किसी भी तरह के UPI लेन-देन पर शुल्क लगाना डिजिटल भुगतान की भावना के विरुद्ध है।
यूपीआई ने पैसों का लेन-देन बहुत आसान बना दिया है।
अगर इससे बैंकों का खर्च बढ़ रहा है तो यह भी देखिए कि उनका एटीएम और चेक का खर्च बच रहा है।
सरकार का नोट छापने का खर्च घट रहा है।
नोट लाने-ले जाने, सँभालने का ख़र्च बचा है।
डिजिटल भुगतान सरकार की नज़र में रहता है, यह काले धन की संभावना कम करता है।
कल इससे जुड़ा टैक्सेशन का बिल हंगामे में केवल दो मिनट में लोक सभा में पारित हो गया।
जबकि विपक्ष को इस बिल पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए थी।
इन सब बातों को सदन के माध्यम से देश के सामने रखना चाहिए था और सरकार से स्पष्टीकरण माँगा जाना चाहिए था।
हालाँकि सरकार ने कहा है कि दो हज़ार रुपए से अधिक के भुगतान पर तभी शुल्क लगेगा जब यह पर्सन टू मर्चेंट या मर्चेंट टू मर्चेंट होगा।
पर्सन टू पर्सन पर शुल्क नहीं लगेगा।
कितना शुल्क होगा, यह RBI-NPCI मिल कर तय करेंगे।
Martyr Rohit Rawat. Tehri’s son. India’s pride.
Hundreds gathered on the banks of the Bhilangana river today. Every eye was wet.
Rohit Rawat was 21. Studied at Nav Jeevan Ashram Inter College, Ghuttu. Enrolled as an Agniveer in 2024. Fought in Rajouri. And came home wrapped in the tricolour.
His father Surendra Singh was working at a hotel in Dubai. The moment he heard the news, he left everything and rushed back. Left behind at home were an elderly grandmother, a mother, and a younger brother.
The army gave him a guard of honour. “Rohit Rawat Amar Rahe” echoed across the valley. The local MLA announced a memorial gate in his name.
But no gate will fill the silence inside that house.
His teachers remembered him as disciplined, hardworking, and deeply patriotic from the very beginning. He had one dream. He lived it. He gave everything for it.
Bharat Mata Ki Jai. 🙏
Yday an army chopper crashed as seen in the pic.
Fortunately no casualty, but more importantly, look at the attitude, the right attitude of the General officer. He is waiting, with his crew, to get evacuated but having fun in the moment.
Don't forget to see the crew behind, they are no less.
This is the reason of success of @adgpi
Jai hind 🇮🇳💪
Advanced Agni missile with MIRV (Multiple Independently Targeted Re-Entry Vehicle) system was successfully tested from Dr. APJ Abdul Kalam Island, Odisha on 08th May 2026.
The missile was flight tested with Multiple payloads, targeted to different targets spatially distributed over a large geographical area in Indian Ocean Region.
2026 is on track to be the hottest year in recorded history. (European climate agency Copernicus flagged this earlier this year.)
While you read this in AC, someone is riding through 44°C heat to deliver your food in 30 minutes. Without a single complaint.
Zomato gave him a cooling vest. That’s their part.
Your part is simpler:
- cold water at the door
- 2 minutes of AC
- treat him like a human being
He’s not just an app notification. He’s a human being. Do your part this summer.
मैं पंजाब बैंक की लॉबी में चुपचाप शांति से बैठी थी, अपनी भाभी का दिया हुआ KYC फ़ॉर्म भरने के बाद। वह रास्ते में थीं, इसलिए मैं बस वहीं बैठकर लोगों को आते-जाते देख रही थी।
कुछ देर बाद, एक सीधी-सादी, बुज़ुर्ग महिला– शायद 55-60 साल की– एक प्यारी सी मुस्कान के साथ मेरे पास आईं। उन्होंने बड़े ही विनम्र भाव से पूछा कि क्या मैं उनका विड्रॉल फ़ॉर्म भरने में उनकी मदद कर सकती हूँ। मैंने खुशी-खुशी हाँ कर दी और बड़े ध्यान से उनका फ़ॉर्म भर दिया। उन्होंने मुझे धन्यवाद दिया और काउंटर की ओर चली गईं।
मुझे लगा कि बस बात यहीं खत्म हो गई।
लेकिन कुछ ही मिनटों बाद, वह फिर से मेरे पास वापस आईं। इस बार उनके हाथ में ₹20 का एक नोट था। इससे पहले कि मैं कुछ कह पाती, उन्होंने वह नोट मेरी हथेली पर रख दिया और कहा कि यह मेरी मदद के लिए एक छोटा सा तोहफ़ा है। मैंने मना करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इतनी मासूमियत और अपनेपन से ज़ोर दिया कि मैं मना नहीं कर पाई।
यह पैसों की बात बिल्कुल नहीं थी– यह तो उस तरीके की बात थी जिससे उन्होंने मेरी उस छोटी सी मदद को सराहा। उन ₹20 के नोट में किसी भी और चीज़ से कहीं ज़्यादा इज़्ज़त, एहसानमंदी और प्यार छिपा था।
कुछ पल छोटे होते हैं, लेकिन वे हमेशा के लिए दिल में बस जाते हैं। मैंने सिर्फ़ किसी की मदद ही नहीं की–बल्कि मैंने एक सच्ची, सीधी-सादी मासूमियत को भी महसूस किया। 🌸☺️
अब मैं सोच रही हूं इस अमूल्य मुद्रा का कहां खर्च करूं या हमेशा के लिए अपने पास रख लूं?
Harsha Bhogle said
"I am not excited about the #INDvsPAK match anymore coz it has become a tool for politics. The game is now filled with provocative statements & war like gestures,that's not cricket"
Finally someone with a spine has spoken
THE GOVT INTERFERENCE HAS RUINED IT
चंद्र सिंह गढ़वाली, जिन्होंने अंग्रेज़ों के हुक्म पर भारतीयों पर गोली चलाने से किया था इनकार
विवेचना में इस बार चंद्र सिंह गढ़वाली की कहानी सुना रहे हैं रेहान फ़ज़ल (@rehanfazalbbc ).
वीडियो: सदफ़ ख़ान (@SadafKhan_SK )
उत्तराखंड का कमल, दिल्ली की लापरवाही में खो गया
दिल्ली के जनकपुरी इलाके में जोगिंदर सिंह मार्ग पर जो हुआ, वह सिर्फ एक हादसा नहीं था। यह सिस्टम की बेरुखी का नतीजा था।
पौड़ी, उत्तराखंड के रहने वाले कमल ध्यानी, उम्र 25 वर्ष, एक खुले पड़े करीब 20 फुट गहरे गड्ढे में गिर गया और उसकी जान चली गई। यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड ने पाइपलाइन के काम के लिए खोद रखा था, लेकिन न कोई ढंग की बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी।
कमल हाल ही में BA की पढ़ाई पूरी कर चुका था और एक प्राइवेट बैंक में काम कर रहा था। परिवार की उम्मीद था। जिस बाइक से वह गिरा, वही बाइक उसने तीन साल पहले अपने जन्मदिन पर खरीदी थी। उसी गड्ढे से शुक्रवार सुबह कमल का शव और बाइक बरामद हुई।
उसका जुड़वा भाई करण आज आधा सा रह गया है। परिवार दिल्ली में सालों से रह रहा था, लेकिन जड़ें उत्तराखंड में थीं। एक हंसता-खेलता घर एक रात में उजड़ गया।
मामले के बाद दिल्ली सरकार ने तीन इंजीनियरों को सस्पेंड किया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। सवाल फिर भी वही है, क्या जान जाने के बाद ही सिस्टम जागता है? क्या ऐसी मौतों की कीमत सिर्फ निलंबन तक ही सीमित रहेगी?
कमल अब लौटकर नहीं आएगा।
लेकिन उसकी मौत एक चेतावनी है, जिसे हर शहर, हर विभाग को सुनना होगा।