एक बिहारी सब पर भारी खान सर,वैभव सूर्यवंशी, लालू यादव, नीतीश कुमार, सुपर 30 वाले आनंद सर जैसे बड़े-बड़े प्रभावशाली लोगों ने बिहार का नाम हमेशा रोशन किया है।
Khan sir 🫡🫡✊✊💪💪
#we_support_khan_sir
मेरे द्वारा बनाया गया हैशटैग को आप सभी के सहयोग से भारत में Top पर Trendकरवाया जा रहा है।
अभी Number -8 पर है आप सभी जोर लगाओगे तो Number -1st पर आयेगा।
#CET_Notification_जारी_करो
🙏🙏सुप्रभात साथियों 🙏🙏
जानकारी =SI भर्ती सुप्रीम सुनवाई..जरिए SLP
पीड़ित =समस्त 2021 भर्ती के अभ्यर्थी
उम्मीद 👉2021 का भविष्य +2025 स्थगन
सहयोग = केवल पीड़ित साथी + रद्दी गैंग कोर टीम
अफ़वाह = कोचिंग +राजनीति से ओतप्रोत
संग्रहण =98500 ..फीस..3.5 लाख
🙏 अपने हक के लिए 🙏
Bikaner: कोलायत में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म व हत्या का मामला
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, हत्या करने वाला यह लड़का श्याम सुंदर मेघवाल है जो उस बच्ची का पड़ोसी हैं।
सजा ऐसी हो जो हर तथाकथित व्यक्ति ऐसे करने से पहले 100 बार सोचें।
आलोक राज जी,
आपको बोर्ड के अध्यक्ष पद पर कार्य करते हुए लगभग दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। आपको यह जिम्मेदारी इसलिए सौंपी गई थी कि आप बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय को रोकें, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाएँ, और चयन प्रक्रिया को समयबद्ध एवं निष्पक्ष बनाएं।
लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रूप से आपके कार्यकाल में जो कुछ हुआ है, उसने �� केवल युवाओं का भरोसा तोड़ा है, बल्कि बोर्ड की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कुछ प्रमुख उदाहरण—
1.जूनियर अकाउंटेंट परीक्षा में 23 प्रश्न डिलीट करने पड़े।
2.JEN सिविल (डिग्री) में एक पेपर से 10 प्रश्न, दूसरे से 7 प्रश्न हटाने पड़े।
3.JEN डिप्लोमा में 4 प्रश्न हटाए गए और 6 प्रश्नों के उत्तर बदले गए।
4.JTA परीक्षा में तो OMR शीट पर सिग्नेचर कॉलम ही नहीं था।
5.लाइब्रेरियन परीक्षा में तो और भी लापरवाही—रोल नंब��� 6 अंकों के थे, लेकिन OMR पर कॉलम सिर्फ 5!
इन मामलों में बार-बार यही दिखा कि या तो पेपर सही तरीके से नहीं बनते, या फिर आपत्ति लगाने वाले छात्रों को FIR की धमकियाँ दी जाती हैं। यह रवैया न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि दमनकारी भी है।
क्या बोर्ड के पास इतने भी संसाधन नहीं हैं कि एक सही प्रश्नपत्र तैयार किया जा सके?
क्या यही आपका “नवाचार” है कि हर परीक्षा के बाद प्रश्न हटाओ, जवाब बदलो, और फिर वर्षों तक रिजल्ट लटकाओ?
मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि हर भर्ती परीक्षा को 6 महीने में पूरा किया जाए। लेकिन आपकी कार्यशैली यह है कि 6 महीने तो सिर्फ प्राथमिक रिजल्ट में ही लग जाते हैं।
आख़िर आपने कौनसी एक भर्ती परीक्षा को समय पर पूरा किया है?
आपका ट्विटर प्रेम भी किसी से छिपा नहीं है —
यदि आपने ट्विटर पर प्रचार-प्रसार में समय बर्बाद करने की बजाय उसी ऊर्जा से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया होता, तो आज लाखों युवाओं को न्याय के लिए आंदोलन नहीं करना पड़ता।
अगर आप इस ज़िम्मेदारी को संभाल नहीं पा रहे हैं,
तो कृपया त्यागपत्र दें —
कम से कम युवा पीढ़ी का भविष्य तो और बर्बाद न हो।
इंकलाब जिंदाबाद।
न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। @BhajanlalBjp
@alokrajRSSB @RajCMO