेंगना क्या होता है।
जब बीमारी ROOT में है तो FRUIT के इलाज से कोई नहीं माननेवाला।
देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है : नाम तो सुना होगा ‘BJP’
NO FAST TRACK; BJP GO BACK!
#No_More_BJP#नहीं_चाहिए_भाजपा
24 जून 2024, धर्मेंद्र प्रधान जब लोकसभा में शपथ लेने आए तब नारा लगा था, नीट, नीट, शेम, शेम...अगर धर्मेंद्र प्रधान में तब भी जज़्बा होता तो पेपर लीक को जड़ से ख़त्म कर देते। दो साल बाद आज 24 जुलाई 2026 है। यह वीडियो इसलिए देखिए ताकि उन लोगों को आप जवाब दे सकें जो कह रहे हैं कि प्रधान के इस्तीफे से क्या होगा। क्योंकि प्रधान फेल रहे हैं। नीट की चोरी को लेकर विपक्ष ने ठीक एक साल एक महीना पहले याद दिला दिया था। कम से कम इन दो सालों में वे नहीं कर पाए। यह तो साबित होता है।
कई दिन हो गए, कोई विपक्षी दल नहीं तोड़ा गया है ताकि देश में दहशत पसर जाए कि अब क्या होगा, कोई बचेगा या नहीं। सरकार अगर युवाओं से संवाद करना चाहती है तो राघव चड्ढा को उनके बीच भेज दे, वे जेन ज़ी स्कूल ऑफ नायकत्व के प्रोडक्ट हैं। उन्हें मालूम होगा या उन 20 सांसदों की परेड करा दे जो जनता की नब्ज़ को सुपर फास्ट गति से समझते हुए तृणमूल छोड़ कर NCPI में शामिल हो गए। जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बनाया न अटल बिहारी वाजपेयी न संघ ने सुरेंद्र नाथ बनर्जी, मुलायम सिंह यादव या नीतीश कुमार ने। NCPI के संस्थापक का कम से कम एक इंटरव्यू तो छपना ही चाहिए कि अगर विपक्ष ने ज़ुबान बंद नहीं की तो 24 घंटे के भीतर राहुल गांधी और अखिलेश यादव को छोड़ कर उनसे सारे सांसद NCPI में होंगे।
यह मान लीजिए कि इस देश में दो चार कालेज यूनिवर्सिटी को छोड़ कर सब के सब इस तरह काम कर रहे हैं जैसे युवाओं को किसी लायक नहीं बनने देना है। किसी लायक बन जाएंगे तो वे धर्म की राजनीति को ठीक से समझ जाएंगे। विपक्ष से भी सवाल करने लग जाएंगे।
शुक्रिया माई लार्ड !
आपने ही तो लाखों बच्चों को रास्ता दिखाया है . अब आप वीडियो क्यों देखेंगे ?
अगर आपने देख लिया तो पुलिस की बर्बरता दिख जाएगी. बच्चों के जिस्म पर जख्म दिख जाएंगे. छात्रों के शरीर पर लाठियों के निशान दिख जाएंगे.
आप ये सब देखना नहीं चाहते .
कोई बात नहीं माई लार्ड . ज़माना देख रहा है .
वो सफ़ेद कपड़ा लेकर गये जंतर-मंतर
हम काला कपड़ा लेकर पहुँचे ‘संसद’!
देश के बच्चों, उनके माता-पिता और उनके शुभचिंतकों के साथ-साथ विपक्ष के सांसदों के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ है, वो अति निंदनीय है। भाजपा का अमृतकाल, उनके दु-शासन के ‘काले’ काल में बदल जाएगा। भाजपा और उनके संगी-साथियों का इतिहास कोयले तक से भी नहीं लिखा जाएगा। भाजपा के शासनकाल को इतिहास जगह ही नहीं देगा, जिससे कि कोई कभी भी पढ़कर उसका दोहराव न करे।
समझौता नहीं; संघर्ष होगा!
वैसे दो मिनट लेट होने पर भी आम परीक्षार्थियों को एग्ज़ाम सेंटर में घुसने नहीं दिया जाता! आधा घंटा लेट होने पर भी आपके बेटे को एग्ज़ाम देने दिया गया! बच्चे के लिए इससे बढ़िया और क्या हो सकता है!
वैसे आप लकी हैं या ऐसा आपकी ऊँची पहुँच के चलते हुआ? जो भी हो, हर कोई इतना लकी या ऊँची पहुंच वाला नहीं होता है। लिहाज़ा देश की हर परीक्षा में शामिल होने वाले हर बच्चे को कितनी भी देर से भी पहुँचने पर परीक्षा देने का हक़ मिले, उम्मीद है आप इसके लिए इसी सत्र में एक प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आएंगे @nishikant_dubey !
दिल्ली पुलिस ने सारी हदे पर कर दी कल। पुलिस कमिश्नर बताएँ ये लोग कौन हैं जो पुलिस के साथ लाठी लेकर आए थे? इनको सिविल कपड़ो में लाठीचार्ज की अनुमति किसने दी।
हमारे देश के बच्चों पर लाठियों, आसु गैस के गोलों चलवा युवाओं की आवाज़ नहीं दबाई जा सकती।
आज पहली बार 2014 के बाद पूरा देश जो घर पर है वो online बैठा बस ये देख रहा है बच्चो का क्या अपडेट है कैसे मदद की जाए क्या कर सकते है
जो सड़क पर है वो अड़े है की चाहे कुछ हो जाए इस्तीफ़ा तो लेकर रहेंगे
आज सच में लग रहा है मेरा देश बदल रहा है . भयंकर कुटाई के बावजूद फिर पब्लिक भर भर के आई है . देश बदल रहा है .
21 बच्चों की जान लेने के बाद भी जब सिस्टम का दिल नहीं भरा तो कल दिल्ली की सड़कों पर नौनिहालों को पीट पीट कर लहूलुहान किया गया।
छोटे छोटे शहरों से पीठ पर बैग टॉंग कर आये हुए मासूम छात्रों पर कोई ज़ालिम सरकार ही लाठी और ऑंसू गैस चला सकती है।
छात्रों की गूँज को अब नहीं दबा पाओगे सरकार बहादुर
देश का मीडिया विपक्ष के ऊपर ठीकरा फोड़ना कब बंद करेगा?
कांग्रेस ने पेपरलीक का मुद्दा लगातार उठाया है
50 डिग्री में आंदोलन किया
NSUI & युवा कांग्रेस के साथियों ने लाठियाँ खाईं, पानी की बौछारे झेलीं, लोगों के कान के पर्दे फट गए
राहुल गांधी लगातार छात्रों से संवाद कर रहे हैं
अब चलाओ इन किसानों पर भी लाठियां . दागो आंसू गैस के गोले . यही कर सकते हो न आप लोग ? करो . ये दुनिया देख रही है . इतिहास में सब दर्ज हो रहा है . याद रखना .