कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के बाद गुर्जरों का नया नेता हाकिम सिंह बैंसला तैयार हो गया है।
हाकिम सिंह बैंसला को इस मौके को भुनाते हुए गुर्जर लीडरशिप लेते हुए आगे बढ़ना चाहिए और अन्य आरक्षण आदि मुद्दे भी अपने हाथ में लेने चाहिए।
@HakimSinghGur10
पहले पेट्रोल की जगह इथेनोल खरीदकर कम माइलेज में जेब कटाओ और बाद में समय समय पर टंकी की सफाई करवाकर जेब कटाओ ,उसके बाद भी जेब में कुछ बचे तो इंजन खराब होने पर उसको ठीक करवाने में कटवा लो | स्वर्गीय राजीव दीक्षित जी कहा करते थे कि अंग्रेजों को भारतियों की जेब काटनी होती थी तो उसका कानून बना देती थी कुछ वैसा ही हाल भाजपा की सरकार का है |
🚨 Unbelievable...
हाक़िम बैंसला की छोटी उम्र में इतनी लोकप्रियता बहुत कम लोगों को प्राप्त होती है।
गुर्जर युवाओं की बहुत बड़ी भीड़ तो पंचायत में हाकिम बैंसला को सुनने व देखने ही आई है।
हालांकि केवल जोश से आजतक कोई आंदोलन सफल नहीं हो पाया।
अब तो समय ही आगे सब निर्धारित करेगा... 🙏
बाकि इनकी भाषा संयमित और संवैधानिक रहेगी तो सफलता के और अधिक चांस रहेंगे। 🙏
उम्मीद है ये आज सीमित व संयमित ही बोले होंगे।
हालांकि एक वीडियो में आज पुनः ये 1 बूँद पानी वाली बाद करते दिखाई दे रहे हैं।
जो कि चिढ़ाने वाली भाषा है। दादागिरी वाली भाषा है।
खैर... कई बार मंच से ऐसी बातें सोच समझकर लोगों में जोश भरने के लिए भी की जाती हैं।
जोश जरूरी है... लेकिन होश भी।
खैर... देखते हैं... शाम तक क्या निर्णय निकलकर आता है।
एक जनप्रतिनिधि को केसा होना चाहिए सुनिए हाकिम सिंह बैंसला का ये बयान
जो जनप्रतिनिधि 36 कौम के वोटो से विधायक सांसद बनने के बावजूद खुद की जाति के प्रतिनिधि बने घूम रहे हैं उन्हें हाकिम सिंह बैंसला जी ने शानदार जवाब दिया है 🙏
पहले भी संयमित भाषा में अपनी मांग रखे थे आगे भी रखेंगे न किसी को धमकी देंगे न फतवे जारी करेंगे 🙏 @HakimSinghGur10
पहले गुर्जरों को आवेशित करो तत्पश्चात गुर्जर प्रतिक्रिया दे तो अपनी गांव जला लो अपने आप को शोषित घोषित कर लो 🤣
जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग सविधान की झूँठी कसम खा कर बदमासी करेंगे तो इलाज मसीहा श्री हाकिम सिंह बैंसला मुहतोड़ जवाब भी देगा।
पांचना बांध और कैचमेंट एरिया और गंभीर नदी प्राकृतिक बहाव वाले क्षेत्र के किसानों की जायज मांग :-
जैसा कि सबको पता है पांचना बांध 5 नदियों को रोककर बनाया ताकि बाढ़ नियंत्रण हो और गंभीर नदी में पाणी छोड़कर सरिस्का तक गरमी में पानी उपलब्ध करवाया जा सके !
परंतु पिछले समय से गंभीर नदी में पानी नहीं छोड़ा गया जिसके कारण प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में जलस्तर भयंकर तरीके से गिर गया और जिस क्षेत्र में पहले जलस्तर काफी ऊंचा था वहा अब 400-700 फिट पर पानी मिल रहा है और ऐसा ही रहा तो आगामी वर्षो में स्थितियां और खराब हो जाएगी ऐसे में सवाल है प्राकृतिक बहाव वाले 360 गांव के सर्वसमाज के किसान कहा जाएंगे ?
उक्त 360 गांव के किसान कई बार अपनी समस्या सरकार तक पहुंचाने के लिए कई बैठक और ज्ञापन दे चुके जिसका प्रुफ नीचे लगाया जा रहा है पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है !
दूसरी तरफ कैचमेंट एरिया के 39 गांव के किसान है जो बांध निर्माण के समय विस्थापित हुए जब उनको पानी की जरूरत है तो उनको पानी नहीं देकर दूसरे क्षेत्र में भेजना सरासर ग़लत है उक्त किसानों के साथ शुरू से सौतेला व्यवहार हुआ है 2006 में प्रस्तावित लिफ्ट अभी तक पूरी नहीं हो पाई तो उनका विरोध बिल्कुल तर्कसंगत और सही है !
अगर इन 39+360 गांव की मांग पूरी नहीं हो पा रही है तो उनको मजबूरी में आंदोलन करना पड़ रहा है जो सही भी है क्योंकि उपेक्षित किसान के पास अन्य विकल्प नहीं है !
अब @BhajanlalBjp जी से निवेदन है उक्त किसानों कि मांग यथाशीघ्र पूरी करे उसके बाद यदि पाणी बचता है तो कमांड एरिया तक भी पहुंचाया जाए !
पर यदि 39+360 गांव को पानी देने के बाद पानी नहीं बचता तो कमांड क्षेत्र के किसानों के लिए जल्दी दूसरी योजना लाई जाए क्योंकि उनको भी पानी की जरूरत है !
@tribalvoice99 कोर्ट के आदेशानुसार मीणा और मीना भी अलग ही है न्याय करते हुए भीलों का आरक्षण छोड़कर एमपी की तरह ओबीसी में आ जाओ और न्याय करके दिखाओ, असली आदिवासियों का हक मारना बंद करदो।
बाकी तुम्हारी पोस्ट जैसे निम्न स्तर पर पहुंचने के संस्कार नहीं है।
मैं इस व्यक्ति को तब से जानता हूँ जब अशोक गहलोत 2010-11 मे गुर्जरो पर लगे मुकदमे वापसी पर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के साथ मीटिंग मे मुकदमे वापसी की बोलते थे तब ये आनाकानी करता था..!!
उस दौरान एक गुर्जर प्रवक्ता ने इसको सचिवालय मे उसी मीटिंग मे कहा था DGP होगा तु तेरे घर मे होगा अन्याय सहन नही करेंगे गुर्जर अपनी जातिवादी मानसिकता गुर्जरों पर मत दिखा क्योकि जब करोड़ीलाल मीणा ने एक घटना पर थाने का घेराव किया था जिसमे पीड़ित अपराधी दोनों मीणा थे तो भीड़ ने थाणे पर पथराव कर पुलिसकर्मीयों को घायल कर दिया था उस घटना पर इसने एक मुकदमा नही लगने दिया था...!!
जबकि गुर्जर आंदोलन के सड़क जाम करने जैसे सामान्य मुकदमो तक को बड़ा बना कर इसके DGP रहते समय हजारो गुर्जरों ने 2-5 साल तक जेल काटी एवं कटवाई थी...!!
@ashoksharda7 I think this is triggered by jupiter or saturn
Jupiter is debilitated in lagna and saturn in pisces with moon in 3rd house with moon
Exchanging houses.
Remedy of jupiter can help??
@tribalvoice99 दुखद है कि मीणा में इतने नेता होने के बाद भी जाति से आगे ना बढ़ पाने व नेताओ की गुर्जरो से नफरत के चलते आज एक भी ऐसा नही जो हम भविष्य का भावी सीएम कह सके जबकि गुर्जरो के पास चांदना, पायलट, गुंजल जैसे परिपक्व एवं इंद्राज, शिवप्रकाश जैसे युवा है जो महत्वपूर्ण है यही मायने रखता है।