गोरखपुर से संजय त्रिपाठी....
भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे...
भाजपा का झंडा अपनी गाड़ी से उतारते हुए भावुक हो गए, बताया कि हमने इस पार्टी को खून पसीने से सींचा, आज भाजपा ने सामान्य वर्ग को उपेक्षित कर दिया है।
#UGC_Rollback
देश में वजीफा जात पर, एडमिशन जात पर, प्रमोशन जात पर, नौकरी जात पर, चुनाव टिकट जात पर और पार्टी का पद भी जात पर।
जब इस देश के 10 में से 9 काम जात के आधार पर हो रहे हैं, तो अचानक जात “कलंक” कैसे हो गई?
जो लोग दिन-रात जात की बात करते हैं, उन्हीं के लिए जात गाली बन जाती है जब बात उनके फायदे की नहीं रहती।
अमिताभ अग्निहोत्री का ये सवाल हर उस व्यक्ति के लिए है जो जात को सिर्फ दूसरों पर फेंकने वाला हथियार समझता है।
अब एक समाचार 'सूत्रों' के नहीं, 'उच्च पदस्थ सूत्रों' के हिसाब से फैलाया जा रहा है कि सरकार UGC रोलबैक नवंबर के मध्य में करेगी। यह कोई समाचार नहीं है, यह वही धूर्तता है जो इनके प्रवक्ताओं के मुँह में माइक देने पर ये कहते हैं कि 'विषय कोर्ट में है'।
ध्यान रहे हमारी तीन माँगें हैं:
1. UGC रोलबैक
2. मोदी एक्ट में समुचित संशोधन
3. वर्तमान आरक्षण में समीक्षा
कोई एक माँग से कुछ नहीं होने वाला। संघर्ष चलता रहेगा। 5 महीना लगे, 2 साल लगे, 10 साल लगे।
चुना था JNU साफ करने के लिए
आपने IIT को भी JNU बना दिया
चुना था हिंदुओं को जोड़ने के लिए
आपने ऐसा बांट दिया कि जोड़ना संभव नहीं
चुना था अच्छे दिन दिखाने के लिए
अब हर दिन ही बुरा सपना बनता जा रहा है
अब और कितनी सेवा???
Aap paise ke peeche… Paisa excellence ke peeche… Excellence hard work ke peeche… Hard work commitment ke peeche… Aur commitment aapke peeche.
Ek circle hai, jo aap bas dekh nahi paa rahe hain.
यह आंदोलन न तो उसका था, न उसके गायब होने से खत्म हुआ है। आंदोलन चल रहा है और जिनको अंतर पड़ना चाहिए, पड़ रहा है। अकारण किसी को स्वयं नेता मान कर, फिर उसके गायब होने पर चिंता ना करें। चिल करें। हर आंदोलन सड़क पर नहीं लड़े जाते। ये लंबी लड़ाई है, अनकन्वेंशनल। हमें जो करना है, आधा कर चुके हैं। बाक़ी ३ महीने में दिख जाएगा।
यति बाबा भी समर्थन में -
13 सितम्बर भारत बचाओ पद यात्रा का हिस्सा बने
UGC एवं scstact काले कानून जातीय आधारित आरक्षण योजनाओं से भारत को मुक्त कराए -
@ChiefRspDhavrai
Do you know that @narendramodi has already started 'Wealth Redistribution Scheme' though the bullshit of 'social justice' where our hard earned money is frivolously distributed to those who can vote for BJP?
In 2013-14 the budget for SC & ST was ₹41,561 cr and ₹24,598 cr. The great Ambedkarite Narendra Modi took it to unthinkable levels of ₹1,96,400 cr and ₹141,089 cr. In 12 years he raised it by 5 times for SCs and 6 times for STs.
In contrast the education budget in 2013-14 was ₹79,451 cr and the same for 2026-27 is ₹1,39,289.48 crore. Do you know how much it has increased in these 12 years of Modi rule? 75.3%! Yes, that's how great a priority education is for Modi.
And that's precisely why our whole education system is in shit because Modi wants all the money for rewadibazi that he has been consistently doing all these years, which went unnoticed till he screwed the GCs by UGC rules.
Yet, this (500-600% increase) was not done to uplift them, but for the chest-thumping that @BJP4India does in election rallies. This is just a data to let you know how electoral gains are prioritised over social upliftment.
Skills add value, rewadis kill it. This is the great wealth redistribution that Modi has been doing, silently. Share it and discuss it. And ask the morons who are defending BJP's shitty policies in these areas.
I will keep sharing more and more data points so that you are made aware of the theft of our hard earned money which is sacrificed at the altar of fake 'Rashtravaad' & 'Hindutva' narrative which is actually 'Ambedkarvaad' & 'casteism' repackaged to pull a curtain over our senses.
Sc St Act का एक और मामला सामने आया है कि एक सहायक अध्यापिका ने इंचार्ज प्रधान अध्यापिका को गैरहाज़िर करने पर SC/ST Act में फँसा देने की धमकी दी। इससे परेशान होकर इंचार्ज प्रधान अध्यापिका निशि श्रीवास्तव ने CM, DM, SP और BSA से शिकायत की और मामले की जाँच कर कार्रवाई की माँग की।
उनका आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज भी की गई। उन्होंने कहा कि अगर मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो उनके लिए नौकरी करना मुश्किल हो जाएगा और उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा।
प्रश्न यही है, कानून जिन लोगों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, क्या उसके दुरुपयोग की शिकायतों पर भी उतनी ही गंभीरता से विचार नहीं होना चाहिए?
स्वतंत्र भारद्वाज ने गलत किया तो 70 दिन बाद भी SC/ST लगा दिया जाएगा और वो जेल जाएगा लेकिन उसको पीटनेवाले वीडियो में दिख रहे हैं पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अजीत भारती को गाली देनेवाले का बाल भी बांका नहीं होगा लेकिन अजीत के जवाब पर SC/ST एक्ट भी लगेगा और उसको एंटीसिपेटरी बेल भी नहीं मिलेगी।
ये सिर्फ दो उदाहरण नहीं हैं.. यही आज की डेट में हमारे समाज की सच्चाई है।
सवाल बस इतना है कि जब किसी के गलत पर होनेवाला कानूनी एक्शन उसकी जाति देखकर होता है तो वो प्रक्रिया बटेंगे तो कटेंगे की कैटेगरी में आती है या नहीं?
जब देश की व्यवस्था ही हमें एक नहीं मान रही तो काहे का एक हैं तो सेफ हैं फिर? आज कोई और है.. कल को हममें से कोई होगा। बस अपनी बारी का इंतजार कीजिए।
अब खामोश रहने का समय बीत चुका है। अपनी आवाज बुलंद करो, इस तानाशाही नीति का विरोध करो!
सवर्णों की अनदेखी अब बर्दास्त से बाहर है। अब सवर्ण समाज को हर हाल में अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़नी ही होगी।
@sambitswaraj अब ऐसे #ugc#SCSTएक्ट#aarakshan से
नहीं हो पायेगा आप से आप सिर्फ कुर्सी का मोह कर रहे हैं देश हित के फैसलों का क्या हुआ एक देश, एक संविधान, एक विधान, एक प्रधान, एक चुनाव
12वीं में 95%अंक लेकिन कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला इसलिए बेटे ने आत्महत्या कर लिया
वोटजीवी नोटजीवी सत्ताजीवी नेता जाति भाषा मजहब का जहर घोलकर देश को बर्बाद कर रहे हैं
धन-धर्म, घर-परिवार, खेत-खलिहान, मकान-दुकान, उद्योग-व्यापार बचाना है तो दल गुलामी छोड़कर सत्य बोलिए और सत्य लिखिए
सूचना 🙏
करणी सेना के राजशेखावत की तरफ से 20 सितंबर 2026 को दिल्ली जंतर मंतर पर सवर्ण महापंचायत करने की घोषणा कर पूरे देश के लोगों से जंतर मंतर पर UGC और आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में परमीशन को लेकर कल सुनवाई थी जिसमें दिल्ली पुलिस पुलिस को हाईकोर्ट ने आवेदन पर विचार करने और परमीशन देने के लिए 14 सितंबर तक समय दिया है।