राष्ट्रीय अध्यक्ष (शिक्षक प्रकोष्ठ), वाइस चेयरमैन राष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड,विश्व मानवाधिकार परिषद उ.प्र. भारत , वरिष्ठ उपाध्यक्ष राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति
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जनपद रायबरेली में छात्र और छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों के खिलाफ विधिक कार्यवाही हेतु जनहित में निवेदन।
1- सोसलमिडिया में प्रकाशित फोटो में स्पष्ट रूप से वायरल है कि कुछ शिक्षक और प्रधानाचार्य विद्यालय में उपस्थित रहते हैं लेकिन भौतिक रूप से अन्य विद्यालयों में चुनाव प्रचार करते हुए देखे जा रहे हैं।
2- यह भी सज्ञान में आया है कि जालसाजी के तहत विद्यालयों में उपस्थित न होने के बावजूद कूट रचित ढंग से अपनी उपस्थित दर्ज करवा रहे हैं।
3- ऐसा भी देखा जा रहा है कि सुबह बायोमेट्रिक में उपस्थित दर्ज करने के बाद विद्यालय से गायब रहते हैं और विद्यालय बन्द होने के काफी समय के बाद आकर उपस्थित दर्ज कर देते हैं।उक्त फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए पेनड्राइव पर बायोमेट्रिक उपस्थित मंगवाई जाय।
4- वेतन भुगतान के समय दी जाने वाली बायोमेट्रिक उपस्थित में कूट रचना करके उपस्थित के विवरण व समय में हेराफेरी की जाती है। जिसका सत्यापन छात्र हित में सम्बंधित अधिकारी गण करवा कर पुष्टि कर सकते हैं।
5- राजकीय इंटर कॉलेज डीह रायबरेली के प्रधानाचार्य रजनीश प्रकाश तिवारी कभी भी 11 बजे से पहले विद्यालय नहीं पहुंचते है, जिसका सत्यापन विद्यालय में लगे सी सी टी वी फुटेज या औचक निरीक्षण करके पुष्टि की जा सकती है। या उक्त रजनीश प्रकाश तिवारी की लाइव लोकेशन से भी पुष्टि की जा सकती है।
6- उक्त रजनीश प्रकाश तिवारी राजकीय विद्यालयों द्वारा निर्धारित पोशाक को बदल कर दूसरी पोशाक को नियम विरुद्ध बेचा जा रहा है।
उपरोक्त प्रकरण की गम्भीरता को दृष्टिगत रखते हुए जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही हेतु जनहित में निवेदन है।
@CMOfficeUP@myogiadityanath@anandibenpatel@ChiefSecyUP@UPGovt@dmraebareli@BsaRaebareli@raebarelipolice
कृपया संज्ञान लेकर कार्यवाही करवाने की कृपा करें।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली का व्यापक फर्जीवाड़ा।प्राइवेट निजी लग्जरी कारों को किराए पर लगा शौक पूरा करने का मामला।
सेवा टूर एंड ट्रेवल्स के द्वारा सांठगांठ और मिलीभगत करके लूट पाट के तहत और धन कमाने की लालसा से नियमों की अनदेखी करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह ने टैक्सी परमिट कारों को किराए पर न लगाकर, प्राइवेट निजी लग्जरी कारों को जालसाजी व धोखाधड़ी करके किराए पर लगाई गई है। कुछ कारों का किराया रूपए 36000/- और कुछ कारें रूपए 30000/- प्रति माह पर है। जिसमें पेट्रोल और डीजल के अतिरिक्त मेंटीनेंस का भी भुगतान शामिल है। जिसमें अधिकतर कारें कार्यालय के अधिकारियों की है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह और कार्यालय के AAO (सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी) सर्व शिक्षा अभियान मिलकर बड़े पैमाने पर लूट मचा रखी है और लम्बे समय से यह खेल चल रहा है।
यह भी संज्ञान में आया है कि जिस कमेटी के तहत लम्बे समय से यह खेल चल रहा है,उस कमेटी की अध्यक्ष जिलाधिकारी होते हैं।
उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी रायबरेली से व्यक्तिगत मिल कर शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्यवाही न होने पर अग्रिम कार्यवाही हेतु उत्तर प्रदेश सरकार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय योगी जी से उक्त प्रकरण पर कार्यवाही हेतु अनुरोध किया जायेगा।
भारत में निजी ( व्हाइट नम्बर प्लेट) कारों को किराये पर देना मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के खिलाफ है। ऐसा करने वाले ट्रांसपोटर या गाड़ी मालिक पर परिवहन विभाग ( RTO) और ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन जब्ती, भारी जुर्माना और रजिस्ट्रेशन रद्दीकरण की कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाती है।
कानूनी कार्यवाही और दण्ड के प्रावधान
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1- बिना कामर्शियल परमिट के पकड़े जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत वाहन को तुरंत जब्त कर थाने या आरटीओ परिसर में खड़ा कर लिया जाता है।
2- बिना परमिट और कामर्शियल टैक्स चुकाये गाड़ी किराये पर चलाये जाने पर धारा 192 ए या अन्य सम्बंधित धाराओं के तहत भारी अर्थ दण्ड लगाया जाता है।
3- दोषी वाहन का पंजीकरण (REGISTRATION CERTIFICATE) 3 से 4 महीने के लिए निलंबित या पूरी तरह रद्द किया जा सकता है।
4- किसी भी कार को किराये पर चलाने के लिए उसका कमर्शियल पंजीकरण होना, पीली या काली नम्बर प्लेट टूरिस्ट/ टैक्सी परमिट और कामर्शियल इंश्योरेंस होना अनिवार्य है।
उक्त के बाद भी भ्रष्टाचार में ओतप्रोत होकर प्राइवेट लग्जरी कारों को धडल्ले से चलवा रहे है।
उक्त प्रकरण पर उच्च स्तरीय जांच करवा कर सभी दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करवायी जाय।
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कृपया संज्ञान लेकर कार्यवाही करवाने की कृपा करें।
फर्जी व कूट रचित अनुभव प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे फर्जी जालसाज शिक्षक शैलेश कुमार बाजपेयी सहायक अध्यापक आचार्य द्विवेदी इण्टर कालेज रायबरेली के विरुद्ध जांचोंपरान्त जिला विद्यालय निरीक्षक रायबरेली द्वारा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 की धारा 16( ई) 10 के अन्तर्गत कार्यवाही हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक रायबरेली ने शिक्षा निदेशक (मा.) उत्तर प्रदेश लखनऊ को आख्या दिंनाक 21-07-2023 को प्रेषित करते हुए प्रबल संस्तुति की गई।
लेकिन भ्रष्टाचार में आकंठ लिप्त डा. महेन्द्र देव पूर्व शिक्षा निदेशक (मा.) उत्तर प्रदेश लखनऊ ने भारी उत्कोच लेकर उक्त फर्जी जालसाज शिक्षक शैलेश कुमार बाजपेयी को बर्खास्त न करके बचाते रहे। विधि विरूद्ध कई बार जांच समितियां बना कर भी जांच करवाई गई, सभी जांच समितियों के द्वारा जांच के बाद अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी व कूट रचित होने की पुष्टि की गई। लेकिन अभी तक भ्रष्टाचार के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।
उक्त प्रकरण की जांच हेतु एक और जांच समिति गठित की गई, जांच समिति के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी अपर शिक्षा निदेशक ( व्यवसायिक) उत्तर प्रदेश लखनऊ थे, उक्त जांच समिति ने 04 फरवरी 2026 को सुनवाई पूरी कर ली गई,लेकिन मई 2026 तक भारी दबाव व प्रभाव के कारण जांच आख्या/ अभिमति नहीं भेजी गई। माह मई 2026 के बाद जांच समिति के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी का स्थानांतरण हो गया, उनके स्थानांतरण के बाद उक्त पद पर श्री सुरेन्द्र कुमार तिवारी की पोस्टिंग हो गई, लेकिन उनके द्वारा अद्यतन कोई कार्यवाही नहीं की गई है और लगातार उक्त फर्जी जालसाज शिक्षक शैलेश कुमार बाजपेयी को बचाया जा रहा है। इसके पूर्व भी उक्त फर्जी जालसाज शिक्षक शैलेश कुमार बाजपेयी को बचाने में पूरी तरह शामिल थे।
उक्त प्रकरण में जांच समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार तिवारी को हटा कर किसी अन्य को जांच अधिकारी बनाने हेतु शिक्षा निदेशक (मा.) उत्तर प्रदेश लखनऊ को पत्र दिंनाक 12-07-2026 भेज कर अनुरोध किया गया। लेकिन अद्यतन कार्यवाही न किये जाने पर पुनः पत्र आज दिनांक 08-08-2026 को भेजकर जांच समिति के अध्यक्ष के स्थान पर किसी अन्य को जांच समिति का अध्यक्ष बनाये जाने का अनुरोध किया गया है।
उक्त पत्र IGRS संदर्भ संख्या 40015826031752 पर दर्ज है और सभी सम्बंधित अधिकारियों को स्पीड पोस्ट पत्र एवं ईमेल पर भी पत्र भेजकर कार्यवाही हेतु निवेदन किया गया है।
कृपया संज्ञान लेकर कार्यवाही करवाने की कृपा करें।
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कृपया संज्ञान लेकर कार्यवाही करवाने की कृपा करें।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली का व्यापक फर्जीवाड़ा।प्राइवेट निजी लग्जरी कारों को किराए पर लगा शौक पूरा करने का मामला।
सेवा टूर एंड ट्रेवल्स के द्वारा सांठगांठ और मिलीभगत करके लूट पाट के तहत और धन कमाने की लालसा से नियमों की अनदेखी करते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह ने टैक्सी परमिट कारों को किराए पर न लगाकर, प्राइवेट निजी लग्जरी कारों को जालसाजी व धोखाधड़ी करके किराए पर लगाई गई है। कुछ कारों का किराया रूपए 36000/- और कुछ कारें रूपए 30000/- प्रति माह पर है। जिसमें पेट्रोल और डीजल के अतिरिक्त मेंटीनेंस का भी भुगतान शामिल है। जिसमें अधिकतर कारें कार्यालय के अधिकारियों की है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह और कार्यालय के AAO (सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी) सर्व शिक्षा अभियान मिलकर बड़े पैमाने पर लूट मचा रखी है और लम्बे समय से यह खेल चल रहा है।
यह भी संज्ञान में आया है कि जिस कमेटी के तहत लम्बे समय से यह खेल चल रहा है,उस कमेटी की अध्यक्ष जिलाधिकारी होते हैं।
उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी रायबरेली से व्यक्तिगत मिल कर शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्यवाही न होने पर अग्रिम कार्यवाही हेतु उत्तर प्रदेश सरकार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय योगी जी से उक्त प्रकरण पर कार्यवाही हेतु अनुरोध किया जायेगा।
भारत में निजी ( व्हाइट नम्बर प्लेट) कारों को किराये पर देना मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के खिलाफ है। ऐसा करने वाले ट्रांसपोटर या गाड़ी मालिक पर परिवहन विभाग ( RTO) और ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन जब्ती, भारी जुर्माना और रजिस्ट्रेशन रद्दीकरण की कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाती है।
कानूनी कार्यवाही और दण्ड के प्रावधान
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1- बिना कामर्शियल परमिट के पकड़े जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत वाहन को तुरंत जब्त कर थाने या आरटीओ परिसर में खड़ा कर लिया जाता है।
2- बिना परमिट और कामर्शियल टैक्स चुकाये गाड़ी किराये पर चलाये जाने पर धारा 192 ए या अन्य सम्बंधित धाराओं के तहत भारी अर्थ दण्ड लगाया जाता है।
3- दोषी वाहन का पंजीकरण (REGISTRATION CERTIFICATE) 3 से 4 महीने के लिए निलंबित या पूरी तरह रद्द किया जा सकता है।
4- किसी भी कार को किराये पर चलाने के लिए उसका कमर्शियल पंजीकरण होना, पीली या काली नम्बर प्लेट टूरिस्ट/ टैक्सी परमिट और कामर्शियल इंश्योरेंस होना अनिवार्य है।
उक्त के बाद भी भ्रष्टाचार में ओतप्रोत होकर प्राइवेट लग्जरी कारों को धडल्ले से चलवा रहे है।
उक्त प्रकरण पर उच्च स्तरीय जांच करवा कर सभी दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करवायी जाय।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली के कार्यालय में मध्याह्न भोजन में हुए घोटाले में हुई त्रिस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट और मुख्य विकास अधिकारी रायबरेली के आदेश दिनांक 24-02-2026 के बाद भी दोषियों पर कार्यवाही क्यों नहीं? मध्याह्न भोजन/ मिड-डे मील की आडिट में हो रही वसूली की जांच जनहित में करवाने के सम्बन्ध में।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली के कार्यालय में हुए मध्याह्न भोजन में हुए घोटाले में त्रिस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट पर मुख्य विकास अधिकारी रायबरेली ने दिनांक -26-02-2026 को पत्र बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली को लिखा है कि "आख्या का भलीभांति परीक्षण कर लें और तदनुसार शासकीय धनराशि की वसूली कराने के साथ ही सम्बन्धित का दायित्व निर्धारित कर उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए कृत कार्यवाही की आख्या एक सप्ताह में इस कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।" लेकिन भ्रष्टाचार में आकंठ लिप्त बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह ने उक्त आख्या के आलोक में कोई कार्यवाही न करके घोर अनुशासनहीनता करते हुए भ्रष्टाचार की चासनी चाटते हुए दोषियों को लम्बे समय से बचा रहे हैं। दिनांक 21-07-2026 को जिलाधिकारी रायबरेली से व्यक्तिगत मिल कर वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया, उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह से 02 दिवस में रिपोर्ट मांगी गई है।
जबकि उक्त जांच हिंदुस्तान समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर सचिव माननीय मुख्यमंत्री जी कार्यालय के पत्र का संज्ञान लेकर करवाई गई थी।
उक्त बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली के कार्यालय में मध्याह्न भोजन ( मिड-डे मील) का आडिट के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है, जिसमें संज्ञान में आया है कि बेसिक शिक्षा के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों से रूपए 500/- से लेकर रूपए 1000/- और माध्यमिक विद्यालयों से 5000/- रूपए की वसूली करके खुली लूट व वसूली बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह के कार्यालय में उनके सहयोग से की जा रही है। जबकि आडिट करने आये अधिकारी और कर्मचारियों ने किसी तरह की कोई जांच / आडिट नहीं की गई है केवल निर्धारित धन उगाही करके मध्याह्न भोजन/मिड-डे मील के रजिस्टरों पर केवल पेंसिल से निशान मात्र लगाये गये है और रजिस्टर पर न तो मुहर लगाई गई है और न ही किसी रजिस्टर पर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर ही है। उक्त फर्जीवाड़े और हो रही वसूली बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह अपने कार्यालय में करवा रहे हैं।जिसकी उच्च स्तरीय जांच करवा कर शामिल सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर विधिक कार्यवाही करवाने के लिए जनहित में निवेदन है।
उत्तर प्रदेश सरकार के लोकप्रिय माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश सरकार जी से निवेदन है कि उक्त प्रकरण की जांच उच्च स्तरीय जांच समिति से जनहित में करवाने की कृपा करें।
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कृपया संज्ञान लेकर कार्यवाही करवाने की कृपा करें।
1- IGRS पर दर्ज शिकायतों में व्यापक फर्जीवाड़ा।
2- बिना किसी जांच व शिकायत कर्ता का पक्ष सुने एक पक्षीय झूठी व कूटरचित आख्यायें अपलोड कर शिकायतों को निस्तारित करना।
3- फीडबैक के बाद भी उसी झूठी व कूटरचित आख्या को पुनः अपलोड कर शिकायतों को निस्तारित कर देना।
4- फर्जीवाड़ा के उच्च अधिकारी अपने खिलाफ शिकायतों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों को अंतरित करके उनसे निस्तारित करवाना।
5- उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही जालसाजी, धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार की गई शिकायत को एक स्तर उच्च स्तरीय अधिकारी से न करवा कर सबसे निचले पायदान के अधिकारियों से शिकायतों का निस्तारण करवा कर शिकायत को शून्य करवा देना।
6- फर्जी जालसाजी शिक्षक शैलेश कुमार बाजपेई सहायक अध्यापक आचार्य द्विवेदी इण्टर कालेज रायबरेली को बर्खास्त न करके डा. महेंद्र देव पूर्व शिक्षा निदेशक माध्यमिक उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा भारी उत्कोच लेकर बचाना,की गई शिकायतों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों से निस्तारित करवाना।
7- उक्त फर्जी जालसाज शिक्षक शैलेश कुमार बाजपेई को 21-7-2023 से अद्यतन बचाने का खेल जारी है।
8- उक्त फर्जी जालसाज शिक्षक शैलेश कुमार बाजपेई को बचाने में पूर्व शिक्षा निदेशक डा महेंद्र देव व पूर्व अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक उत्तर प्रदेश सुरेन्द्र कुमार तिवारी शामिल रहे।
9- उक्त फर्जी जालसाज शिक्षक के खिलाफ हुई विभागीय जांचों में अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी व कूटरचित पाये की पुष्टि हो चुकी है।फिर भी भारी उत्कोच लेकर बचाया जा रहा है।
10- उक्त फर्जी जालसाज शिक्षक के खिलाफ 04-02-2026 को हुई जांच/ सुनवाई के बाद भी अभी तक जांच आख्या नहीं भेजी गई है।
11- पत्रों में उल्लिखित IGRS संदर्भ माननीय मुख्यमंत्री जी कार्यालय से ही अपलोड किए गए हैं, दुर्भाग्यवश किसी भी संदर्भ की कोई जांच नहीं हुई है, बल्कि बिना शिकायत कर्ता का पक्ष सुने एक पक्षीय झूठी व कूटरचित आख्यायें अपलोड कर निस्तारित किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा के विपरीत किया गया कृत्य किसी भी कोण से उचित नहीं है साथ ही क्षम्य भी नहीं है।
12 - कृपया उक्त प्रकरण की गम्भीरता से जांच करवा कर आरोपी फर्जी जालसाज शिक्षक शैलेश कुमार बाजपेई सहित दोषी सभी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर विधिक कार्यवाही करवाने की कृपा करें।
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1- रजनीश प्रकाश तिवारी प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कालेज डीह रायबरेली ने जालसाजी व धोखाधड़ी करके सेवारत रहते हुए संस्थागत बीएड करने की जांच नहीं की जा रही है।
2- उक्त रजनीश प्रकाश तिवारी की नियुक्ति 02 जनवरी 1997 को राजकीय इंटर कालेज फुर्सतगंज रायबरेली/ अमेठी में हुई थी।
3- उक्त रजनीश प्रकाश तिवारी स्थानांतरण के बाद 10 जुलाई 1999 को राजकीय इंटर कालेज रायबरेली में कार्यभार ग्रहण किया था।
4- उक्त अवधि में रजनीश प्रकाश तिवारी ने कोई अवकाश नहीं लिया है, और संस्थागत बीएड किया गया है।
5- जिला विद्यालय निरीक्षक रायबरेली ने 29 भी 2026 को प्रकरण पर सुनवाई हुई, लेकिन रजनीश प्रकाश तिवारी उपस्थित नहीं हुए और न कोई अभिलेख ही दिये।
6- उक्त रजनीश प्रकाश तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर विधिक कार्यवाही तत्काल प्रभाव से होनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
कृपया संज्ञान लेकर कार्यवाही करवाने की कृपा करें।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह का कारनामा।
- बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत दो दर्जन प्राइवेट लग्जरी कारों को किराए पर लगाया गया है।
- उक्त लग्जरी कारों को शिक्षा टूर एंड ट्रेवल्स कम्पनी सुल्तानपुर के द्वारा सप्लाई की गई है।
- जिनमें कुछ लग्जरी कारें रूपए 36000/- पर किराए+ पेट्रोल या डीजल, मेंटीनेंस के साथ किराए पर चल रही है।
- जिसमें जीएसटी और टैक्स चोरी बड़े पैमाने पर की जा रही है।
- लगभग 40 प्रतिशत कारें विभागीय अधिकारियों की किराए पर लगी हुई है।
जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों सहित जिलाधिकारी रायबरेली से व्यक्तिगत मिल कर की गई है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
कृपया संज्ञान लेकर जनहित में बेसिक शिक्षा अधिकारी रायबरेली राहुल सिंह सहित अन्य सभी दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करवाने हेतु जनहित में निवेदन है।
@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@Sen2Partha@myogiadityanath@myogioffice@PMOIndia@AmitShah@AmitShahOffice@rajnathsingh@rashtrapatibhvn@anandibenpatel@desecedu@dmraebareli@diosraebareli
रजनीश प्रकाश तिवारी प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कालेज डीह रायबरेली के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर विधिक कार्यवाही हेतु जनहित में निवेदन है। इनके जालसाजी व धोखाधड़ी करके फर्जी व कूटरचित अभिलेखों पर नौकरी कर रहे हैं और अर्जित की गई अकूत संपत्तियां छिपाई गई है। उक्त रजनीश प्रकाश तिवारी ने सेवारत रहते हुए संस्थागत बीएड किया गया है, मुख्यालय पर न रहते हुए जालसाजी के तहत आवास भत्ता भी ले रहे हैं। शिकायतों के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। अधिकारी लगातार बचा रहे हैं। कृपया संज्ञान लेकर जनहित में कार्यवाही करवाने की कृपा करें।
उक्त डा. महेंद्र देव ने फर्जी जालसाज शिक्षक शैलेश कुमार बाजपेई को बचाने के लिए भारी उत्कोच लेकर 3 वर्षों से बचा रहा है और अपने खिलाफ IGRS पर दर्ज शिकायतों की जांचों को अधीनस्थ अधिकारियों को अंतरित करके उनसे निस्तारित करने का अपराध कारित किया गया है। संज्ञान लेकर कार्यवाही हो।