आगरा-बांदीकुई मार्ग के नदबई–खेड़ली रेलखंड (किमी 96/08) पर गाड़ी संख्या 64621 (ईदगाह–बांदीकुई मेमू) के एक कोच का एक पहिया अवपथित हो गया था जिसमें सभी यात्री पूर्णतः सुरक्षित हैं।
मण्डल रेल प्रबंधक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तकनीकी दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पहिए को पुनः पटरी पर चढ़ा लिया गया (री-रेल) है। इसके साथ ही उक्त रेलखंड पर परिचालन सुचारु रूप से पुनः बहाल कर दिया गया है।
आगरा-बांदीकुई मार्ग के नदबई–खेड़ली रेलखंड (किमी 96/08) पर गाड़ी संख्या 64621 (ईदगाह–बांदीकुई मेमू) के एक कोच का एक पहिया अवपथित हो गया था जिसमें सभी यात्री पूर्णतः सुरक्षित हैं।
मण्डल रेल प्रबंधक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तकनीकी दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पहिए को पुनः पटरी पर चढ़ा लिया गया (री-रेल) है। इसके साथ ही उक्त रेलखंड पर परिचालन सुचारु रूप से पुनः बहाल कर दिया गया है।
आगरा-बांदीकुई मार्ग के नदबई–खेड़ली रेलखंड (किमी 96/08) पर गाड़ी संख्या 64621 (ईदगाह–बांदीकुई मेमू) के एक कोच का एक पहिया अवपथित हो गया था जिसमें सभी यात्री पूर्णतः सुरक्षित हैं।
मण्डल रेल प्रबंधक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तकनीकी दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पहिए को पुनः पटरी पर चढ़ा लिया गया (री-रेल) है। इसके साथ ही उक्त रेलखंड पर परिचालन सुचारु रूप से पुनः बहाल कर दिया गया है।
आगरा-बांदीकुई मार्ग के नदबई–खेड़ली रेलखंड (किमी 96/08) पर गाड़ी संख्या 64621 (ईदगाह–बांदीकुई मेमू) के एक कोच का एक पहिया अवपथित हो गया था जिसमें सभी यात्री पूर्णतः सुरक्षित हैं।
मण्डल रेल प्रबंधक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तकनीकी दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पहिए को पुनः पटरी पर चढ़ा लिया गया (री-रेल) है। इसके साथ ही उक्त रेलखंड पर परिचालन सुचारु रूप से पुनः बहाल कर दिया गया है।
उक्त सूचना के अनुपालन में A SI- राम प्रसाद जैसवारा हमराह स्टाफ के साथ BPCL साइडिंग पर पहुंचकर चारों तरफ देखा किसी भी तरह का कोई भी तेल के ताजा निशान नहीं मिले। आसपास पूछताछ किया किसी ने भी इस तरह की कोई घटना होना नहीं बताया। *श्रीमान जी उक्त शिकायत में दिख रही वीडियो ट्वीटकर्ता द्वार अन्यत्र स्थान से कंपाइल कर RPF की छवि को धूमिल करने के लिए की गई है। क्योंकि इस समय BPCL एरिया में रेलवे कार्य क्षेत्र में बाउंड्री वाल लगा दी गई है । व पांडु नदी होने के कारण चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा है। जो कि उक्त शिकायत करता का वीडियो BPCL साइडिंग से भिन्न है। श्रीमान जी उक्त के संबंध में अवगत कराना है कि जब भी BPCL रैक साइडिंग में प्लेसमेंट एवं Done आउट होना होता है। DY / SS PNKD से सूचना/मेमो प्राप्त होती है, रैंक पहुंचने से पहले स्टाफ को भेज कर तैनात कर दिया जाता है। और RPF स्टॉफ की निगरानी में लोड पास कराया जाता है इसके अतिरिक समय समय पर रात्रि/दिवस ड्यूटी अधिकारी भी मौके पर पहुंच कर रैक को सकुशल पास कराते है। *वर्तमान में इस प्रकार की कोई भी अनियमितता या गतिविधि की कोई सूचना नहीं है। यह भी उल्लेखनीय है की तेल चोरी के संबंध में रेल के किसी विभाग द्वारा या BPCL द्वारा कोई भी सूचनाओं या जानकारी RPF को नहीं दी गई है* साथ ही उक्त प्रकार की घटनाओं पर सिविल पुलिस के साथ समन्वय कर अंकुश लगाया गया है । उक्त ट्विटर शिकायत पूर्व में भी आ चुकी है
लगाए गए आरोप आधारहीन व बेबुनियाद है ।उक्त सूचना में IPF PNKD महोदय का अनुमोदन प्राप्त है।
@PawanPrabh54694@narendramodi@JPNadda@drmprayagrajnc@NCRonline सूबेदारगंज स्टेशन पर बिक्री के लिए उपलब्ध Dabh पानी एक स्वीकृत ब्रांड है। यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पानी के नियमित रूप से सैंपल लिए जाते हैं और उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाती है।
रेल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की गई है। आगरा कैंट बुकिंग कार्यालय में उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित टिकट काउंटर 16:13 बजे खोला गया तथा 17:33 बजे तक कुल 258 टिकट जारी किए गए, अर्थात लगभग 01 घंटे 20 मिनट की अवधि में लगातार टिकट वितरण किया गया।
ड्यूटी पर तैनात स्टाफ द्वारा टिकट वितरण का कार्य किया जा रहा था। संबंधित अवधि का ITC रिकॉर्ड भी निकलवाकर जांचा गया है, जिसमें 258 टिकट जारी होना दर्ज है।
वायरल वीडियो के संबंध में यह भी स्पष्ट किया जाता है कि वीडियो में ऑन-ड्यूटी स्टाफ द्वारा संबंधित व्यक्ति से किसी प्रकार की अभद्र भाषा या बदतमीजी करते हुए दिखाई नहीं देता। स्टाफ द्वारा ऐसा कोई कथन भी वीडियो में नहीं है, जिससे बदतमीजी के आरोप की पुष्टि होती हो। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को बाहर से कोई व्यक्ति वीडियो बना रहा है, इसकी भी जानकारी नहीं थी।
काउंटर पर टिकट लेने के दौरान कुछ महिला यात्री बिना निर्धारित कतार के काउंटर तक पहुंच रही थीं तथा अन्य यात्रियों द्वारा भी एक स्थान पर कतारबद्ध होने के बजाय समूह में खड़े होने की स्थिति देखी गई। इसके बावजूद टिकट वितरण लगातार किया गया।
रेल प्रशासन यात्रियों की सुविधा एवं सुचारु टिकट वितरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा यात्रियों से अपील है कि टिकट लेते समय निर्धारित कतार का पालन करें और ड्यूटी पर तैनात रेल कर्मचारियों के साथ सहयोग करें।
आगासोद यार्ड में चल रहे रिमॉडलिंग कार्य के चलते कुछ गाड़ियों का मार्ग परिवर्तित किया गया था। इस संबंध में जानकारी 14.08.2026 को ही प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जारी कर दी गई थी। 15.08.2026 के सभी प्रमुख समाचार पत्रों में यह जानकारी प्रकाशित भी हुई थी।
इसके अतिरिक्त सभी यात्रियों को उनके मोबाइल पर भी सूचना पहुंचाई जाती है।
यात्रियों से अनुरोध है कि अपनी यात्रा शुरु करने से पहले अपने ट्रेन की वास्तविक स्थिति रेलवे के आधिकारिक स्त्रोतों 139/NTES पर अवश्य जांच लें।
सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट में दर्शाए गए स्थान का संबंधित विभाग द्वारा निरीक्षण किया गया है। वीडियो में दिखाई दे रहे पुराने कूड़ेदान आगरा कैंट स्टेशन से हटाए जा चुके हैं। क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के कारण निर्माण सामग्री एवं सीमेंट के बैग अस्थायी रूप से रखे गए थे, जिन्हें निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित/हटाया जा रहा है।
डस्टबिन के आसपास बिखरा कचरा भी साफ करा दिया गया है। सफाई कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से सफाई एवं निगरानी की जा रही है। संबंधित विभाग को क्षेत्र में उचित साफ-सफाई, निर्माण सामग्री के व्यवस्थित रखरखाव तथा कचरे के समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
ट्वीट के साथ संलग्न तस्वीरों में दिखाई गई सड़क कोई सर्विस रोड नहीं है। उक्त कच्ची सड़क का उपयोग डीएफसीसीआईएल (DFCCIL) द्वारा डीएफसी (DFC) से संबंधित कार्यों के निष्पादन हेतु किया जा रहा था।
झींझक रेलवे स्टेशन का मुख्य पहुंच मार्ग (अप्रोच रोड), जो स्टेशन के उत्तर दिशा में स्थित है, वर्तमान में उचित स्थिति में है और आम जनता के आवागमन तथा वाहनों के संचालन के लिए उपलब्ध है।
इसके अलावा, दक्षिण दिशा में फुट ओवरब्रिज (FOB) की लैंडिंग से पास की ग्रामीण सड़क की ओर जाने वाला पहुंच मार्ग भी अच्छी स्थिति में है और आमजन के आवागमन हेतु चालू है।
वर्तमान में झींझक स्टेशन पर 31 ट्रेनों का ठहराव है:
* अप (UP): मेल/एक्सप्रेस – 07, पैसेंजर – 04, फास्ट मेमू – 01, स्पेशल – 03
* डाउन (DN): मेल/एक्सप्रेस – 08, पैसेंजर – 04, फास्ट मेमू – 01, स्पेशल – 03
* ट्वीट के साथ संलग्न तस्वीरों में दिखाई गई सड़क कोई सर्विस रोड नहीं है। उक्त कच्ची सड़क का उपयोग डीएफसीसीआईएल (DFCCIL) द्वारा डीएफसी (DFC) से संबंधित कार्यों के निष्पादन हेतु किया जा रहा था।
* झींझक रेलवे स्टेशन का मुख्य पहुंच मार्ग (अप्रोच रोड), जो स्टेशन के उत्तर दिशा में स्थित है, वर्तमान में उचित स्थिति में है और आम जनता के आवागमन तथा वाहनों के संचालन के लिए उपलब्ध है।
* इसके अलावा, दक्षिण दिशा में फुट ओवरब्रिज (FOB) की लैंडिंग से पास की ग्रामीण सड़क की ओर जाने वाला पहुंच मार्ग भी अच्छी स्थिति में है और आमजन के आवागमन हेतु चालू है।
वर्तमान में झींझक स्टेशन पर 31 ट्रेनों का ठहराव है:
* अप (UP): मेल/एक्सप्रेस – 07, पैसेंजर – 04, फास्ट मेमू – 01, स्पेशल – 03
* डाउन (DN): मेल/एक्सप्रेस – 08, पैसेंजर – 04, फास्ट मेमू – 01, स्पेशल – 03
यह वीडियो/समाचार जून 2025 का है जोकि लगभग एक वर्ष से अधिक पुराना है, जिसे वर्तमान घटना के रूप में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। संबंधित पुरानी खबर एवं वीडियो के स्रोतों से इसकी पुरानी तिथि की पुष्टि होती है। अतः इस पोस्ट को वर्तमान घटना से जोड़कर प्रसारित करना भ्रामक है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अनुरोध है कि किसी भी समाचार या वीडियो को साझा करने से पूर्व उसकी तिथि एवं प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें।
आरओबी संख्या 1343/3 खेरियामोड़ आरओबी के री-गर्डरिंग की योजना पहले से ही बनाई जा चुकी है। नए आरओबी के सभी गर्डर साइट पर तैयार हैं। इस आरओबी पर भारी वाहनों की आवाजाही पहले से ही प्रतिबंधित कर दी गई है।
आरओबी के प्रतिस्थापन कार्य को पूरा करने के लिए जिलाधिकारी, आगरा और डीसीपी ट्रैफिक, आगरा से इस आरओबी पर 90 दिनों के लिए सड़क बंद करने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति प्राप्त होते ही कार्य तत्काल शुरू कर दिया जाएगा।
यह खबर पुरानी है। मूल खबर की तारीख 22 सितंबर 2024 है, जबकि इसे आज पुनः पोस्ट किया गया है। कृपया पुरानी खबर को वर्तमान घटना के रूप में प्रस्तुत न करें और पोस्ट साझा करने से पहले इसकी तारीख एवं संदर्भ की पुष्टि अवश्य करें।
यूपी चुनाव में योगी जी को हराने के लिए क्या-क्या होगा???
ये राक्षस पता नहीं क्या-क्या करेंगे??
उत्तर प्रदेश में फिर ट्रेन पलटाने की साज़िश???
यूपी के कानपुर में ट्रेन पलटाने की साज़िश? ट्रैक पर LPG सिलेंडर पाया गया! इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी गई।
कानपुर से फतेहपुर के बीच दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर LPG गैस सिलेंडर रखा गया था।
कौन हैं मानवता के दुश्मन? यह बात हम सबको पता है...
@JharkhandRail@khurpenchh@INCKerala@Khurpench_@GemsOfRailway This was seen by OBHS staff yesterday night and cleaning of said coach done immediately and closing of window done by OBHS staff. And video of same sent to control by OBHS staff. Same is attached. Also there is no any history of water leakage in this coach.(2/2)
@JharkhandRail@khurpenchh@INCKerala@Khurpench_@GemsOfRailway Due to rain between Katni and Jabalpur in night of Sept 19 and since the doors and windows of Coach S3 of 04171 was open water ingress from window and doors inside coach. And coach was nearly empty so no one closed the windows. (1/2)