केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे आदिवासी भाई-बहनों की समस्याएं, मांगें, संघर्ष और आपबीती - उनकी जुबानी।
सालों से सिर्फ़ अपने अधिकारों के लिए अन्याय और अत्याचार सह रहे ये बुंदेलखंड निवासी सम्मान और समर्थन के हक़दार हैं।
आदिवासी भाई-बहनों की इस लड़ाई में, मैं और कांग्रेस उनके साथ हैं।
अंकिता भंडारी के परिवार से 2 दिन पहले मिला। चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वो न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं - अपनी बच्ची के ख़िलाफ़ एक ऐसे अपराध के लिए जिसकी कोई माफी नहीं।
सिर्फ 19 साल की अंकिता वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं जहां एक "VIP" मेहमान की शर्मनाक मांग का विरोध करने पर चीला नहर में डुबो कर उनकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हिंसा और डुबोने के सबूतों की पुष्टि भी की।
मगर, रिज़ॉर्ट में अंकिता के रूम को किसी भी तरह की जांच होने से पहले ध्वस्त कर दिया गया जो खुद में संदेहपूर्ण है।
इस दुखद मामले में सबसे शर्मनाक बात है कि राज्य सरकार खुद आज तक उस "VIP" को संरक्षण दे रही है। क्यों? क्योंकि वह BJP-RSS का बड़ा नेता है।
यही BJP की विकृत मानसिकता है बलात्कारियों और अपराधियों को बचाना, उनका राजनीतिक संरक्षण करना, यहां तक कि बलात्कार के दोषियों का फूल-मालाओं से स्वागत करना। दुनिया में सबसे घिनौने इंसान वो होते हैं जो बलात्कारियों की रक्षा करते हैं और BJP में ऐसे लोगों की भरमार है।
भारत तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक महिलाओं को पुरुषों के इस्तेमाल की वस्तु समझने वाली यह अमानवीय मानसिकता खत्म नहीं होती। भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब भारत की महिलाएं आगे बढ़ेंगी - सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय के साथ।
क्या चाहिए देश की लड़कियों को? बराबरी, सुरक्षा, अवसर और अपनी बात कहने की आज़ादी।
उन्हें मिला क्या है? असुरक्षा, भेदभाव और अपने असली अधिकारों के लिए बस इंतज़ार।
अब और नहीं। 22 अगस्त | पुणे | छात्रों की गूंज
आंदोलन से जुड़ें - अभी रजिस्टर करें।
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सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज़ादी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिया गया सिर्फ़ एक तोहफ़ा नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी भी है।
यह ज़िम्मेदारी है सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की, संविधान और तिरंगे के मूल्यों को अपने दिल में रखने की और हर हाल में लोकतंत्र की रक्षा करने की।
मुझे गर्व है कि हमारे देशवासी, खासकर युवा, इन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हैं।
जय हिंद! 🇮🇳
देश की माननीय राष्ट्रपति आदरणीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी को पत्र लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर झारखंड और झारखंडवासियों की गंभीर चिंताओं से अवगत कराया है।
यह संशोधन केवल राजस्व का विषय नहीं, बल्कि राज्यों की विधायी एवं वित्तीय स्वायत्तता, संघीय ढांचे, आदिवासी समुदायों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।
माननीय राष्ट्रपति महोदया जी से विनम्र अनुरोध है कि विधेयक के संवैधानिक, संघीय, वित्तीय एवं सामाजिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार करते हुए संविधान के अंतर्गत उपलब्ध सभी विकल्पों पर उचित विचार करने की कृपा करें, ताकि खनिज उत्पादक राज्यों, आदिवासी समाज और खनन प्रभावित क्षेत्रों के हितों को न्यायसंगत महत्व मिल सके।
@rashtrapatibhvn
अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीन ने हमारी सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है - यह बेहद चिंताजनक है।
लेकिन उससे भी ज्यादा चिंताजनक है राजनाथ सिंह जी, अमित शाह जी और नरेंद्र मोदी जी की ओर से पसरा सन्नाटा। उल्टा मोदी सरकार चीन को रोकने के बजाय इस खबर को रोकने के लिए मीडिया पर दबाव डाल रही है।
देश को आज भी गलवान के बाद प्रधानमंत्री का वह बयान याद है, जिसमें उन्होंने यह कहकर कि चीन ने हमारी जमीन का एक इंच भी नहीं लिया, भारत को भारी नुकसान पहुंचाया था।
आज भी अपनी छवि बचाने का वही ऑपरेशन जारी है - और देश की सुरक्षा से ऊपर अपनी नकली छवि को प्राथमिकता देने वाला प्रधानमंत्री देश के लिए बेहद खतरनाक है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री @JPNadda जी के अस्वस्थ होने और AIIMS में भर्ती होने का समाचार मिला।
उनके सफलतापूर्ण उपचार और जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूँ।
माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री @narendramodi जी को पत्र लिखकर Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill, 2026 पर पुनर्विचार हेतु आग्रह किया। प्रस्तावित प्रावधान झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, राजस्व, विकास और संघीय ढांचे पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं।
झारखंड के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों और राज्य की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए मैं विनम्र अनुरोध करता हूं कि केंद्र सरकार इन प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की कृपा करें।
In Kota, we exposed the extortion machine feeding on students’ dreams.
In Dehradun, we exposed the rigged system behind paper leaks that destroy countless lives.
In Prayagraj, we will expose the reality of the job crisis.
The students of our country have stood up against this oppressive regime, they will no longer accept empty promises and hate-filled propaganda.
We will ensure their voice is heard across the country.
Join us in Prayagraj on 8th August, 5pm for #ChhatronKiGoonj
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