मैंने एक इंटरव्यू में सुना था जिसमें पत्रकार प्रधानमंत्री से राहुल गांधी के बारे में पूछते हैं जिसमें प्रधानमंत्री कहते हैं कौन राहुल पर अब हाल ऐसा है यदि @RahulGandhi एक भी ट्वीट कर दे तो पूरी की पूरी @BJP4India मैं भूकंप आ जाता है
@BJP4India@INCIndia
@nishikant_dubey धर्म की राजनीति के अलावा तुम पर कुछ आता नहीं है क्या जब देखो जब नफरत फैलाते रहते हैं अटल बिहारी वाजपेई के टाइम की बीजेपी तो ऐसी नहीं थी भारत प्यार प्रेम भाईचारे से जीने वाला देश था जिसमें तुम लोगों ने नफरत भर दी पर याद रखना नफरत का अंत होता ही है
राहुल गांधी जी आप फिरोज गांधी जी के पोते हैं यानि वंशज है,भारत के संविधान और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आप पारसी धर्म के हैं,आप अल्पसंख्यक हैं ,Zoroastrianism आपका कर्म है । आपको सनातन धर्म यानि हिंदू धर्म,क़ुरान यानि मुस्लिम तथा बाइबल यानि ईसाई धर्म और धार्मिक ग्रंथों पर टिप्पणी करने का कोई हक़ और हूकूक नहीं है
मुझे नहीं लगता कि राहुल गांधी का मकसद जंतर-मंतर पर पुलिस action के मसले पर अमित शाह से जवाब-तलब करना है. राहुल गांधी का उद्देश्य तो किसी तरह अमित शाह को नीचा दिखाना है. दुनिया को ये दिखाना है कि, ना मोदी ताकतवर हैं ना अमित शाह. राहुल किसी का भी अपमान कर सकते हैं, तू-तड़ाक कर सकते हैं. #RahulGandhi #AmitShah #AajKiBaat #MyTake
देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
मीडिया के ख़िलाफ़ फैलाई नफ़रत में ख़ुद ही फँसते हुए देख कर दुख हुआ।
वो तो शुक्र है मास्क वाले ‘सिपाहियों’ का कि कुछ अनहोनी नहीं हुई।
वो कौन सा दोहा है?
करता था सो क्यों किया, अब करि क्यों पछताय।
बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥
कहाँ गया वो नफ़रती कीड़ा जिसकी देन है ये नफ़रत? उसने अजीत जी का कुशल मंगल जाना के नहीं?
7 हत्याओं का आरोपी बिहार का मुख्यमंत्री सड़क छाप अपराधी है जिसने तमाम लोकतांत्रिक परंपराओं को त्याग देश में पहली बार प्रदर्शनकारी छात्रों पर AK-47 से गोली चलवाई है।
छात्रों से समझौते के बाद भी बिहार में हज़ारों छात्रों पर फर्जी केस दर्ज कर हिरासत में लिया जा रहा है, परिजनों को प्रताड़ित किया जा रहा है। अगर छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो NDA सरकार को महंगा पड़ेगा।
देश में तो वैसे ही रिपोर्ट के अनुसार लगभग 20 स्कूल से अधिक रोज बंद हो रहे है,
ऐसे में उत्तर प्रदेश में यूनिवर्सिटी को गिराया जाना मतलब शिक्षा को कुचलने जैसा फैसला होगा,
जो इस देश के लिए कतई सही नहीं होगा,
इस फैसले को सरकार को पुनर्विचार करके वापस लेना चाहिए।