5 तारीख को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है…
7 तारीख को रांची में हाईकोर्ट में सुनवाई है…!
समय बहुत कम है भाई…
ट्रेन से तो जा नहीं सकते।
आखिर छात्र हित का मामला है
फ्लाइट से ही जाना होगा!
और अकेले थोड़े न जा सकते हैं…
छात्र हित में दो-चार लोग और जाएंगे।
वो अलग बात है कि छात्र हित में
एकाध दर्जन सुपर सीनियर वकील पहले से रखे हुए हैं…
लेकिन फिर भी
छात्र हित में हमारा दिल्ली जाना जरूरी है,
छात्र हित में फ्लाइट से जाना जरूरी है,
और छात्र हित में फ्लाइट की टिकट के लिए फंडिंग भी जरूरी है!
तो देर किस बात की?
जल्दी फंडिंग कीजिए…
दबाकर फंडिंग कीजिए…
छात्र हित में फ्लाइट छूटनी नहीं चाहिए! 😕😕
वाह क्या बात है🤨
सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में CBI के लिए जोर लगा दिए हो , वही
दूसरी तरफ झारखंड में मक्खन लगा रहे हो 😏
मतलब दोनों तरफ से बैटिंग करना इसी को कहते हैं ।
पुराने छात्र नेता से सब धीरे धीरे सीख रहा है कि चंदा भी उठाओ💰 और चांद तक जाने का सपना भी उठाओ✈️
वैसे रिफॉर्म मंच के तरफ से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में इतने वकील कौन ला रहा है ये भी सरकार को ब��ा दो🤫
इस आधुनिक “भस्मासुर” को पहचानते हो? 🔥
फैसला अपने पक्ष में तो “न्यायपालिका ज़िंदाबाद”…
पसंद न आए तो “बिल्डिंग-दुनियादारी में आग”, “झारखंड चक्का जाम”? 🤔
आंदोलन अधिकार है, धमकी लोकतंत्र नहीं।
न्याय वही अच्छा जो अपने पक्ष में हो—ये कै��ा पैमाना, चुप्पी बाबू? ⚖️संस्थाओं का सम्मान फैसले देखकर नहीं बदलता।
नोट: कहानी और पात्र पूर्णतः काल्पनिक एवं व्यंग्यात्मक हैं।
#JSSCCGL #JPSC #JHARKHAND #MERIT
ये बिल्डिंग..ये दुनियादारी
सबको जला देना है..जलाकर राख कर देना है..किसी को बख्शना नहीं है..!
“The So-Called Student Leaders of the ‘Radd Brigade"
ये छात्र हैं??छात्र नेता है??
दीजिए चंदा भाई..इनको आग लगाना है..माचिस खरीदना होगा..केरोसिन भी चाहिए होगा!
और आपलोग चंदा देते नहीं हैं..😕😕
मैं अनिल रजक यह बता दे रहा हूं कि
झारखंड के मीडिया चैनल भारत मित्र करके है और एक अभिषेक आनंद यह दोनों मेरा फोटो देखकर मुझे जज करने और बदनाम करने का कोशिश किया
जिसके कारण इन लोगों के ऊपर में लीगल एक्शन ले चुका हूं और याद रखना अपने ��दम पीछे कभी नहीं कर पाऊंगा
@TheBaratMitra
@nevergiveup2u भारत मित्र चैनलऔर अभिषेक आनंद यह दोनो के नाम से
मानहानि केस और sc st act ke तहत FIR कर चुका हूं
बिना वेरीफाई किए फोटो के आधार पर जो बातें कर रहा है
बताता हूं
Wait and watch
@abhisheksnandan और इसमें जितना भी मैसेज किए हैं सबका स्क्रीनशॉट रख लिया हूं अगर पावर है तो डिलीट मत करना बाकी दिखाते हैं कि हम नाटक किए हैं या हकीकत है अगर तुमको लगता है की हकीकत है तो थाना में और कोर्ट में साबित करना
@abhisheksnandan मेरा बात याद करके रख लो कि मेरा जो कदम आगे बढ़ गया है वह पिक्चर नहीं हटेगा चाहे जो कुछ हो जाए
बिना किसी को वेरीफाई किए फोटो के आधार पर अपमान जो कर रहे हो इसका परिणाम बहुत जल्द मिलेगा
@abhisheksnandan Me Anil rajak
आप लोग मैं से मैसेज जितने भी लोग बिना किसी सच्चाई जाने ��ो भी कुछ पोस्ट कर रहे हो एक चीज में बता दे रहा हूं मैं पीछे नहीं हटूंगा
मानहानि और sc st ka case FIR कर चुका हूं अभिषेक भैया आप और एक भारत मित्र चैनल
सबका नजर देख लिए अब मेरा नजारा देखिए आप लोग
जोहार
मंशा अगर सच में न्य���य की थी, तो सवाल इतने असहज क्यों हैं?
क्यों नहीं मांगा गया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का इस्तीफा, जिन्होंने पूरी परीक्षा को क्लीन चिट मिलने के बाद नियुक्तियां करवाई थीं?
क्यों नहीं मांगा गया उन सीआईडी अधिकारियों की जवाबदेही, जिनकी क्लीन चिट के बाद परीक्षा और नियुक्तियों को लेकर आगे की कार्रवाई हुई?
क्यों नहीं मांग सिर्फ इतनी थी
जो चोरी से नियुक्त हुआ है, उसे बर्खास्त करो।
लेकिन नहीं।
मा��ग दोषियों पर कार्रवाई से बढ़कर सबकी नौकरी छीनने तक पहुंच गई।
और यहीं से एक और चीज सामने आने लगी
व्यवस्था के खिलाफ गुस्से के साथ व्यक्तिगत कुंठा, असफलता की पीड़ा और दूसरों की सफलता के प्रति ईर्ष्या भी घुलती चली गई।
और फिर सवाल यह नहीं रहा कि कौन दोषी है?
सवाल बस इतना रह गया
किस तरह सबको दोषी साबित किया जाए?
दोषी और निर्दोष के बीच फर्क करना जरूरी नहीं समझा गया।
जांच और आरोप के बीच का फर्क मिटा दिया गया।
कुछ की गलती का बोझ सैकड़ों अभ्��र्थियों के सिर डाल दिया गया।
क्यों?
क्योंकि जब व्यक्तिगत कुंठा और ईर्ष्या न्याय के नाम पर बोलने लगती है, तो उसे दोषी खोजने में नहीं, सबको गिराने में संतोष मिलता है।
अगर मंशा सचमुच न्याय की होती, तो निशाना दोषी होते।
अगर मंशा व्यवस्था सुधारने की होती, तो सवाल व्यवस्था से होते।
लेकिन जब निशाना हर सफल अभ्यर्थी बन जाए, तो सवाल उठना स्वाभाविक है
कहीं न्याय की आड़ में शुरुआत से ही सबकी नौकरी खाने की मंशा तो नहीं थी?
और इसी कुंठा, ईर्ष्या और सामूहिक संदेह की सबसे बड़ी कीमत शायद उन लोगों ने चुकाई,
जिनका अपराध सिर्फ इतना था कि वे
सफल हो गए थे।
@BJP4Jharkhand
@The_FollowUp
पीजीटी और लैब असिस्टेंट.
पहले जांच और फिर रद्द होगा..।
सीजीएल और 11 to 13..
पहले रद्द होगा फिर जांच होगा..!
मार्केट में नया आया है..
सुने तो आपको भी सुना दिए🙃🙃
CID की जाँच से सामने आए तथ्यों के आधार पर दोषियों की पहचान और कार्रवाई की उम्मीद है।
@HemantSorenJMM सरकार द्वारा जाँच के माध्यम से कथित कोचिंग-नेटवर्क और अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
मेहनती एवं योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा।
@JmmJharkhand#jssc
इतना जान लीजिए हरिशरण भाई, परीक्षा रद्द नहीं होगी। बाकी बात रही भाजपा के एजेंट बनकर कुछ करने की, तो दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रहिए।
झारखण्डी अभियार्थियों को बोका बनाना बंद कीजिए।अफवाहों से किसी का हित नहीं होगा।
#jssc#JPSC@JmmJharkhand@JharkhandCID
JSSC reform, नई vacancy या दूसरे exams से कोई मतलब नहीं—बस CGL रद्द कराने, चंदा जुटाने और उसी मुद्दे से राजनीति चमकाने पर जोर! युवाओं को नौकरी चाहिए, राजनीति नहीं।