@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@aksharmaBharat@NagarnigamL @nagarnigamzoneseven @nagarayuktlucknow
अंधेरे के साए में रहमानपुर-चिनहट पार्षद बेपरवाह नगर निगम कर्मी नदारद|
||लखनऊ||
नगर निगम जोन 07 के अंतर्गत आने वाले रहमानपुर (चिनहट) क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं की धज्जियां उड़ रही हैं। आलम यह है कि पूरा इलाका शाम ढलते ही घने अंधेरे के आगोश में समा जाता है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र की मुख्य सड़कों और गलियों की स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं जिससे आवगमन में बेहद परेशानी हो रही है और हादसों तथा आपराधिक घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
क्षेत्रीय पार्षद द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा है स्थानीय जनता का कहना है कि न तो पार्षद क्षेत्र की सुध ले रहे हैं और न ही नगर निगम के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी इस ओर कोई ध्यान दे रहे हैं।
रात के समय इलाके में घुप्प अंधेरा छा जाने के कारण महिलाओं,बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों में नगर निगम प्रशासन के ढुलमुल रवैये को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है लोगों का कहना है कि टैक्स वसूलने में आगे रहने वाला नगर निगम बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है।
निवासियों ने मांग नगर निगम से मांग की है कि
रहमानपुर-चिनहट की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों एवं संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त और नागरिक सुविधाओं की निगरानी सुनिश्चित हो।
@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@aksharmaBharat@NagarnigamL @nagarnigamzoneseven @nagarayuktlucknow
अंधेरे के साए में रहमानपुर-चिनहट पार्षद बेपरवाह नगर निगम कर्मी नदारद|
||लखनऊ||
नगर निगम जोन 07 के अंतर्गत आने वाले रहमानपुर (चिनहट) क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं की धज्जियां उड़ रही हैं। आलम यह है कि पूरा इलाका शाम ढलते ही घने अंधेरे के आगोश में समा जाता है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र की मुख्य सड़कों और गलियों की स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं जिससे आवगमन में बेहद परेशानी हो रही है और हादसों तथा आपराधिक घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
क्षेत्रीय पार्षद द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा है स्थानीय जनता का कहना है कि न तो पार्षद क्षेत्र की सुध ले रहे हैं और न ही नगर निगम के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी इस ओर कोई ध्यान दे रहे हैं।
रात के समय इलाके में घुप्प अंधेरा छा जाने के कारण महिलाओं,बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों में नगर निगम प्रशासन के ढुलमुल रवैये को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है लोगों का कहना है कि टैक्स वसूलने में आगे रहने वाला नगर निगम बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है।
निवासियों ने मांग नगर निगम से मांग की है कि
रहमानपुर-चिनहट की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों एवं संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त और नागरिक सुविधाओं की निगरानी सुनिश्चित हो।
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पावर कारपोरेशन के दावों की खुली पोल 5 महीने से एस्टीमेट के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा किसान नहीं मिला ट्यूबवेल कनेक्शन|
||लखनऊ||
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को सुचारू सिंचाई सुविधा देने के लिए चलाए जा रहे निजी नलकूप योजना पर विभागीय लापरवाही भारी पड़ रही है। जानकीपुरम क्षेत्र लेसा लखनऊ में विद्युत विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण किसान महीनों से ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए भटकने को मजबूर हैं।
मामला बक्शी का तालाब के ग्राम मजोरिया का है पीड़ित किसान राजीव कुमार शर्मा खसरा नंबर 14 ने पोर्टल के माध्यम से 8 हॉर्स पावर के ट्यूबवेल कनेक्शन हेतु आवेदन संख्या: 1008615030 किया था।
अधिशासी अभियंता कलेक्शन जानकीपुरम द्वारा दिनांक 26 मई 2026 को पत्रांक 2983 जारी कर अधिशासी अभियंता (11 KV/LT जानकीपुरम को स्थलीय निरीक्षण कर प्राक्कलन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
आदेश के साढ़े तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी संबंधित अधिकारियों द्वारा एस्टीमेट जारी नहीं किया गया।
पीड़ित किसान का कहना है कि एस्टीमेट न मिलने से ट्यूबवेल कनेक्शन लटका हुआ है जिससे फसलों की सिंचाई पूरी तरह बाधित हो रही है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लापरवाही से तंग आकर किसान राजीव शर्मा ने अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन शक्ति भवन प्रबंध निदेशक एमवीवीएनएल सहित लेसा के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर त्वरित कार्यवाही की मांग की है किसान ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द एस्टीमेट जारी कर कनेक्शन नहीं दिया गया तो वे उग्र आंदोलन हेतु बाध्य होंगे।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री व पावर कारपोरेशन की प्राथमिकता वाली इस योजना पर विभागीय अधिकारी कब चेतते हैं या किसानों को यूं ही दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@aksharmaBharat@EMofficeUP@ChairmanUppcl@mduppcl@Dircompvvnl @chiefengineerjankipuramzone
पावर कारपोरेशन के दावों की खुली पोल 5 महीने से एस्टीमेट के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा किसान नहीं मिला ट्यूबवेल कनेक्शन|
||लखनऊ||
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को सुचारू सिंचाई सुविधा देने के लिए चलाए जा रहे निजी नलकूप योजना पर विभागीय लापरवाही भारी पड़ रही है। जानकीपुरम क्षेत्र लेसा लखनऊ में विद्युत विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण किसान महीनों से ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए भटकने को मजबूर हैं।
मामला बक्शी का तालाब के ग्राम मजोरिया का है पीड़ित किसान राजीव कुमार शर्मा खसरा नंबर 14 ने पोर्टल के माध्यम से 8 हॉर्स पावर के ट्यूबवेल कनेक्शन हेतु आवेदन संख्या: 1008615030 किया था।
अधिशासी अभियंता कलेक्शन जानकीपुरम द्वारा दिनांक 26 मई 2026 को पत्रांक 2983 जारी कर अधिशासी अभियंता (11 KV/LT जानकीपुरम को स्थलीय निरीक्षण कर प्राक्कलन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
आदेश के साढ़े तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी संबंधित अधिकारियों द्वारा एस्टीमेट जारी नहीं किया गया।
पीड़ित किसान का कहना है कि एस्टीमेट न मिलने से ट्यूबवेल कनेक्शन लटका हुआ है जिससे फसलों की सिंचाई पूरी तरह बाधित हो रही है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लापरवाही से तंग आकर किसान राजीव शर्मा ने अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन शक्ति भवन प्रबंध निदेशक एमवीवीएनएल सहित लेसा के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर त्वरित कार्यवाही की मांग की है किसान ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द एस्टीमेट जारी कर कनेक्शन नहीं दिया गया तो वे उग्र आंदोलन हेतु बाध्य होंगे।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री व पावर कारपोरेशन की प्राथमिकता वाली इस योजना पर विभागीय अधिकारी कब चेतते हैं या किसानों को यूं ही दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
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निर्माणाधीन मकान पर झटपट जारी हुआ स्थायी बिजली कनेक्शन
||लखनऊ||
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के गोमती नगर ज़ोन अंतर्गत आने वाले चिनहट विद्युत वितरण खंड से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहरबानी से भैंसौरा गोमती नगर विस्तार में एक आधे-अधूरे निर्माणाधीन मकान पर नियम-कानूनों को ताक पर रखकर स्थायी घरेलू बिजली कनेक्शन निर्गत कर दिया गया है।
तस्वीरों और आधिकारिक दस्तावेजों से साफ़ जाहिर हो रहा है कि जहाँ अभी भवन निर्माण का कार्य चल रहा है वहाँ नियमों के विपरीत सीधे स्थायी मीटर लगाकर बिजली सप्लाई चालू कर दी गई है।
भैंसौरा क्षेत्र के भू-खंड संख्या 21 खसरा संख्या 173 गोमती नगर विस्तार में स्थित एक बहुमंजिला भवन का निर्माण कार्य अभी आधा-अधूरा है मकान में प्लास्टर खिड़की-दरवाजे और सुरक्षा घेरा तक पूरा नहीं हुआ है इसके बावजूद 9 सितंबर 2026 को यहाँ नया स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिया गया।
उपभोक्ता राजेन्द्र प्रसाद चौरसिया के नाम से आवेदन संख्या J6800331601 पर 02 कि0वा0 घरेलू का कनेक्शन जारी किया गया। इसके लिए 7 सितंबर 2026 को ₹5,755 की रसीद भी काटी गई।
बिजली विभाग के नियमों के अनुसार जब तक किसी भवन का निर्माण कार्य चल रहा होता है तब तक वहाँ अस्थायी कनेक्शन दिया जाता है निर्माण पूरा होने और रहने योग्य बनने के बाद ही जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थायी कनेक्शन निर्गत होता है।
लेकिन यहाँ निर्माणाधीन स्थल पर सीधे स्थायी मीटर संख्या
1N0031827 की सीलिंग प्रक्रिया पूरी कर दी गई|
इस पूरे खेल में विभाग के संबंधित जूनियर इंजीनियर,लाइनमैन और मीटर सीलिंग अधिकारियों सुपरवाइज़र अनुराग सिंह की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
निर्माणाधीन कार्य में टैम्परेरी टैरिफ की दरें लागू होती हैं जो घरेलू दरों से अधिक होती हैं आधे-अधूरे मकान पर घरेलू कनेक्शन देकर विभाग के राजस्व को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है।
निर्माणाधीन इमारतों में खुला वायरिंग और पानी/सीमेंट का काम चलने के कारण बिजली दुर्घटनाओं का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि विभागीय साठगांठ के चलते बिना धरातलीय सत्यापन के यह कनेक्शन कागज़ों में हरी झंडी दिखाकर मौके पर चालू कर दिया गया।
अब देखने वाली बात होगी कि मामला उजागर होने के बाद उच्च अधिकारी इस लापरवाही और नियम विरुद्ध कार्यवाही पर क्या संज्ञान लेते हैं।
@myogiadityanath@myogioffice@aksharmaBharat@EMofficeUP@ChairmanUppcl@mduppcl@Dircompvvnl@Gomtinagarzone@ChiefSecyUP@setechnicalgn_
निर्माणाधीन मकान पर झटपट जारी हुआ स्थायी बिजली कनेक्शन
||लखनऊ||
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के गोमती नगर ज़ोन अंतर्गत आने वाले चिनहट विद्युत वितरण खंड से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहरबानी से भैंसौरा गोमती नगर विस्तार में एक आधे-अधूरे निर्माणाधीन मकान पर नियम-कानूनों को ताक पर रखकर स्थायी घरेलू बिजली कनेक्शन निर्गत कर दिया गया है।
तस्वीरों और आधिकारिक दस्तावेजों से साफ़ जाहिर हो रहा है कि जहाँ अभी भवन निर्माण का कार्य चल रहा है वहाँ नियमों के विपरीत सीधे स्थायी मीटर लगाकर बिजली सप्लाई चालू कर दी गई है।
भैंसौरा क्षेत्र के भू-खंड संख्या 21 खसरा संख्या 173 गोमती नगर विस्तार में स्थित एक बहुमंजिला भवन का निर्माण कार्य अभी आधा-अधूरा है मकान में प्लास्टर खिड़की-दरवाजे और सुरक्षा घेरा तक पूरा नहीं हुआ है इसके बावजूद 9 सितंबर 2026 को यहाँ नया स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिया गया।
उपभोक्ता राजेन्द्र प्रसाद चौरसिया के नाम से आवेदन संख्या J6800331601 पर 02 कि0वा0 घरेलू का कनेक्शन जारी किया गया। इसके लिए 7 सितंबर 2026 को ₹5,755 की रसीद भी काटी गई।
बिजली विभाग के नियमों के अनुसार जब तक किसी भवन का निर्माण कार्य चल रहा होता है तब तक वहाँ अस्थायी कनेक्शन दिया जाता है निर्माण पूरा होने और रहने योग्य बनने के बाद ही जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थायी कनेक्शन निर्गत होता है।
लेकिन यहाँ निर्माणाधीन स्थल पर सीधे स्थायी मीटर संख्या
1N0031827 की सीलिंग प्रक्रिया पूरी कर दी गई|
इस पूरे खेल में विभाग के संबंधित जूनियर इंजीनियर,लाइनमैन और मीटर सीलिंग अधिकारियों सुपरवाइज़र अनुराग सिंह की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
निर्माणाधीन कार्य में टैम्परेरी टैरिफ की दरें लागू होती हैं जो घरेलू दरों से अधिक होती हैं आधे-अधूरे मकान पर घरेलू कनेक्शन देकर विभाग के राजस्व को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है।
निर्माणाधीन इमारतों में खुला वायरिंग और पानी/सीमेंट का काम चलने के कारण बिजली दुर्घटनाओं का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि विभागीय साठगांठ के चलते बिना धरातलीय सत्यापन के यह कनेक्शन कागज़ों में हरी झंडी दिखाकर मौके पर चालू कर दिया गया।
अब देखने वाली बात होगी कि मामला उजागर होने के बाद उच्च अधिकारी इस लापरवाही और नियम विरुद्ध कार्यवाही पर क्या संज्ञान लेते हैं।
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अवर अभियंता और उपखण्ड अधिकारी एच0टी0/एल0टी0 की लापरवाही से बेपटरी हुई बिजली व्यवस्था 400 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंका अब ट्राली के भरोसे गोमतीनगर का यह इलाका|
||लखनऊ||
राजधानी लखनऊ में लेसा के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। गोमतीनगर ज़ोन अंतर्गत आने वाले विराज खण्ड पावर हाउस क्षेत्र के जिम्मेदार अवर अभियंता एच0टी0/एल0टी0 अमित यादव और उपखण्ड अधिकारी संतोष मौर्य की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से उनके नियंत्रण से बाहर हो चुकी है।
विराज खण्ड पावर हाउस के अधीन आने वाले हैनीमैन चौराहे के पास विराट खण्ड क्षेत्र में लगा 400 केवीए का विशालकाय परिवर्तक अचानक फुंक गया मुख्य ट्रांसफार्मर के जलने से पूरे इलाके में बिजली का संकट खड़ा हो गया जिससे उमस भरी गर्मी में स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय अवर अभियंता और उपखण्ड अधिकारी की लापरवाही का आलम यह है कि स्थायी ट्रांसफार्मर को बदलने के बजाए फिलहाल मौके पर ट्राली ट्रांसफार्मर लगाकर अस्थायी रूप से विद्युत आपूर्ति चालू रखने की कोशिश की जा रही है। मौके पर मौजूद तकनीकी कर्मचारी जान जोखिम में डालकर खुले तारों के बीच काम करने को मजबूर हैं
अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
क्षेत्रवासियों मेंअधिकारियों की लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि
नियमित मेंटेनेंस की कमी के कारण अक्सर ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर फुंक जाते हैं
जिम्मेदार अवर अभियंता अमित यादव और उपखण्ड अधिकारी संतोष मौर्य क्षेत्र में निर्वाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
अस्थायी जुगत ट्राली ट्रांसफार्मर से पूरे क्षेत्र की लोड क्षमता को संभाल पाना मुश्किल है जिससे बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या बनी बनी रहेगी।
जनता अब उच्च अधिकारियों और शासन से मांग कर रही है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और फुंके हुए 400 केवीए ट्रांसफार्मर को तत्काल नए ट्रांसफार्मर से बदला जाए।
@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@aksharmaBharat@ChairmanUppcl@mduppcl@Dircompvvnl@Gomtinagarzone@ChiefSecyUP@setechnicalgn_
अवर अभियंता और उपखण्ड अधिकारी एच0टी0/एल0टी0 की लापरवाही से बेपटरी हुई बिजली व्यवस्था 400 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंका अब ट्राली के भरोसे गोमतीनगर का यह इलाका|
||लखनऊ||
राजधानी लखनऊ में लेसा के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। गोमतीनगर ज़ोन अंतर्गत आने वाले विराज खण्ड पावर हाउस क्षेत्र के जिम्मेदार अवर अभियंता एच0टी0/एल0टी0 अमित यादव और उपखण्ड अधिकारी संतोष मौर्य की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से उनके नियंत्रण से बाहर हो चुकी है।
विराज खण्ड पावर हाउस के अधीन आने वाले हैनीमैन चौराहे के पास विराट खण्ड क्षेत्र में लगा 400 केवीए का विशालकाय परिवर्तक अचानक फुंक गया मुख्य ट्रांसफार्मर के जलने से पूरे इलाके में बिजली का संकट खड़ा हो गया जिससे उमस भरी गर्मी में स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय अवर अभियंता और उपखण्ड अधिकारी की लापरवाही का आलम यह है कि स्थायी ट्रांसफार्मर को बदलने के बजाए फिलहाल मौके पर ट्राली ट्रांसफार्मर लगाकर अस्थायी रूप से विद्युत आपूर्ति चालू रखने की कोशिश की जा रही है। मौके पर मौजूद तकनीकी कर्मचारी जान जोखिम में डालकर खुले तारों के बीच काम करने को मजबूर हैं
अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
क्षेत्रवासियों मेंअधिकारियों की लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि
नियमित मेंटेनेंस की कमी के कारण अक्सर ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर फुंक जाते हैं
जिम्मेदार अवर अभियंता अमित यादव और उपखण्ड अधिकारी संतोष मौर्य क्षेत्र में निर्वाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
अस्थायी जुगत ट्राली ट्रांसफार्मर से पूरे क्षेत्र की लोड क्षमता को संभाल पाना मुश्किल है जिससे बार-बार ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या बनी बनी रहेगी।
जनता अब उच्च अधिकारियों और शासन से मांग कर रही है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और फुंके हुए 400 केवीए ट्रांसफार्मर को तत्काल नए ट्रांसफार्मर से बदला जाए।
@myogiadityanath@CMOfficeUP@aksharmaBharat @shushmakharkawal @nagarnigamlko@NagarnigamL @nagarnigamzoneseven लखनऊ में नगर निगम की लापरवाही उजागर चिनहट के रहमानपुर में उफनाती नालियों की खुद सफाई करने उतरा स्थानीय निवासी|
लखनऊ।
नगर निगम ज़ोन 07 के अंतर्गत आने वाले गांव रहमानपुर (चिनहट) में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि महीनों से क्षेत्र में न तो झाड़ू लगी है और न ही नालियों की सफाई कराई गई है जिसके चलते सड़कों पर गंदा पानी जमा है और नालियां पूरी तरह बजबजा रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार जब उन्होंने नगर निगम के सुपरवाइजर से नालियों और सड़कों की बदहाली की शिकायत की तो सफाई कराने के बजाय उल्टा उन्हें ही सफाई न कराने और अंजाम भुगतने की धमकी दी गई क्षेत्रीय पार्षद की अनदेखी और सुपरवाइजर के इस रवैये से जनता में भारी रोष है।
सुपरवाइजर और जनप्रतिनिधि की बेरुखी से तंग आकर एक स्थानीय निवासी को खुद हाथ में डंडा/छड़ उठाकर नालियों में फंसा कचरा साफ करते हुए देखा गया इसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जो स्वच्छ भारत अभियान के दावों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती हैं।
@myogiadityanath@CMOfficeUP@aksharmaBharat @shushmakharkawal @nagarnigamlko@NagarnigamL @nagarnigamzoneseven लखनऊ में नगर निगम की लापरवाही उजागर चिनहट के रहमानपुर में उफनाती नालियों की खुद सफाई करने उतरा स्थानीय निवासी|
लखनऊ।
नगर निगम ज़ोन 07 के अंतर्गत आने वाले गांव रहमानपुर (चिनहट) में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि महीनों से क्षेत्र में न तो झाड़ू लगी है और न ही नालियों की सफाई कराई गई है जिसके चलते सड़कों पर गंदा पानी जमा है और नालियां पूरी तरह बजबजा रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार जब उन्होंने नगर निगम के सुपरवाइजर से नालियों और सड़कों की बदहाली की शिकायत की तो सफाई कराने के बजाय उल्टा उन्हें ही सफाई न कराने और अंजाम भुगतने की धमकी दी गई क्षेत्रीय पार्षद की अनदेखी और सुपरवाइजर के इस रवैये से जनता में भारी रोष है।
सुपरवाइजर और जनप्रतिनिधि की बेरुखी से तंग आकर एक स्थानीय निवासी को खुद हाथ में डंडा/छड़ उठाकर नालियों में फंसा कचरा साफ करते हुए देखा गया इसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जो स्वच्छ भारत अभियान के दावों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती हैं।
@aksharmaBharat@myogiadityanath@CMOfficeUP@NagarnigamL@yogeshshuklabkt @nagarnigamzoneseven नगर निगम ज़ोन 07 में विकास के नाम पर धांधली, पार्षद और अधिकारियों की साठगांठ से मानकों की उड़ाई जा रही धज्जियां|
लखनऊ।
राजधानी के नगर निगम ज़ोन 07 अंतर्गत आने वाले रहमानपुर गांव से विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनिमितताओं का मामला सामने आया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र के पार्षद हरीश अवस्थी नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से मानक के विपरीत सड़क और नाली का निर्माण करा रहे हैं
गांव में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है|
तकनीकी मानकों के अनुसार नाली की गहराई 3 फीट होनी चाहिए लेकिन मौके पर इसे महज 1 फीट गहरा ही बनाया जा रहा है इससे आने वाले मानसूनी मौसम में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा होना तय है।
सड़क निर्माण में भी अजीबो-गरीब खेल चल रहा है सड़क को किसी एक सिरे से व्यवस्थित तरीके से बनाने के बजाय केवल बीच का हिस्सा बनाकर औपचारिकता पूरी की जा रही है।
क्षेत्रीय जनता में इस घटिया निर्माण कार्य को लेकर भारी आक्रोश है ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि नगर निगम के संबंधित ज़ोनल अधिकारियों की शह पर बजट को खपाने और सरकारी धन का बंदरबांट करने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
गुणवत्ताविहीन सामग्री और अधूरी योजनाओं के कारण क्षेत्रवासियों को राहत मिलने के बजाय आगे चलकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पार्षद व नगर निगम कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की जा रही है।
@aksharmaBharat@myogiadityanath@CMOfficeUP@NagarnigamL@yogeshshuklabkt @nagarnigamzoneseven नगर निगम ज़ोन 07 में विकास के नाम पर धांधली, पार्षद और अधिकारियों की साठगांठ से मानकों की उड़ाई जा रही धज्जियां|
लखनऊ।
राजधानी के नगर निगम ज़ोन 07 अंतर्गत आने वाले रहमानपुर गांव से विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनिमितताओं का मामला सामने आया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र के पार्षद हरीश अवस्थी नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से मानक के विपरीत सड़क और नाली का निर्माण करा रहे हैं
गांव में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है|
तकनीकी मानकों के अनुसार नाली की गहराई 3 फीट होनी चाहिए लेकिन मौके पर इसे महज 1 फीट गहरा ही बनाया जा रहा है इससे आने वाले मानसूनी मौसम में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा होना तय है।
सड़क निर्माण में भी अजीबो-गरीब खेल चल रहा है सड़क को किसी एक सिरे से व्यवस्थित तरीके से बनाने के बजाय केवल बीच का हिस्सा बनाकर औपचारिकता पूरी की जा रही है।
क्षेत्रीय जनता में इस घटिया निर्माण कार्य को लेकर भारी आक्रोश है ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि नगर निगम के संबंधित ज़ोनल अधिकारियों की शह पर बजट को खपाने और सरकारी धन का बंदरबांट करने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
गुणवत्ताविहीन सामग्री और अधूरी योजनाओं के कारण क्षेत्रवासियों को राहत मिलने के बजाय आगे चलकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पार्षद व नगर निगम कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की जा रही है।
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सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर मीटर परीक्षण शाला चिनहट में बड़ा खेल, पुराने मीटर गायब कर गलत बिलिंग का आरोप
इंटेली स्मार्ट कंपनी के डिवीजन इंचार्ज और सहायक अभियंता की मिलीभगत की चर्चा
गोमतीनगर जोन के चिनहट लैब का मामला सीलिंग प्रमाण-पत्रों में अनियमितता के पुख्ता सबूत|
||लखनऊ||
राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर जोन अंतर्गत आने वाले मीटर परीक्षण शाला चिनहट में बड़े पैमाने पर धांधली और खेल का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारियों और साक्ष्यों के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने वाली कार्यदायी संस्था इंटेली स्मार्ट के डिवीजन इंचार्ज और मीटर परीक्षण शाला के सहायक अभियंता की कथित मिलीभगत से पुराने मीटरों को गायब करने, गलत तरीके से बिलिंग करने और संशोधित बिल जारी करने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
जानकारों और विभागीय सूत्रों का कहना है कि उपभोक्ताओं के परिसरों से उतारे गए पुराने मीटरों को नियमानुसार लैब में जमा कराकर उनकी अंतिम रीडिंग के आधार पर पारदर्शी तरीके से बिल तैयार किया जाना चाहिए। परंतु, चिनहट मीटर परीक्षण शाला में नियमों को ताक पर रखकर खेल खेला जा रहा है उपभोक्ताओं के पुराने मीटर गायब कर दिए जा रहे हैं जिससे उनकी वास्तविक खपत की सही जाँच ही न हो सके इसके बाद मनमाने और गलत तरीके से बिल जारी कर दिए जाते हैं और बाद में संशोधन के नाम पर अनुचित लेनदेन का खेल रचा जा रहा है।
सामने आए आधिकारिक मीटर सीलिंग प्रमाण-पत्रों से पता चलता है कि चिनहट उपकेंद्र/खंड के अंतर्गत स्मार्ट मीटर लगाने और पुराने मीटर हटाने की प्रक्रिया में भारी लापरवाही और अनियमितता बरती जा रही है:
मामला 1–उपभोक्ता शैलेंद्र यादव खसरा सं. 1032, जलालाबाद खंधक चिनहट)
संयोजन संख्या: 4486396959
दिनांक: 03-03-2026
पुराने मीटर (सं. 2180513) को हटाकर नया कैपिटल (Capital) मेक स्मार्ट मीटर (सं. CA0612623) स्थापित किया गया। पुराने मीटर की रीडिंग 5500 KWH अंकित है लेकिन लैब परीक्षण की रिपोर्ट के बिना ही प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
मामला 2 उपभोक्ता पुष्पेंद्र सिंह ग्राम शाहपुर पोस्ट चिनहट
संयोजन संख्या: 7942317657
दिनांक: 03-03-2026
इस मामले में प्रमाण पत्र पर टिप्पणी लिखी गई है: "Old meter remove, new meter remove"। पुराने मीटर सं. 9802537 पर 12450 KWH की रीडिंग काटकर दर्ज की गई है। एक ही दिन में पुराना मीटर हटाने के साथ-साथ नया स्मार्ट मीटर भी हटा देने/बदल देने की बात दर्ज है, जो कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मामला 3 उपभोक्ता मो. सईद लखनपुर चिनहट
संयोजन संख्या: 4164900000
दिनांक: 12-07-2026
यहाँ पुराने मीटर सं. B915373 की जगह नया स्मार्ट मीटर सं. A16996460 लगाया गया टिप्पणी में स्पष्ट लिखा गया है कि उपभोक्ता का पुराना मीटर जमा किया गया है लेकिन इसके परीक्षण व अंतिम बिलिंग को लेकर उपभोक्ता असमंजस में हैं और मीटर भी विभाग में नहीं मिल रहे|
सवाल यह कि कर्मियों द्वारा उतारे गए मीटर गए कहां और बिना मीटर सहायक अभियंता मीटर ने ब्राटिंग कैसे कर दी गई?
स्थानीय उपभोक्ताओं एवं विभागीय सूत्रों का कहना है कि इंटेली स्मार्ट कंपनी के डिवीजन इंचार्ज और परीक्षण शाला के सहायक अभियंता की सरपरस्ती के बिना इतना बड़ा खेल संभव नहीं है।
बिना किसी ठोस भौतिक सत्यापन और पारदर्शी टेस्टिंग के बिलों को गलत तरीके से जनरेट किया जाता है जिससे आम बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय निवासियों ने ऊर्जा मंत्री और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि चिनहट मीटर परीक्षण शाला के रिकॉर्ड्स पुराने मीटरों के स्टॉक और सीलिंग प्रमाण-पत्रों की निष्पक्ष जाँच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था पर सख्त कानूनी व विभागीय कार्यवाही की जाए।
@myogioffice@CMOfficeUP@EMofficeUP@ChairmanUppcl@mduppcl@Dircompvvnl@ChiefSecyUP@Gomtinagarzone
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर मीटर परीक्षण शाला चिनहट में बड़ा खेल, पुराने मीटर गायब कर गलत बिलिंग का आरोप
इंटेली स्मार्ट कंपनी के डिवीजन इंचार्ज और सहायक अभियंता की मिलीभगत की चर्चा
गोमतीनगर जोन के चिनहट लैब का मामला सीलिंग प्रमाण-पत्रों में अनियमितता के पुख्ता सबूत|
||लखनऊ||
राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर जोन अंतर्गत आने वाले मीटर परीक्षण शाला चिनहट में बड़े पैमाने पर धांधली और खेल का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारियों और साक्ष्यों के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने वाली कार्यदायी संस्था इंटेली स्मार्ट के डिवीजन इंचार्ज और मीटर परीक्षण शाला के सहायक अभियंता की कथित मिलीभगत से पुराने मीटरों को गायब करने, गलत तरीके से बिलिंग करने और संशोधित बिल जारी करने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
जानकारों और विभागीय सूत्रों का कहना है कि उपभोक्ताओं के परिसरों से उतारे गए पुराने मीटरों को नियमानुसार लैब में जमा कराकर उनकी अंतिम रीडिंग के आधार पर पारदर्शी तरीके से बिल तैयार किया जाना चाहिए। परंतु, चिनहट मीटर परीक्षण शाला में नियमों को ताक पर रखकर खेल खेला जा रहा है उपभोक्ताओं के पुराने मीटर गायब कर दिए जा रहे हैं जिससे उनकी वास्तविक खपत की सही जाँच ही न हो सके इसके बाद मनमाने और गलत तरीके से बिल जारी कर दिए जाते हैं और बाद में संशोधन के नाम पर अनुचित लेनदेन का खेल रचा जा रहा है।
सामने आए आधिकारिक मीटर सीलिंग प्रमाण-पत्रों से पता चलता है कि चिनहट उपकेंद्र/खंड के अंतर्गत स्मार्ट मीटर लगाने और पुराने मीटर हटाने की प्रक्रिया में भारी लापरवाही और अनियमितता बरती जा रही है:
मामला 1–उपभोक्ता शैलेंद्र यादव खसरा सं. 1032, जलालाबाद खंधक चिनहट)
संयोजन संख्या: 4486396959
दिनांक: 03-03-2026
पुराने मीटर (सं. 2180513) को हटाकर नया कैपिटल (Capital) मेक स्मार्ट मीटर (सं. CA0612623) स्थापित किया गया। पुराने मीटर की रीडिंग 5500 KWH अंकित है लेकिन लैब परीक्षण की रिपोर्ट के बिना ही प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
मामला 2 उपभोक्ता पुष्पेंद्र सिंह ग्राम शाहपुर पोस्ट चिनहट
संयोजन संख्या: 7942317657
दिनांक: 03-03-2026
इस मामले में प्रमाण पत्र पर टिप्पणी लिखी गई है: "Old meter remove, new meter remove"। पुराने मीटर सं. 9802537 पर 12450 KWH की रीडिंग काटकर दर्ज की गई है। एक ही दिन में पुराना मीटर हटाने के साथ-साथ नया स्मार्ट मीटर भी हटा देने/बदल देने की बात दर्ज है, जो कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मामला 3 उपभोक्ता मो. सईद लखनपुर चिनहट
संयोजन संख्या: 4164900000
दिनांक: 12-07-2026
यहाँ पुराने मीटर सं. B915373 की जगह नया स्मार्ट मीटर सं. A16996460 लगाया गया टिप्पणी में स्पष्ट लिखा गया है कि उपभोक्ता का पुराना मीटर जमा किया गया है लेकिन इसके परीक्षण व अंतिम बिलिंग को लेकर उपभोक्ता असमंजस में हैं और मीटर भी विभाग में नहीं मिल रहे|
सवाल यह कि कर्मियों द्वारा उतारे गए मीटर गए कहां और बिना मीटर सहायक अभियंता मीटर ने ब्राटिंग कैसे कर दी गई?
स्थानीय उपभोक्ताओं एवं विभागीय सूत्रों का कहना है कि इंटेली स्मार्ट कंपनी के डिवीजन इंचार्ज और परीक्षण शाला के सहायक अभियंता की सरपरस्ती के बिना इतना बड़ा खेल संभव नहीं है।
बिना किसी ठोस भौतिक सत्यापन और पारदर्शी टेस्टिंग के बिलों को गलत तरीके से जनरेट किया जाता है जिससे आम बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय निवासियों ने ऊर्जा मंत्री और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि चिनहट मीटर परीक्षण शाला के रिकॉर्ड्स पुराने मीटरों के स्टॉक और सीलिंग प्रमाण-पत्रों की निष्पक्ष जाँच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था पर सख्त कानूनी व विभागीय कार्यवाही की जाए।
@myogioffice@CMOfficeUP@aksharmaBharat@yadavakhilesh@EMofficeUP@ChairmanUppcl@mduppcl@Dircompvvnl@JDirectorComerc @chiefengineergomtinarबिजली विभाग में बड़ा खेल निजी हित साधकर गड्ढा खोदने के नाम पर लिया शटडाउन डाले हाई टेंशन लाइन में पीवीसी पाइप बंधवा डाली पाढ़|
लखनऊ।
गोमतीनगर जोन अंतर्गत आने वाले सेक्टर 05 पावर हाउस क्षेत्र स्थित खरगापुर कौशलपुरी कॉलोनी से बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।
विभाग के कर्मियों ने निजी हित साधने के लिए गड्ढा खोदने के सरकारी बहाने से एक घंटे का शटडाउन लिया और उसका इस्तेमाल किसी खास उपभोक्ता को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए कर दिया।
शटडाउन के दौरान जानलेवा हाई-टेंशन लाइन के तारों पर पीवीसी पाइप चढ़ा दिए गए और पाढ़ यानी बांस-बल्ली की मचान बंधवा दी गई ताकि निजी निर्माण कार्य निर्बाध रूप से चल सके।
कर्मियों ने आधिकारिक रिकॉर्ड में गड्ढा खोदने का काम दिखाकर शटडाउन लिया।
शटडाउन के 1 घंटे के समय का फायदा उठाकर हाई टेंशन लाइन पर पीवीसी पाइप चढ़ाकर अवैध निर्माण में मदद की गई।
हाई-टेंशन लाइन के अत्यंत निकट बिना पुख्ता सुरक्षा मानकों के पाढ़ बांधना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है|
इस पूरे घटनाक्रम ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली कर्मियों की मिलीभगत से खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं अब देखना यह है कि उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर दोषी कर्मियों पर क्या कड़ी कार्यवाही करते हैं।
@aksharmaBharat@EMofficeUP@myogioffice@CMOfficeUP@yadavakhilesh@RahulGandhi@ChairmanUppcl@mduppcl@Dircompvvnl@ChiefSecyUP@Gomtinagarzone@setechnicalgn_
अवर अभियंता से नीलेश रस्तोगी से नहीं संभल रहा पावर हाउस 4 घण्टे से बिजली गुल उपभोक्ताओं का फोन तक नहीं रिसीव कर रहे अवर अभियंता
||लखनऊ||
राजधानी के गोमतीनगर ज़ोन अंतर्गत आने वाले शिवपुरी चिनहट पावर हाउस क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
बुद्ध विहार कॉलोनी आदर्श विहार कॉलोनी और सतरिख रोड चिनहट जैसे घने आबादी वाले इलाकों में पिछले 4 घंटे से अधिक समय से बिजली गुल है जिससे स्थानीय उपभोक्ता भीषण गर्मी और उमस में परेशान हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पावर हाउस की कमान संभाल रहे अवर अभियंता नीलेश रस्तोगी से व्यवस्था संभल नहीं पा रही है प्रतिदिन बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली कटौती होना अब इस इलाके की रोज़मर्रा की कहानी बन चुका है|
बिजली कटने के बाद जब परेशान उपभोक्ताओं ने समस्या की जानकारी और निस्तारण के लिए अवर अभियंता नीलेश रस्तोगी के मोबाइल नंबर 8005489094 पर संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा।
लगातार कई बार कॉल करने के बावजूद या तो फोन काट दिया गया या रिसीव ही नहीं किया गया उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी न तो समस्याओं का त्वरित समाधान करते हैं और न ही जनसंवाद की बुनियादी नैतिकता का पालन करते हैं।
4 घंटे से अधिक बिजली कट अवर अभियंता नीलेश रस्तोगी द्वारा लगातार कॉल इग्नोर करना।
उपभोक्ताओं ने उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने और अव्यवस्था फैलाने वाले अवर अभियंता के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग।