@pbhushan1 भाई कितना AI पर डिपेंड रहोगे, रोमन में लिखते हो और देवनागरी में अनुवाद करते हो और अर्थ का अनर्थ हो जाता है, और उसी को पोस्ट कर देते हो। पोस्ट करने से पहले चेक तो कर लिया करो वकील साहब।
@roysaryu धूल यहां रहने वाले लोगों के शरीर के साथ-साथ उनके शरीर के भीतर भी घुसकर बीमारियां पैदा कर रहा है, अगर आप एक बार सड़क पर निकल गए तो घर आकर आपको स्नान करना ही है, अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया संज्ञान लेकर तत्काल उचित कार्रवाई करने की कृपा करें (२)
@roysaryu माननीय विधायक जी मैं आपका ध्यान डिमना चौक से पारडीह जाने वाले हाईवे विशेष कर आईलेक्स से मारुति शोरूम तक की सड़क की स्थिति पर ध्यान दिलाना चाहता हूं, कभी कार से उतर कर चलिए आपको पानी से नहीं धूल से स्नान करना होगा, गड्ढे इतने ज्यादा की आए दिन एक्सीडेंट होते रहते हैं (१)
नये जन्मे भारतीय गणराज्य के पहले प्रधानमंत्री का 1949 में अमेरिका में ये जलवा था। ना उस वक्त भारतीय Diaspora था, ना ये एंबेसी के खर्चे पर या किसी बिजनेसमैन के भाड़े पर बुलाये हुए ढोलक वाले हैं। ये साधारण अमेरिकी हैं जो भारत के PM की एक झलक के लिए सड़क के दोनों और जमा हैं।
1949 में न्यूयॉर्क शहर में प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का ऐतिहासिक स्वागत किया गया था।
ये आज की तरह इक्कठा करके किया गया स्क्रिप्टेड शो नहीं था।