यह संसद नहीं, इस देश का दुर्भाग्य खड़ा है। पूरा सत्र बिना प्रश्न काल के, पक्ष की मूर्खता और विपक्ष की अकड़ की बलि चढ़ गया। सत्ता पक्ष निर्लज्ज हो कर अंतिम दिन लोकसभा सत्र की अंत्येष्टि में ‘वन्दे मातरम्’ का चार स्टैंजा गा कर देश को ठग रहा है कि वो देशभक्त हैं।
@narendramodi जी, आप केवल पार्टीभक्त हैं।
24 ghante se viral इस video को देखने के बाद भी, सबके टैग होने का बाद भी,
@Uppolice@ghaziabadpolice का कोई अपडेट न्ही कोई clarification न्ही ।
क्यूँकि अगले प्रोटेस्ट मे यही तो इनके जवान बनके सादे कपड़ो में GenZ को मारने के काम आने है ।
@CMOfficeUP@myogioffice@myogiadityanath - गुरुजी वह जरा law न ऑर्डर देख लेते थोड़ा ।
Finally Sahab....
सरकार शायद अभी तक Paper Leak की असली वजह को नहीं समझ पा रहे हैं। Paper Leak में पकड़े गए लोगों को सज़ा छोड़िए, फाँसी भी दे दी जाए, फिर भी इसे रोकना मुश्किल होगा। जब तक ये नहीं समझा जाएगा कि Paper Leak जन्म कैसे लेता है, तब तक समाधान नहीं निकलेगा। जब आप Tender में समझौता करके, कई बार Ban हो चुकी छोटी-छोटी कंपनियों को Contract देंगे... वो भी इस शर्त पर कि पार्टी फंड में भी पैसा जाए और कम कीमत में भी परीक्षा करा दी जाए... तो वो पैसा कहीं न कहीं से तो वसूल करेंगी ही। यहीं से Paper Leak की शुरुआत होती है। उन कंपनियों के पास न पर्याप्त Centres होते हैं, न पर्याप्त Employees। ऊपर से Outsourcing और Subletting इतनी ज़्यादा होती है कि Accountability ही खत्म हो जाती है। फिर आप उम्मीद करेंगे कि ऐसे Paper Leak रुक जाएगा?
सोचो एक बंदे के इस्तीफे से ये सब रुक सकता है -
1- अराजकता
2- आंदोलन
3- सरकार का खर्च
4- सरकारी संपत्ति का नुकसान
5- पार्टी की गिरती इमेज
6- छात्रों का नुकसान
लेकिन अहंकार सर में चढ़ गया है, अब पतन होकर ही रहेगा।
नहीं आएँगे झूठे फ़ैक्ट सुनने और सरकार की biased तरफ़दारी देखने।
हिम्मत है तो पेपर लीक accept करने आइए।
बताइए कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा दो - कहा जा रहा है, वो दे नहीं रहे... कोशिश जारी है, ये बताने आइए।
आज जिनकी पिटाई पर ताली बज रही है, कल वही तरीका किसी और के ख़िलाफ़ भी इस्तेमाल होगा। हिंसा का समर्थन कभी एकतरफ़ा नहीं रहता। जिस दिन आप अपने विरोधी की पिटाई पर खुश होंगे, उसी दिन आपने अपने अधिकारों की सुरक्षा भी कमज़ोर कर दी ॥