शासन प्रशासन के द्वारा दिया गया हर काम #अतिथि_विद्वान करते है माननीय @DrMohanYadav51 ज़ी,लेकिन आज विद्वानों का स्थाइत्व नहीं हुआ😌 @Indersinghsjp ज़ी🙏हरियाणा सरकार से बेहतर पॉलिसी लाकर विद्वानों का भविष्य सुरक्षित करें,NEP का क्रियान्वयन विद्वान ही करते है। @CMMadhyaPradesh
रिक्त पदों क़े विरुद्ध वर्षों से सेवा करने वाले महाविद्यालयीन अतिथि विद्वानों का स्थाई समायोजन हो जाए तो अपने आप ही सभी समस्याओं का समाधान अपने आप हो जाएगा @DrMohanYadav51@Indersinghsjp ज़ी🙏
अतः इस ओर सरकार एवं प्रशासन क़ो तत्काल ध्यान देने की सख़्त जरुरत है
@CMMadhyaPradesh
हर प्रदेश की सरकार विद्वानों क़ो स्थाई समायोजित किया शिवाय मध्य प्रदेश क़े @CMMadhyaPradesh जबकि mp क़े अतिथि विद्वान नेट पीएचडी 20-25 वर्षों क़े अनुभवी है योग्य है @DrMohanYadav51 विद्वानों क़ो फिक्स मासिक वेतन दिया जाए एवं स्थाई समायोजन किया जाए @Indersinghsjp@highereduminmp
@BJP4MP@BJP4India जो बादे करती है
@JPNadda वह पूर्ण करती है परंतु मुख्यमंत्री निवास पर अतिथि विद्वानों की महापंचायत में आदरणीय @ChouhanShivraj जी ने अतिथि विद्वानों से बादे बहुत किए थे परंतु आज भी अधूरे हैं अतिथि विद्वानों का भविष्य सुरक्षित नहीं उम्र के अंतिम पड़ाव पर कहां जाए
अतिथि विद्वानों की समस्याओं का समाधान तब तक नहीं होगा जब तक पूर्व से कार्यरत अतिथिविद्वानों का अलग कैडर नहीं बन जाता।उनकी सेवा 65 वर्ष की आयु तक सुरक्षित नही हो जाती।50/55 की उम्र के #अतिथिविद्वान की प्रतिस्पर्धा नए आवेदकों से कराना अमानवीय है। @ChouhanShivraj@DrMohanYadav51
सिंधिया ज़ी बताएं कब उतर रहें है आप सड़क पर अतिथि विद्वानों के स्थाइत्व/समायोजन/नियमितीकरण के लिए।सिंधिया ज़ी बताएं क्या अतिथि विद्वानों के साथ और किसानों के साथ आपने छल धोखा किया अपनी कुर्सी सत्ता के लिए??कांग्रेस सरकार ने अपने अल्प शासनकाल में नियमितीकरण की नोटशीट तैयार कर ली थी कमलनाथ ज़ी एवं जीतू पटवारी ज़ी के नेतृत्व में विद्वानों के स्थाईकरण के लिए लेकिन आप सरकार गिराई चुनी हुई।
अब कब उतरोगे सड़क पर जनता विद्वान पूछ रहें है।विद्वानों की हालत दयनीय हो रही है। ज़बाव दो
@JM_Scindia@ChouhanShivraj@DrMohanYadav51
74% प्रोफेसर के पद खाली, लाइब्रेरियन तक नहीं
4015 अतिथि विद्वानों के भरोसे चल रही यूनिवर्सिटी
5 यूनिवर्सिटी में एक भी असिस्टेंट प्रोफेसर नहीं!
सरकार कहती है — “अतिथि बेहतर पढ़ा रहे हैं”
तो फिर उनका भविष्य क्यों अधर में?
जो किताबों से देश बनाते हैं,
उन्हें आपने बस “अतिथि” बनाया है।
जिनके ज्ञान पर स्कूल–कॉलेज चलते हैं,
उनके हक़ पर ही ताला लगाया है!
@ChouhanShivraj जी,
आपने कहा था अतिथि विद्वान उच्च शिक्षा की रीढ़ हैं।
@DrMohanYadav51 बजट से पहले फूल तो चढ़ा दिए,
अब इस शिक्षा की रीढ़ को स्थायीत्व क्यों नहीं?
अतिथि विद्वानों को स्थायीत्व नहीं मिला तो
आपके चुनावी ‘विज़न डाक्यूमेंट्स’ की कोई औकात नहीं बचेगी।
#अतिथि_विद्वान #स्थायीत्व_सम्मान #MPशिक्षा_की_हत्या
#BJPFail #कलम_के_पुजारी