रामलीला मैदान में आज की रैली ने इतिहास रच दिया। जैसी रैली आज दिल्ली में श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की हुई है, वह "न भूतो न भविष्यति" वाली बात है। जहां तक नज़र जाती थी, वहां जनसमूह ही था। इतना उत्साह, अनुशासन और धैर्य था, और संविधान तथा लोकतंत्र बचाने के लिए हर कोई दृढ़ संकल्पित था।
आज की यह रैली आरएसएस, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह और श्री ज्ञानेश कुमार के लिए बड़ा संकेत है कि पूरा भारत, चाहे युवा हों, किसान हों, व्यवसायी हों, मध्यम वर्ग हो, दलित हों, समाज के हर वर्ग के लोग, अपने वोट की रक्षा के लिए इन फ़ासीवादी और तानाशाही मानसिकता वाले लोगों के खिलाफ एकजुट हैं।
इस ऐतिहासिक रैली की सफलता के लिए श्री @RahulGandhi , कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge और इंडिया गठबंधन के तमाम साथियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं राजस्थान समेत देशभर से रैली में आए सभी कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आमजन का हृदय से धन्यवाद देता हूं।
आज की रैली से स्पष्ट संदेश गया है कि भाजपा सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, देश से वोट का अधिकार खत्म नहीं कर सकती। यह वोट चोरी अब चलने वाली नहीं है।
नाम ही शिखर है, जैसा नाम वैसा ही काम उनका हुआ है। शिखर की तरह ही उन्होंने काम किया है। एक साथ 40 विला लेने की खबर अपने आप में चौंकाने वाली है। इसके लिए मुख्यमंत्री जी को खुद को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उनके कार्यकाल को 3 साल होने आए हैं, इन 3 सालों में सबसे बड़ा घोटाला कोई सामने आया है तो यही आया है। मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में मीटिंग करके छूट दी गई थी। जो आरोप लगे हैं जिसे झूठ साबित नहीं किया जा सकता। जिन पर आरोप लगे हैं वो भी इन्हें झुठला नहीं सकते हैं। कलेक्टर के तौर पर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन के रूप में तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के एसीएस के तौर पर जो फैसले हुए हैं वो अपने आप में स्पष्ट करते हैं कि जानबूझकर के भ्रष्टाचार की हदें पार करते हुए दिलेरी और साहस के साथ फैसले किए हैं। सोच सकते हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय में और क्या - क्या घोटाले हो रहे होंगे।
मुख्यमंत्री को खुद को आगे आना चाहिए। एसीबी को जांच देने से काम नहीं चलेगा, खाली एपीओ करने से काम नहीं चलेगा, सीबीआई या ईडी के सामने केस जाए। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
अधिकारी दम्पति विदेश बैठे हुए हैं,उन्हें तत्काल वापस आना चाहिए था। अगर उनका कोई दोष नहीं है, मीडिया में कन्फ्यूजन पैदा हो गया है, उनको चाहिए तुरंत वापस आएं और अपनी स्थिति अविलंब स्पष्ट करें।
एक बार खबर आई थी कि ये अधिकारी, आईजी सीएमओ, मुख्यमंत्री जी और उनके परिवार के लोग थे या कौन थे, आपस में छीनाझपटी भी हो गई थी, मुख्यमंत्री के सामने, कोई कहते हैं कि थप्पड़ लगा दिए। पर बहुत बड़ा कांड हुआ था। उसके बाद में आईजी को उदयपुर शिफ्ट किया गया मतलब उनको प्राइज़ पोस्टिंग दी गई कि अपना मुँह बंद रखो। जो काम हमने यहां करवाया आपसे, आपके थ्रू,और ये घटना हुई है मुख्यमंत्री के सामने, उस पर आप अपना मुँह बंद रखोगे इस शर्त के साथ में उनको उदयपुर का आईजी बनाया गया है।
आज जयपुर में शहीद स्मारक से राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग तक वोट चोरी और निकाय चुनाव में भाजपा की बेईमानी के खिलाफ प्रदर्शन और पैदल मार्च में शामिल हुए और गिरफ्तारी दी।
वोट चोरी एवं निकाय चुनाव में बीजेपी की बेईमानी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत की :
पत्रकार: सर, आज चुनाव आयोग के खिलाफ जयपुर में एक बड़ा प्रोटेस्ट रखा गया है। इसे आप किस तरह देखते हैं?
जवाब: चुनाव आयोग का जो रवैया रहा है, उसे लेकर राहुल गांधी जी ने डेढ़ साल पहले ही चेता दिया था। यह एसआईआर ,वोट चोरी देश में जम्हूरियत को खत्म कर देगी। पहले किसी ने परवाह नहीं की और चुनाव आयोग में यह अवैध काम चलता रहा। अब जाकर इनकी पोल खुली है।
आप सोचिए, चुनाव आयोग के खुद के दो सदस्यों ने 14 बार लिखित आपत्ति जताई कि उन्हें न तो मीटिंग का एजेंडा मिलता है और न ही मिनट्स। इस स्तर की संस्था पर इतने बड़े आरोप आज तक नहीं लगे होंगे। ज्ञानेश कुमार जी को सब मालूम था, फिर भी वे मौन रहे। आखिर थक हारकर दोनों सदस्यों को कैबिनेट सेक्रेटरी को पत्र लिखना पड़ा। एक मैसेज था कि भाई, हम तो अभी थक गए हैं, हाथ खड़े कर दिए हैं, आप कुछ कीजिएगा। यह स्थिति आ गई। उन हालातों में यह चल रहा है।
परसों हुई मीटिंग में सिर्फ फेस सेविंग और फॉर्मेलिटी की गई कि अब एजेंडा आएगा ,कोई विदेश जाएगा तो परमिशन ली जाएगी। तो मीटिंग के बाद में भी, धारणा जो बनी ,पहले की है, वो आज भी है। कल वो स्पष्टीकरण नहीं दे पाए। । संधू जी हों, चाहे जोशी जी हों, उनके जो मेन ऑब्जेक्शन थे उनको दरकिनार करने के कारण बिहार और बंगाल में जो नुकसान हुआ, उसका जवाबदेह कौन है? बंगाल में 29 लाख वोट काट दिए गए। 87,000 वोटों की जांच हुई, तो 90% वोट सही पाए गए। लाखों लोग वोट देने से वंचित रह गए। न्यायपालिका ने मई में जाकर एक्शन लिया, तब तक चुनाव निपट चुके थे।
राहुल गांधी जी ने हरियाणा चुनाव जब हम हारे चुनाव, महाराष्ट्र में हारे, तभी चेता दिया था कि ये वोट चोरी हो रही है। मीडिया के सामने उन्होंने प्रेजेंटेशन दी लेकिन लोग समझ नहीं पाए।
मैं कहना चाहूँगा, यह जो लड़ाई है, यह लड़ाई मामूली नहीं है। देश के वोटों के राज को बचाने की लड़ाई है। यह भावना घर-घर तक पहुँचनी चाहिए कि यह लड़ाई आपके लिए लड़ी जा रही है। कांग्रेस इसे बहुत गंभीरता से ले रही है। के.सी. वेणुगोपाल जी ने देशभर के कांग्रेस पदाधिकारियों को इस संघर्ष को ज़मीन तक ले जाने के निर्देश दिए हैं।
अगर लोकतंत्र ही समाप्त हो जाएगा, तो देश का क्या होगा? क्या चीन, रूस और नॉर्थ कोरिया की तरह यहां भी हमेशा के लिए RSS-BJP का राज स्थापित हो जाएगा? जैसे बंगाल में इन्होंने किया सत्ता पक्ष भी इनका और ममता बनर्जी के जो विधायक तोड़े, उन्हें ही विपक्ष का नेता बना दिया। क्या देश ऐसे चलेगा?
पत्रकार: सर, बीजेपी पूरी तरह चुनाव आयोग के बचाव में उतरी हुई है...
जवाब:
वे 'गिल्टी कॉन्शियस' (अपराध बोध से ग्रसित) हैं। चीफ इलेक्शन कमिश्नर, जो पहले हर बार मीडिया के सामने आकर विपक्ष के लिए निचले स्तर की भाषा का इस्तेमाल करते थे, वे आज मीडिया के सामने क्यों नहीं आ रहे हैं?
ये सभी लोग अपराध बोध से ग्रसित हैं और अब देश के सामने एक्सपोज़ हो चुके हैं। यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है और इसमें आम जनता, जेन -ज़ी सबको शामिल होना चाहिए, क्योंकि भविष्य उन्हीं का है।
पत्रकार: क्या पब्लिक कांग्रेस के इस मूवमेंट से कनेक्ट हो पाएगी?
जवाब:
हमें पब्लिक के बीच जाना पड़ेगा। उन्हें समझाना होगा कि यह लड़ाई उन्हीं के लिए लड़ी जा रही है। जब जम्हूरियत ही खत्म हो जाएगी, वोटों का राज ही नहीं रहेगा, तो उनका क्या होगा? लोग धीरे-धीरे इस बात को समझ जाएंगे।
पत्रकार: सर, चुनाव आयुक्त पर महाभियोग को लेकर आप कितने आश्वस्त हैं?
जवाब:
महाभियोग तो दो बार आ चुका है, अब तीसरी बार फिर आ जाएगा। इन्हें बस इस बात का घमंड है कि लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति इनके हैं, तो इनका कोई क्या बिगाड़ लेगा, इन्हें हटा नहीं पाएंगे। पर जनता इन्हें हटाएगी।
पूरे देश की जनता समझ गई है कि चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था में क्या तमाशा चल रहा है। 14 बार आपत्तियों के बावजूद किसी ने परवाह नहीं की। अब ये लोग पूरी तरह एक्सपोज़ हो चुके हैं।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
भगवान श्री कृष्ण की निष्काम भाव से कर्म करने की शिक्षा हमें सदैव कर्तव्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उनकी कृपा सदैव बनी रहे।
जय श्री कृष्ण।
आज प्रतापगढ़ में आयोजित जन आक्रोश यात्रा महारैली में संबोधन:
शिक्षा पद्धति में सुधार हो ,स्कूलों में मरम्मत के काम हों , आज इशू बन गया है। छात्रों की गूँज प्रोग्राम में आप देखते हो राहुल गांधी जी को, कितने बच्चे बच्चियां आ रहे हैं। खरगे साहब अभी वहां चले गए उत्तराखंड, वो दलित वर्ग के हैं हमारे कांग्रेस प्रेजिडेंट, उनके जाने के बाद में उनकी जगह को धोया गया, पवित्र किया गया। राजस्थान में हमारे नेता प्रतिपक्ष दलित वर्ग के हैं जूली साहब, वो भी मेघवाल हैं, आप बताइए वो चले गए मंदिर में, धोया गया उसको। ये संविधान के अंदर कानून के खिलाफ है। मुकदमा दर्ज होना चाहिए उन बेईमानों के खिलाफ जो कि इस तरह की हरकत करते हैं।
फिर एक बार श्री @RahulGandhi की अगुवाई में सत्य और न्याय की जीत हुई। 20 जुलाई को जंतर मंतर पर छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई, जिसमें श्री साहिल गंभीर रूप से घायल हुए, छर्रे आज भी उनके दिल के पास मौजूद हैं। एक महीने से ज्यादा समय तक दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज करने से बचती रही, आखिरकार श्री राहुल गांधी के धरने के आगे झुकना पड़ा।
जिस सरकार को स्वयं इंसाफ देना चाहिए था, उसे सड़क पर धरना देकर मजबूर करना पड़ा, यह भाजपा शासन में कानून व्यवस्था की असलियत है। पूरे देश में जेन-जी और युवाओं में आक्रोश बना हुआ है पर ऐसा लगता है सरकार इससे अनभिज्ञ बनी हुई है।
अब दिल्ली पुलिस को दोषियों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। श्री साहिल के साथ न्याय तभी पूरा होगा जब असली गुनहगार सलाखों के पीछे होंगे।
भारतीयों के बीच सद्भावना, हर दिल में करुणा और, हर नागरिक को न्याय और लोकतंत्र में समान अधिकार..
पापा, आपकी ये सीख मेरी शक्ति है और आपकी यादें मेरी हिम्मत। आपके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी के संबोधन के बाद उसी मंच पर भाजपा-आरएसएस के लोगों द्वारा तथाकथित हवन-पूजा कराया जाना बेहद शर्मनाक, घृणित और निंदनीय है। यह एक बार फिर भाजपा-आरएसएस की दलित विरोधी सोच को बेनकाब करता है।
यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, इस देश के करोड़ों गरीबों, दलितों, शोषितों और वंचितों का अपमान है। भाजपा-आरएसएस आज भी उसी संकीर्ण मानसिकता में जी रही है जिसे बाबा साहेब ने संविधान के जरिए तोड़ा था।
देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा, भाजपा-आरएसएस की जातिवादी सोच से नहीं। इस ओछी और घृणित मानसिकता के खिलाफ श्री @kharge जी एवं श्री @RahulGandhi जी की अगुवाई में हमारी लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रहेगी।
प्रयागराज आ रहा हूं - देश के उस शहर में जहां सबसे ज़्यादा नौजवान तैयारी करते हैं।
एक बात साफ़ है: यहां का हर छात्र जानता है कि system बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं - कमी उस system की नीयत में है जो आपकी मेहनत का दाम नहीं देती।
पेपर लीक, रुकी भर्तियाँ, सालों का इंतज़ार और जवाबदेही किसी की नहीं।
कोटा में छात्र बोले, देहरादून में फिर आवाज़ उठी और दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियाँ चलीं - सिर्फ़ सवाल पूछने के लिए। आखिर में एक मंत्री को जाना पड़ा।
यह सरकार झुकती है बस आवाज़ एक साथ उठनी चाहिए।
कल प्रयागराज में यही बात करने आ रहा हूं। आप भी आइए। 8 अगस्त, शाम 5 बजे - के.पी. ग्राउंड, प्रयागराज।
#ChhatronKiGoonj
छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्र नेता श्री शुभम रेवाड़ का एसएमएस अस्पताल में 15 दिन से अनशन जारी है और अब तो उन्होंने पानी पीना भी छोड़ दिया है। भाजपा सरकार ने न उनका अनशन समाप्त करवाने की कोशिश की, न उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया।
प्रदेश के असंख्य छात्र-छात्राएं छात्रसंघ चुनाव मांग रहे हैं, पर सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। आखिर भाजपा सरकार को ऐसा क्या डर है? पड़ोसी मध्य प्रदेश में हाईकोर्ट के आदेश पर सितंबर 2026 तक सभी 15 सरकारी विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे। राजस्थान सरकार वहां से सीख ले और तुरंत चुनाव की घोषणा करे।
सरकार के प्रतिनिधि अविलंब शुभम रेवाड़ से अस्पताल जाकर मिलें और उनका अनशन समाप्त कराने की पहल करें।
सवाल : सर, जादूगरी आज पूरे विश्व में कला कहलाती है, कल मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अशोक गहलोत जी हेराफेरी करते हैं।
जवाब : हेराफेरी है। ये सरकार पूरी हेराफेरी से ही चल रही है। सरकार नाम की चीज है नहीं। ये सरकार खुद ही हेराफेरी कर रही है और लोगों को भ्रमित कर रही है और कुछ काम नहीं कर रही है। मैजिशियन की कला तो देश में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय जगत में बहुत ही प्रसिद्ध कला है। उसका उद्गम स्थान कहते हैं हिंदुस्तान से ही हुआ था। सैकड़ों साल पहले, जादू कला का उद्गम जो है हिंदुस्तान से चला था दुनिया के मुल्कों में अमेरिका हो या इंग्लैंड हो। तो हमें तो गर्व होना चाहिए। अब मुख्यमंत्री को पता ही नहीं है इस कला बैकग्राउंड क्या है तो फिर वो ऐसे कमेंट करेंगे और क्या करेंगे? किसी ने कह दिया होगा उनके पीआर देखने वाले ने कि आप ये जुमला बोल दो। वो जुमला बोल गए। अपने मन से नहीं बोले थे मुझे मालूम है।
सवाल : पिताजी के साथ आप विदेश में इस कला का प्रदर्शन करने गए थे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर।
जवाब : वो छोड़िए, वो तो विदेश गए हम लोग। पिताजी जापान भी गए थे। हम हांगकांग भी गए थे। लंबी कहानी है।
सवाल : आपने सरकार चलाई। जादूगरी करते थे हर कामकाज, मॉडल लेकर आए।
जवाब : लोग प्यार से कहते हैं भाई जादूगर तो प्यार से, आप लोगों के प्यार, आपकी मोहब्बत, प्रदेशवासियों का विश्वास अटूट है। मेरी लाइफ की पूंजी यही है। मुझे जिंदगी में जो प्यार, जो विश्वास मुझे मिला है प्रदेशवासियों से, वो मिसाल बहुत कम है। मैं समझता हूं कि मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे प्रदेश के लोगों ने कमी नहीं रखी। छत्तीस ही कौम के लोगों ने मुझे जो विश्वास दिया है, वोट दिया नहीं दिया परंतु उनका प्यार, उनकी मोहब्बत, उनका विश्वास अटूट रहा है। जब जाकर एक आदमी मेरी कम्युनिटी का है MLA विधानसभा में और वो माली कम्युनिटी का मैं खुद ही था कांग्रेस के अंदर ,तब भी मुझे मुख्यमंत्री रखा पाँच साल, दस साल, पंद्रह साल। ये आप समझ लीजिए इससे बड़ा क्या उदाहरण हो सकता है देश के अंदर कि जिस व्यक्ति का एक MLA हो और वो व्यक्ति जो है, चाहे सोनिया जी थी, चाहे राहुल जी थे, सबका सहयोग रहा, प्रियंका जी का रहा और मुझे तीन-तीन बार मुख्यमंत्री बना दिया। पहली बार जब बनाया होगा तो क्या सोचा होगा? कुछ तो देखा होगा । कुछ तो जो मैंने काम किया PCC के अंदर तो कुछ ऐसे काम हुए होंगे पार्टी के इंटरेस्ट के अंदर जिसके कारण से मुझे अवसर मिला। तो मैं समझता हूं कि वो मेरी जिंदगी की बहुत बड़ी एसेट है, पूंजी है। उसको साथ लेकर मैं आगे बढ़ना चाहता हूं।
गुरु पूर्णिमा के पुनीत अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। गुरु के मार्गदर्शन और उनकी महिमा को सिद्ध करने वाले अनेक उदाहरण हमारे इतिहास में दर्ज हैं। आज इस मौके पर हमें गुरुजन के प्रति कृतज्ञता अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. सीपी जोशी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
ईश्वर से आपके अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु होने की कामना करता हूं। @drcpjoshi
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मकराना में एक विद्यालय के भीतर साढ़े तीन वर्ष की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। यह जघन्य कृत्य मानवता को शर्मसार करने वाला है।
हमारी सरकार ने पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए केस ऑफिसर स्कीम को प्रभावी बनाया, जिसके माध्यम से दुष्कर्म के अनेक मामलों में अपराधियों को रिकॉर्ड समय में कठोरतम सजा, यहां तक कि मृत्युदंड तक दिलवाई गई। वर्तमान सरकार को चाहिए कि इस मामले को तत्काल केस ऑफिसर स्कीम में लेकर फास्ट-ट्रैक सुनवाई के माध्यम से अपराधी को सख्त से सख्त सजा दिलवाए एवं पीड़ित परिवार को पूर्ण सहायता व सुरक्षा प्रदान करे।
बच्चियों की सुरक्षा किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी है। सरकार संवेदनशीलता दिखाए और ऐसे कदम उठाए कि प्रदेश का कोई भी माता-पिता अपनी बच्ची को स्कूल भेजते समय भयभीत न हो। राजस्थान की भाजपा सरकार इसमें अभी तक नाकाम साबित हुई है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के स्थापना दिवस पर सीआरपीएफ के सभी कर्तव्यनिष्ठ जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। राष्ट्र के प्रति आपकी अमूल्य सेवाओं के लिए हम सदैव ऋणी रहेंगे।