ऐतिहासिक क्षण!
“आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त को लाल किले से वंदे मातरम् गूंजा है।”
— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
150 वर्ष पुराने राष्ट्रगीत का लाल किले से गूंजना सचमुच गौरव का क्षण है। 🇮🇳
"धर्मेंद्र प्रधान के साथ पूरी पार्टी मजबूती से खड़ी है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने और ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) सहित कई महत्वपूर्ण पहलों को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई।
व्यापक जनहित को सर्वोपरि रखते हुए उनका इस्तीफा देना सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, जवाबदेही और निस्वार्थ सेवा के सर्वोच्च मानकों को दर्शाता है।
इस फैसले में पार्टी श्री धर्मेंद्र प्रधान जी के साथ मजबूती से खड़ी है।"
: नितिन नबीन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा
मनीष सिसोदिया की भारी बेइज्जती..
इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर स्थित CJP के मंच पर जाकर भाषण देना चाह रहे थे सिसोदिया।
इसी बीच भीड़ में से किसी ने पूछ लिया पंजाब में पेपर लीक हुआ है तो पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब लेगी AAP ?
इसका जवाब मनीष सिसोदिया नहीं दे पाए।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this regard. This continues our series of steps for safeguarding the interests of students.
Those who try to harm the future of our youth will not be spared.
देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जिस भी protest में यह आजादी आजादी के नारे लगेंz मेरे लिए वह देशद्रोह हैzसमाजद्रोह है
बेशक़ इनके Protest का मुद्दा कितना ही अच्छा हो. यह बकवास ही माना जाएगा
अब आपको लगेगा कि इन नारों से किसी को कैसे जज कर सकते हैं
बिलकुल कर सकते हैं
अगर आप कहीं नाज़ी जर्मनी के स्लोगन बोलने लगेंगे,तो आपको अलग नज़र से देखा जाएगा
आतंकी संगठनों के भी नारे होते हैं,आप उन्हें लगाएंगे,तो अलग तरह से देखे जाएंगे
आजादी आज़ादी के नारे की शुरुआत हुई पाकिस्तान में,और उसके बाद इसका उपयोग हुआ 80 के दशक में जम्मू कश्मीर में
किसने किया उपयोग,जानते हैं?
पाकिस्तान से Training ले कर आये आतंकियों ने,उनके On Ground Workers ने,उनके समर्थको ने, कश्मीरी हिन्दुओ को डराने के लिए,उनके घरों के बाहर, उनके मोहल्लो के बाहर,उनके बाजार, उनके ऑफिस स्कूल के बाहर
यही नारे लगाए जाते थे, और फिर लाखों कश्मीरी हिन्दुओ को उनके घरों से आजादी दे दी गई
यह आजादी आजादी के नारे उसी आतंकवाद का प्रतीक हैं, जिसने लाखों भारतीयो को लील लिया
यह नारा लगाने वाला मेरे लिए किसी आतंकी से कम नहीं,और वह जिस मंच से यह नारा लगाए,वह मंच किसी आतंकवाद की प्रयोगशाला से कम नहीं
नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने साफ़ किया है कि दिल्ली पुलिस को CJP की ओर से विरोध मार्च की अनुमति के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है और न ही 20 जुलाई के विरोध मार्च के लिए कोई अनुमति दी गई है।
अमित शाह कल एक बिल पेश करेंगे जिसके तहत 'वंदे मातरम' का अपमान करना एक आपराधिक अपराध माना जाएगा।
इस प्रस्तावित कानून का मकसद राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के बराबर कानूनी सुरक्षा दिलाना है।
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला!
कन्वर्ट के साथ ही खत्म हो जाएगा अनुसूचित जाति का दर्जा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य मजहब को मानता है, उसे अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता।
किसी अन्य मजहब में कन्वर्ट करने से अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त हो जाता है।
हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म अपनाने वाले ही अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं।
ईसाई, इस्लाम आदि किसी अन्य मजहब में कन्वर्ट होने पर व्यक्ति अपना अनुसूचित जाति का दर्जा खो देगा, ये ऐतिहासिक फैसला है सुप्रीम कोर्ट का।
जस्टिस पी.के. मिश्रा और एन.वी. अंजारी की बेंच ने फैसला सुनाया कि ईसाई मजहब में कन्वर्ट होने वाला दलित व्यक्ति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का लाभ नहीं ले सकेगा।
यूपी नहीं है |
देवभूमि भी नहीं है |
नहीं भाई गुजरात भी नहीं है |
हिमांता बिस्वा शर्मा का असम प्रदेश है |
और हिंदू राष्ट्र के रोड मैप का सबसे पहला पड़ाव भी |
नेतन्याहू कह रहे हैं कि |
हम भारत से बुला कर लगभग |
दस मिलियन भारतीयों को यहां बसाएंगे |
नेतन्याहू का यहां पर भारतीय से मतलब हिंदू है |
क्योंकि दुनिया जानती है हिंदू किसी देश को खोखला नहीं करता |
“मैं मानता हूं कि सलमान खान, उद्धव ठाकरे से ज़्यादा हिंदू हैं।
सलमान ने RSS के प्रोग्राम में आने की हिम्मत तो दिखाई।
उद्धव ठाकरे में तो राहुल गांधी के सामने अपने ही पिता को ‘हिंदू हृदय सम्राट’ कहने की हिम्मत तक नहीं है।
नितेश राणे🔥🔥