पहला प्रधानमंत्री कौन था?
*जवाहरलाल नेहरू
आरक्षण कैसे मिला?
*संविधान से
��ंविधान किस प्रधानमंत्री के समय बना?
*जवाहरलाल नेहरू
संविधान में आरक्षण था या नहीं?
*संविधान से ही आरक्षण मिला।
यानी प्रधानमंत्री ��वाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में बने संविधान में दलितों और आदिवासियों के लिये आरक्षण का प्रावधान किया गया।
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इतनी घुमा-घुमा के बाद इसलिये करनी पड़ी कि इस सीधी सी बात पर भी कोई झूठ बोल सकता है और लोग भरोसा कर सकते हैं तो दोष उसका नहीं लोगों का है।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कैमरे में दर्ज भाजपा की धांधली न केवल माननीय सर्वोच्च न्यायालय के लिए सबूत बनी है बल्कि आज तक उनके समर्थक रहे लोगों के लिए घोर शर्मिंदगी का विषय भी।
भाजपा ने 2022 के उप्र के विधानसभा चुनावों में वोटर लिस्ट की हेराफेरी से लेकर मतदान, मतगणना व परिणाम घोषित करने ��क की प्रक्रिया में यही धांधली शासन-प्रशासन, चुनाव आयोग के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी को ज़बरदस्ती हराने के लिए की थी। आज सबूत सामने हैं और भाजपा समर्थक चुल्लू भर पानी ढूँढ रहे हैं जबकि सपा समर्थक आगामी लोकसभा चुनावों में 90% PDA के साथ अपने वोट की रक्षा करने व भाजपा की ��र धांधली को रोकने के लिए एकजुट हो गये हैं। इस बार भाजपा की कोई भी घपलेबाजी और चालबाज़ी नहीं चलने दी जाएगी।
#PDA_हराएगा_NDA
कांग्रेस भारत बनाने वाल�� मेहनतकश कामगारों को मज़बूत बनाना चाहती है, लेकिन BJP उन्हें चुनिंदा पूंजीपतियों का गुलाम।
'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' हमारे श्रमिक साथियों की आवाज बुलंद कर उन्हें न्याय दिलाने की ओर एक सशक्त कदम है।
#ShramikNyay
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई धांधली का वीडियो देखकर..सुप्रीम कोर्ट ने कहा ये लोकतंत्र का मजाक है..अधिकारी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए..सीजेआई ने कहा कि हम इस तरह लोकतंत्र की हत्या की इजाजत नहीं दे सकते. सीजेआई ने चुनाव का पूरा वीडियो पेश करने को कहा है और नोटिस भी जारी किया है...
अरे sir ये मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मों के डायलॉग बोल रहे है... अगले चौराहे पे तो दूर.. बीएचयू की बेटी के दुराचारी इन्ही के आईटी सेल वाले को तो दो महीने बाकायदा सरक्षण दे कर चुनाव प्रचार करवाया था.. न राम नाम सत्य हुआ न बुलडोज़र चला.. तो कहाँ इन झूठी बातों में आप फंसे है
संस्थाओं की स्वतंत्रता को खत्म कर सरकार कैसे देश को बर्बादी की राह पर ले आई है Paytm फ्रॉड इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।
प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ अखबारों में फुल पेज विज्ञापन देने वाली Paytm के फ्रॉड पर SEBI और RBI जैसे नियामक संस्थान मूक दर्शक बने रहे।
जनता की मेहनत की कमाई लूट कर बड़ी बनी बहुत सी कंपनियों को ऐसे ही राजनीतिक संरक्षण ने बचा रखा है।
नियामक संस्थानों का पतन, जनता के साथ लूट की गारंटी है।
लालू यादव @laluprasadrjd की तारीफ़ सुनते ही उनके विरोधी “चारा घोटाला चारा घोटाला” चिल्लाते हैं ।पर वो बिहार के अकेले नेता हैं जिनको जेल जाना मंज़ूर है पर बीजेपी की लौंडरी में कपड़े भिजवाना मंज़ूर नहीं ।इस दोर में जब कई CM फ्रे��� आउट ऑफ़ लौंडारी हैं,में उनकी इस हिम्मत का क़ायल हूँ
ये भाजपा का लोकसभा चुनाव हारने की हताशा का नतीजा है… जिसने साज़िश करके एक भावी प्रधानमंत्री को अपने साथ मिलाकर मुख्यमंत्री के पद तक ही सीमित कर दिया।
भाजपा ने बिहार की जनता का अपमान किया है और जनमत का भी। जनता इस अपमान का जवाब भाजपा गठबंधन को लोकसभा का चुनाव हराकर देगी। बिहार का हर निवासी अपना अगला वोट, बिहार के सम्मान को बचाने के लिए डालेगा और भाजपा को हराने के लिए।