मोदी इस जन्म में तो नेहरु से बड़े नहीं हो सकते . चाहे मंत्रियों को मंदिर भेजकर पूजा अर्चना करवा लें . चाहे NDA नेताओं से वंदना करवा लें . चाहे भक्तों से तालियां बजवा लें . चाहे मीडिया से चौबीसों घंटे चाटुकारिता करवा लें .
नेहरु होने के लिए सालों - साल जेल में गुजारने होते हैं . आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लेना होता है .Glimpses of world history और Discovery of india जैसी कालजयी रचनाएं लिखनी होती है . नफ़रत मुक्त राजनीति
करते हुए देश के लिए बड़े - बड़े संस्थान गढ़ने होते हैं. विपक्ष का सम्मान करना होता है . पादुका पूजकों का समूह और अंध भक्तों की फौज मोदी को नेहरु नहीं बना सकती .