दलितों ने ब्राह्मण के घर में घुस कर बुरी तरह मारा भी और उल्टा एससी/ एसटी में जेल भेजवा दिए , घटना फूलपुर प्रयागराज की है , आख़िर इस शासन तंत्र को ब्राह्मणों से इतनी चिढ़ क्यों है ?? सारे ब्राह्मणों को एक ही बार मरवा क्यों नहीं देते ??
भरत तिवारी की हत्या इसलिए नहीं की गई उन्होंने पुलिस पर पिस्टल तान दिया, बल्कि उनकी हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि उनके फोन में उन अधिकारियों और नेताओं के ₹1400 करोड़ से ज्यादा का करप्शन का काला चिट्ठा था।
इसी करप्शन को छुपाने के लिए भरत तिवारी की हत्या की गई और उसे एनकाउंटर का रूप देने की कोशिश किया गया था।