ट्रेन जैसी बंद और संवेदनशील जगह में दिया जलाकर पूजा करना क्या वाकई उचित है? अगर जलता हुआ दिया गिर जाए और आग लग जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या एक व्यक्ति की धार्मिक आस्था के नाम पर सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डालना सही है?
मुसलमानों के नाम पर अपनी सियासी रोटी सेकने वालों ने कभी मुसलमानों के मुद्दों को इस तरह नहीं उठाया होगा जिस बेबाकी से नेहा बोरा ने आवाज़ उठाई है
मुसलमानों का झोला भर भर कर वोट लेने वाले तो "मुसलमान" लफ़्ज़ बोलने से परहेज़ करते हैं
इबादत
सादिक
अब्दुल्ला
साहेब
फैजल
आजम
शब्बीर
इमरान
मुश्ताक और राजिक .
इनका नाम ही इनकी पहचान है और इनकी पहचान ही आज के दौर में इनकी सबसे बड़ी मुसीबत है . इस सबको एमपी पुलिस ने दंगा , आगजनी , मारपीट , घर में जबरन घुसने और विस्फोटक रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था , मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक ये सारे दंगाई थे लेकिन मध्यप्रदेश की ही अदालत ने इन्हें हिंसा और दंगा के आरोपों से बरी कर दिया है . अदालत ने अपने फैसले में ये भी पूछा है कि पुलिस ने आखिर इन 11 लोगों को किस आधार पर दंगे का आरोपी बनाया ? आज इंडियन एक्सप्रेस ने विस्तार से पूरी रिपोर्ट छापी है .
कोर्ट का ये फैसला एमपी सरकार के मुंह पर तो तमाचा है ही इस बात का भी सबूत है कि कैसे इस देश में मुसलमानों को दंगाई घोषित करके सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
अभिजीत दीपके सोनम वांगचुक और सौरव दास धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा दिलवा कर ख़ुशी मना रहे है।
उधर दिल्ली में बजरंगदल जो एक दंगाई गिरोह है वो लगातार छात्रों की पीट रही है।
और दल्ली पुलिस मूकदर्शक बनी देख रही है
After a youth's murder in Saharanpur, UP, Family members, along with local residents, staged a highway protest by placing the teenager's body on the road, demanding the arrest of all the accused. The protest turned violent and police resorted to a lathi charge and beat women protesters.
भूल तो नहीं गए मित्रों?
भाजपा आपके बच्चों को गंजेड़ी बनाना चाहती है, आपके बच्चों का ये मुस्तकबिल तय किया है भाजपा ने
शिक्षा, रोजगार, नौकरी देने में अक्षम भाजपा के पास युवाओं को देने के लिए सिर्फ गांजा है?
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है और बताया जा रहा है की आंदोलन खत्म होने के बाद पुलिस हॉस्टलों में जाकर छात्रों को गिरफ्तार कर रही है!
आखिर क्या सच्चाई है इस वीडियो की क्या सरकार ने नहीं कहा था की छात्रों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी!
क्या सरकार फिर से छात्रों के साथ धोखा कर रही है?
सुहाना खान का नाम सुनते ही पुलिस ने कहा, 'इसे अलग लेकर आओ।' इसके बाद सिविल ड्रेस में मौजूद एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मुझे करीब 7 घंटे तक टॉर्चर किया। मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया और मुझे बेरहमी से पीटा।
प्रधानमंत्री - आरएसएस से
गृह मन्त्री - आरएसएस से
परिवहन मन्त्री - आरएसएस से
लोकसभा स्पीकर - आरएसएस से
कृषि मन्त्री - आरएसएस से
रक्षा मन्त्री - आरएसएस से
बिजली मन्त्री - आरएसएस से
और अब शिक्षा मन्त्री - आरएसएस से
एक बात नहीं समझ आती, पदों पर नियुक्ति सरकार करती है या मोहन भागवत??
सब जानते हैँ आरएसएस एक जाहिल संस्थान है
फिर वहां से निकले लोग देश के सर्वोच्च पदों पर कैसे हैँ?? प्रहलाद जोशी को किसने चुना?
जवाब दीजिये 🤔
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका का यूपी के मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला चैलेंज!
आशुतोष रांका ने कहा अगर योगी जी ये वीडियो देख रहे हैं तो उनसे कहना है की जुनैद भाई के परिवार वालों को तुरंत रिहा किया जाए!
वरना दूसरा जंतर मंतर यूपी में बना देंगे यहां जितने यूपी वाले दिख रहे इससे 500 गुना ज्यादा स्टूडेंट्स यूपी पहुंचेंगे जुनैद भाई के समर्थन के लिए!
अभी दो दिनों पहले खबर मिली थी की जंतर मंतर में खाना बांट रहे जुनैद भाई के परिवार वालों को यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया था!
और जुनैद भाई को जंतर मंतर छोड़ कर यूपी बुलाया जा रहा था इसी मामले में आज धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आशुतोष रांका ने जुनैद भाई के लिए भी आवाज उठाई और योगी को चैलेंज दिया!
जंतर मंतर से जुनैद भाई का एक वीडियो वॉयरल हो रहा है,
जिसमें वो कह रहे हैं कि मेरे घर पर पुलिस गई थी, कुछ डॉक्यूमेंट्स लेकर गई है।
इनके बहन के ससुराल भी पुलिस गई थी सास ससुर से बात चीत हुई।
बोल रहे हैं कि पुलिस उन्हें यूपी बुलाना चाहती है जबकि इनके ऊपर कोई FIR नहीं है।
जुनैद भाई आप का कसूर है कि आप दाढ़ी टोपी वाले हो और नाम भी उर्दू है।
सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग की। AK-47 से भी फायरिंग की गई।
जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। #Bihar