आज दुनिया जश्न मना रही है कि "शांति" हो गई। लेकिन क्या वाकई? या फिर यह सिर्फ अगले बड़े धमाके से पहले की खामोशी है? 🤫
यह खेल बिल्कुल बचपन के उन दो दोस्तों जैसा है एक जो सबके सामने शरीफ बनने का नाटक करता है और पीठ पीछे अपने दूसरे जिगरी दोस्त से कहता है, "तू मारना बंद मत कर, दुनिया के सामने समझाने का ड्रामा मैं संभाल लूँगा।" यहाँ भी अमेरिका शांतिदूत का मुखौटा पहने है, और उसका 'वो' खास दोस्त लगातार लेबनान पर बारूद बरसा रहा है। क्या वाकई किसी को लगता है कि वॉशिंगटन के ग्रीन सिग्नल के बिना यह मुमकिन है?
सच्चाई यह है कि इस 60 दिन के तथाकथित 'पीस डील' का मकसद शांति नहीं, बल्कि नवंबर के असली खेल तक वक्त काटना है।
60 दिन तो बहुत दूर की बात है, लिख कर रख लीजिए... अमेरिका बहुत जल्द खुद इस जंग में कूदेगा और सारा ठीकरा ईरान के सिर फोड़ देगा कि "शर्तें उन्होंने तोड़ीं"।
यह शांति समझौता नहीं, बल्कि युद्ध की नई तारीख तय करने का चक्रव्यूह है!
भारत में अब खांसी की सिरप को मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं खरीदा जा सकेगा।
केंद्र सरकार ने Drugs Rules, 1945 में संशोधन करते हुए खांसी की सिरप को उन दवाओं की सूची से बाहर कर दिया है, जिन्हें अब तक कुछ शर्तों के तहत बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचा जा सकता था।
सरकार का मानना है कि खांसी की कुछ सिरपों के दुरुपयोग, अनियंत्रित बिक्री और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को देखते हुए यह कदम जरूरी है।
Reached Evian, France for the G7 Summit.
Looking forward to engaging with world leaders and exchanging views on key global issues.
India remains committed to advancing collective efforts for a more sustainable and prosperous planet.
@G7
स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान के बीच जो 'शांति समझौता' दिख रहा है, वो असली शांति नहीं बल्कि इस नवंबर के बाद आने वाले एक बहुत बड़े तूफान का इशारा है। इतिहास गवाह है
1938 का म्यूनिख समझौता: हिटलर ने दुनिया को 'शांति का कागज' दिखाया और ठीक 1 साल बाद दूसरा विश्व युद्ध शुरू कर दिया।
2003 का इराक युद्ध: अमेरिका ने UN में सद्दाम हुसैन के नाम पर सफेद झूठ बोला, ताकि वहां का तेल लूट सके।
यह 'पीस साइन' सिर्फ और सिर्फ बंदूकों में दोबारा गोलियां भरने का 'री-लोडिंग टाइम' है।
#Geopolitics #PeaceCheck #WorldPolitics #TruthExposed
NEET की दोबारा हो रही परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार व्यवस्थाओं को पूरी तरह लीक-प्रूफ बनाने की कोशिश कर रही है। सरकार ने 22 जून 2026 तक भारत में Telegram प्लेटफॉर्म की पहुंच को अस्थायी रूप से बैन करने का निर्णय लिया है।
अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर से श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए करोड़ों रुपये की चोरी का मामला असंख्य लोगों की श्रद्धा और विश्वास को आहत करने वाला तथा राम जन्मभूमि की महिमा को कलंकित करने वाला कृत्य है।
यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं पर लालची और चरित्रहीन प्रवृत्ति के लोगों द्वारा किया गया बड़ा आघात है। यह एक अत्यंत असामान्य स्थिति है-अपराध भी और महापाप भी।
जिन्होंने भी यह काम किया है, वे कितने महापापी लोग होंगे कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी मंदिर जाकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार प्रभु की सेवा के लिए दान करता है, लेकिन कुछ लोगों ने उसी पवित्र भावना, श्रद्धा और विश्वास को अपनी लालच से कलंकित का दुस्साहस किया।
राम जन्मभूमि मंदिर भारतीय जनमानस की सदियों पुरानी आस्था, संघर्ष, श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थान में इस तरह का महाभ्रष्ट, अनैतिक और घोर निंदनीय आचरण पूरे समाज को आहत कर रहा है।
यह एक अक्षम्य अपराध है। जिसने भी इस कलंक को जन्म दिया है, जो कोई भी इसमें शामिल है, उसे कठोरतम दंड मिलना चाहिए। आस्था के नाम पर मिले धन में हाथ डालना करोड़ों लोगों के विश्वास के साथ विश्वासघात है।
सत्य सामने आना चाहिए, दोषियों की पहचान होनी चाहिए, एक-एक पैसा वापस आना चाहिए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ऐसी सख्त व्यवस्था होनी चाहिए कि कोई भी व्यक्ति आस्था को अपनी निजी लालच का साधन बनाने का साहस न कर सके।
पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर बिहार पुलिस से संबंधित भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का हंगामा।
परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों का आरोप था कि उनके परिवहन के लिए चलाई गई ट्रेन काफी देर से चल रही थी और व्यवस्थाओं में भारी अव्यवस्था थी। इसी को लेकर नाराज़ छात्र रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ करने लगे और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए चेतावनी स्वरूप हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी।
असम के जोरहाट में हुए भारतीय वायुसेना के An-32 विमान हादसे की बेहद दर्दनाक खबर है।
इस हादसे में देश की सेवा करते हुए पांच वायुसेना कर्मी शहीद हो गए।
दिवंगत वीर आत्माओं को श्रद्धांजलि। 🙏🏻
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी CIA इस समय पूरी दुनिया को यह नैरेटिव बेच रहे हैं कि Strait of Hormuz में अमेरिका का अत्याधुनिक Apache AH-64 हेलीकॉप्टर ईरान ने अपने मात्र 18 लाख रुपये के मामूली ड्रोन से गिरा दिया।
लेकिन इस स्क्रिप्ट के पीछे का कड़वा सच कुछ और ही है!
सच तो यह है कि यह अपाचे हेलीकॉप्टर खुद अमेरिका ने गिराया है ताकि वह ईरान के ऊपर एक बड़ा और भीषण हमला कर सके।
ट्रंप और सीआईए ने यह झूठा नैरेटिव सिर्फ इसलिए बुना है ताकि पूरी दुनिया अमेरिका को दोषी न ठहराए कि उसने बिना वजह ईरान पर हमला किया। अमेरिका इस नाटक के जरिए वैश्विक सहानुभूति (Global Sympathy) बटोरना चाहता है ताकि वह ईरान को पूरी तरह से तबाह कर सके।
यही वो क्रूर युद्ध नीति (Proxy & False Flag War) है जिसे आज भी आम दुनिया और मास मीडिया नहीं समझ पा रहे हैं!
लेकिन बात सिर्फ ईरान तक नहीं रुकेगी। यह तो बस एक शुरुआत है; बहुत जल्द यह युद्ध की आग पूरे एशिया के अंदर फैलती नजर आएगी, जिसकी अगली कड़ी में चीन का ताइवान पर हमला साफ दिख रहा है।
#StraitOfHormuz #Geopolitics #Trump #IranConflict #ChinaTaiwan #WorldWar3 #NewWorldOrder
Thank you, my friend, for your most gracious wishes.
I fully agree with you. India-Israel friendship will continue to grow from strength-to-strength in the years to come.
@IsraeliPM@netanyahu