@roat_mla तैरा जमीर जीदां है या मर गया रौत जौ तुम आज आदिवासी बच्चौ कै लिए एक शब्द नही बौल रहा ना ही उनका समथ्रन कर रहा ।
आदिवासी आदिवासी चिल्लाना तैरा बैकार है रौत
मैं सांसद के रूप में अपने पांच महीने का वेतन
देश के अभूतपूर्व बाढपीड़ित राज्यों के लोगों के
लिए समर्पित कर रहा हूं।दो महीने का वेतन
हिमाचल,दो महीने का पंजाब और एक
महीने का वेतन गुजरात के पीड़ितों के नाम!
पंजाब और हिमाचल में भयंकर बाढ़ से
जानमाल का नुक़सान हुआ है।गुजरात में भी
हालत चिंताजनक है।अगर बाढ़ के हालात में
सुधार नहीं हुआ तो पूरे साल का वेतन दे दूंगा!
ख़ुद उनकी सेवा के लिए भी जाऊंगा!