अगर यही बात कोई आमजन बोलता तो उसको मानहानि के मुकदमे का हवाला देकर धमका दिया जाता..
लेकिन वचन भारत सरकार के ही आर्थिक सलाहकार वी. अनंत के मुखारविंद से निकले है तो बात अब दूर तलक जाएगी..
इसलिए सदा कहता हूँ यदि अधिकारी ईमानदारी पर आ जाये तो कम पढ़े लिखे नेता जनता को ज़्यादा दिन हूतिया नहीं बना पाते है..
जब आमजन के समक्ष E-20 के ऐसे विपरीत परिणाम आ रहे तो क्यों इसको आम जनता पर थोपा जा रहा??
जनता को मिलने वाले हर लाभ को तो फ्रीबीज बताकर बंद कर देते है नेता लोग लेकिन E-20 को जनता के मुँह पर मारने से किन किन बड़े घरानों को तगड़ा लाभ पहुँचा है??
इस पर नहीं बोलेंगे क्योंकि तब इनके मुँह में एथेनॉल भरा होता है..
इस देश में सरकारें कितनी ही आई गई! किंतु आज भी धरातल पर जनता का जीवन स्तर ऐसा है कि जब कोई विदेशी मंत्री यहाँ आता तो झुग्गियों पर पर्दे डलवा दिए जाते है..
लेकिन एमपी एमएलए ब्यूरोक्रेट्स और माफियाओं की अकूत धनसम्पदा में बढ़ोतरी बुलटिया ट्रेन रफ़्तार से..
लेकिन अब जनता सब दलो और सरकारों को समझ चुकी! जिनको मोका दिया उनको विशेष रूप से..
अब रामधारी सिंह जी की पंक्तियाँ भविष्य में चरितार्थ होती प्रतीत हो रही———
सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है.. जय हिन्द ✊
अजीत भारती पर केस करना वाले कंप्लेनेंट का नाम है “बालकराम बौद्ध”
अगर कंप्लेनेंट बौद्ध धर्म से आता है तो SC/ST एक्ट कैसे लागू होता है ?
और अगर चंद्रशेखर रावण के लिए बोला गया है तो कोई third party वो भी Non SC कैसे फ़रियादी बन सकता है ? @ajeetbharti@DelhiPolice क़ानून का दुरुपयोग करना इसे कहते है। @gupta_rekha
Cc @narendramodi@AmitShah
Aura बनाना है? आरक्षण उस औरे का #% बना देगा।
टैलेंट खींचने की क्षमता? आपके माननीय का वश चले तो इस सेक्टर में भी -40 वाले को एडमिशन दिलवाने को जस्टिफाय करने लगेंगे।
@SauravDassss तुम चूतिए इसी कारण तीन बार लॉ में फेल हुए हो। तुम्हें लॉ की झाँट समझ नहीं है। और चिकने लूडो, तू तो डिफेंड कर रहा था पीएम की माँ को गाली देना। तू कैसे मॉरल हाय ग्राउंड ले रहा बे लौड़े?
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?