#Biggest_Bhandara_Of_TheWorld
In the guidance of Bandichod Satguru Rampal Ji Maharaj ji, a huge Bhandara, blood donation camp, dowry-free marriage is being organized on the occasion of the manifestation day of Purna Brahma Kabir Saheb.
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
"उबलते तेल की कढ़ाई में डालना"
शेखतकी ने हजारों लोगों के सामने कबीर साहेब को खौलते हुए तेल के कड़ाहे में डाल दिया। लेकिन परमात्मा कबीर जी उसमें ऐसे आराम से बैठे रहे जैसे ठंडे जल में बैठे हों; उन्हें खरोंच तक नहीं आई।
6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
तलवारों से वार करना
शेखतकी ने रात के समय कुटिया में सो रहे कबीर साहेब की हत्या के लिए गुंडों से बेतहाशा तलवारें चलवाईं। लेकिन कबीर जी का शरीर अविनाशी और नूरी होने के कारण तलवारें उनके शरीर के आर-पार निकल गईं।
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
सरेआम कोड़े मारना
एक बार सत्संग के दौरान शेखतकी ने सैनिकों द्वारा कबीर साहेब को कोड़े (चाबुक) मरवाए। सर्वशक्तिमान और अमर शरीर होने के कारण कबीर साहेब पर इसका कोई असर या निशान नहीं पड़ा।
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी सत्संग में बताते हैं कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी पर अज्ञानी धर्मगुरुओं के बहकावे में आकर लोगों ने और उन धर्मगुरुओं ने अनेकों जुल्म किए, लेकिन अविनाशी परमात्मा का बाल भी बांका नहीं हुआ।
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
गले में जहरीला सांप डालना
कबीर जी जब सत्संग कर रहे थे, तब शेखतकी के आदेश पर एक सिपाही ने उनके गले में खतरनाक जहरीला सांप डाल दिया। लेकिन गले में जाते ही वह सांप सुंदर फूलों की माला बन गया।
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
कुएं में धकेल कर ऊपर से मिट्टी-पत्थर डालना
कबीर साहेब को एक गहरे झेरे कुएं में धकेल दिया गया और ऊपर से मिट्टी तथा भारी पत्थर डाल दिए गए ताकि वे दबकर मर जाएं। लेकिन वे कुएं से सुरक्षित बाहर आ गए।
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
झोपड़ी में आग लगाकर जलाने का प्रयास
विरोधियों ने रात के समय कबीर साहेब की झोपड़ी (कुटिया) को चारों तरफ से बंद करके उसमें आग लगा दी ताकि वे जलकर भस्म हो जाएं, लेकिन आग बुझने के बाद वे सुरक्षित बैठे मिले।
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
Drowning in the Ganges
Kabir Sahib was thrown into the Ganges with heavy chains and a stone tied around his neck. Miraculously, the chains broke, and he remained unharmed above the water.
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
👉 गले में जहरीला सांप डालना
कबीर जी जब सत्संग कर रहे थे, तब शेखतकी के आदेश पर एक सिपाही ने उनके गले में खतरनाक जहरीला सांप डाल दिया। लेकिन गले में जाते ही वह सांप सुंदर फूलों की माला बन गया।
👉 6Days Left Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
मदमस्त खूनी हाथी के आगे डालना
कबीर साहेब के हाथ-पैर बांधकर उन्हें शराब पिलाए गए एक हाथी के आगे फेंक दिया गया। लेकिन हाथी को कबीर जी की जगह एक भयानक बब्बर शेर दिखाई दिया, जिसे देखकर हाथी डरकर उल्टे पैर भाग गया।
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#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
♦️ भंडारे की झूठी चिट्ठी भिजवाना
कबीर साहेब को समाज में नीचा दिखाने और भूखा मारने के उद्देश्य से शेखतकी ने उनके नाम से पूरे भारतवर्ष में 3 दिन के विशाल भंडारे की झूठी चिट्ठियां बंटवा दीं। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ने अपने चमत्कार से वह 3 दिवसीय विशाल
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
संत गरीबदास जी अपनी वाणियों में कबीर परमात्मा की महिमा गाया करते थे तो किसी ने उनसे पूछा कि कौन कबीर तो सुनिए उन्होंने अपनी वाणी में स्पष्ट किया है:
गरीब, हम सुलतानी नानक तारे, दादू कूँ उपदेश दिया।
जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।।
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
Swami Ramanand Ji acknowledged Kabir as the Supreme Creator:
"Bolat Ramanand Ji, sun Kabir Kartar.
Garibdas sab roop mein, tum hi bolan haar."
Sant Rampal Ji Maharaj
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
Sant Garibdas Ji frequently praised Supreme God Kabir in His verses. When asked to clarify who Kabir was, He explained it clearly in His hymns :
Garib, hum Sultani Nanak taare, Dadu koon updesh diya. Jaat julaha bhed na paaya, Kashi maahin Kabir hua.
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
संत गरीबदास जी ने कहा—
"हम सुलतानी नानक तारे, दादू कूँ उपदेश दिया। जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।।"
यह वाणी बताती है कि काशी में प्रकट कबीर ही पूर्ण परमात्मा हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार परमात्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता। वह सशरीर प्रकट होता है और सशरीर चला जाता है। इतिहास गवाह है कि कबीर जी, काशी के लहरतारा
Sant Rampal Ji Maharaj
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
As described in the Vedas, the Supreme God is never born from a mother's womb; He Himself descends from Satlok and is received by a childless couple. When God Kabir came 600 years ago, He chose Neeru and Neema as His parents.
Sant Rampal Ji Maharaj
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
गुरुनानक देव जी ने सच्चखंड में सृष्टि के रचनहार कबीर परमात्मा को देखने के बाद, उसी परमात्मा को काशी में धाणक (जुलाहे) की भूमिका करते हुए देखकर कहा था कि लोगों यह धाणक (जुलाहा) करतार यानी सर्व सृष्टि को बनाने वाला भगवान है।
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
गुरु ग्रन्थ साहिब राग सिरी महला 1, पृष्ठ 24 में गुरु नानक देव जी ने धाणक रूप में विराजमान कबीर जी को करतार अर्थात सृष्टि रचने वाला भगवान कहा है। यह प्रमाण स्पष्ट करता है कि काशी वाला कबीर ही भगवान है।
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