दोस्तों ये फोटो देखिए क्या अब भी आप कह सकते हो कि देश में लोकतंत्र है या देश सुरक्षित हाथों में है जब देश की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और देश का युवा रोड पर है नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं तो क्या आम जनता को न्याय मिलेगा आप कौन से रामराज्य की बात कर रहे थे?
नाम नहीं लूंगा, आप लोग गूगल कर लेना।
ज्यादा पुरानी बात नहीं है-एक युवा राज्यसभा सांसद आम लोगों के मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते थे। एयरपोर्ट पर समोसे की कीमत तक को लेकर फिक्रमंद रहते थे।
Gen Z जनता उनसे इंस्टाग्राम पर खूब जुड़ी हुई है।
लेकिन अभी NEET पेपर लीक, जो Gen Z का इतना बड़ा मुद्दा है, उस पर न जाने क्यों चुप हैं। पता नहीं क्या वजह है। उन्हें पता तो होगा ही कि पेपर लीक हो गया है।
जयपुर में गर्भवती महिला से छेड़छाड़ का यह दृश्य शर्मनाक है, असहनीय है। एक युवती से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल हुआ परन्तु न पुलिस ने समय पर एफआईआर की और 12 दिन बाद भी आज तक आरोपी गिरफ़्तार नहीं हुए हैं। अब दूसरी घटना में भी पुलिस वीडियो सबूत होने के बावजूद शिकायत दर्ज होने का इंतजार करती रही।
BNS की धारा 74 स्पष्ट कहती है कि छेड़छाड़ संज्ञेय अपराध है जिसमें पुलिस स्वयं FIR दर्ज कर सकती है एवं बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है।
हमारी कांग्रेस सरकार में अनिवार्य एफआईआर का नियम बनाया था, ऐसी घटनाओं में पुलिस स्वयं मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करती थी। हमारी सरकार आंकड़े कम करने का प्रयास नहीं करती बल्कि प्रभावी कार्रवाई करती थी।
आज वीडियो वायरल है फिर भी आरोपी खुले घूम रहा है क्योंकि अपराध के आंकड़े कम दिखाने के लिए भाजपा सरकार कार्रवाई नहीं कर रही।
राजस्थान की बेटियाँ असुरक्षित हैं और राजस्थान सरकार एवं राजस्थान पुलिस मूकदर्शक।
भाजपा सरकार जवाब दे, जब कानून है, अधिकार है, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
@kaankit क्या खाक अच्छा कदम है जब मिल ही नहीं रहा है तो,
आ जाओ दिल्ली के वजीराबाद में साथ चलते हैं इंडेन गैस एजेंसी मज़ाक न उठाया कि ये छोटू फोटू नहीं मिलेगा ये सिर्फ ऑनलाइन ड्रामा हो रहा है तो बताना।
एजेंसी देने को तैयार नहीं है और यहां साला ड्रामा ही बंद नहीं हो रहा है।
ये है विजय कुमार
पंचकूला में वन दरोगा है
इनके क्षेत्र में वन माफियाओं ने रातों रात 10000 हजार खैर के पेड़ काट दिए और गधों पर लादकर जंगल से बाहर भिजवा दिए
जब इस घटना का पता विजय कुमार को चला तो उन्होंने विभाग में सूचना दी लेकिन रेंजर कोई सुनवाई नहीं की
फिर विजय कुमार ने राज्य के वन मंत्री को शिकायत की
लेकिन वन मंत्री ने उल्टा Vijay Kumar ही सस्पैंड कर दिया
अब विजय कुमार आमरण अनशन पर बैठ गए हैं
इस देश के सिस्टम में ईमानदार लोगों की कोई जगह नहीं हैं।
गौरैया जैसी नन्हीं पक्षियों की वापसी हमारे पर्यावरण के संतुलन का संकेत है। बदलते समय में इनके लिए सुरक्षित जगहें कम होती जा रही हैं, लेकिन हमारे छोटे प्रयास इन्हें फिर से हमारे आस-पास ला सकते हैं।
आइए, ऐसा अनुकूल और सुरक्षित वातावरण बनाएं जहाँ गौरैया फिर से लौट सके।
#WorldSparrowDay #SaveSparrows #BirdConservation #UrbanBiodiversity #ProtectNature
I tried to book my LPG cylinder and got this response where as I haven't booked it. It seems gas agency owner has booked without my knowledge and sold it in black. It must be investigated.
@HPCL@ankit
Bro is ajit singh, a hardcore BJP supporter since 2014.
Bro used to defend BJP by saying that after modi came to power the corruption has vanished from the country.
One day while availing modi’s “high class” train facility, he purchases the authentic “Rail Neer” govt owned packaged drinking water from railway station in hope of drinking hygienic fresh water.
But while casually removing the label of Rail neer he found that it is an already used water bottle which is being refilled and resold to passengers.
Bro got so angry that he made a video to expose the ongoing scam in Indian railways.
From being a supporter of BJP to exposing the corruption of BJP,
Bro came a long way….
खबर है कि AI Impact Summit Expo से गैलगोटियास यूनिवर्सिटी को अपना स्टॉल तुरंत खाली करने के लिए कहा गया है।
लेकिन जो यूनिवर्सिटी Expo में स्टॉल डिजर्व नहीं करती, वह समाज और देश में होना कैसे डिजर्व कर सकती है?
जातीय भेदभाव के ऐसे-ऐसे शर्मनाक उदाहरण आज भी हमारे समाज में मौजूद हैं, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक ही हैं।
ओडिशा के केंद्रापड़ा ज़िले के नुआगांव स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र में पिछले तीन महीनों से उच्च जाति के परिवारों ने बहिष्कार के तौर पर अपने बच्चों को आंगनवाड़ी भेजना बंद कर दिया था।
कारण सिर्फ इतना था कि नवंबर 2025 में एक दलित महिला, शर्मिष्ठा सेठी, की उस आंगनवाड़ी में हेल्पर के रूप में नियुक्ति हुई थी।
स्थिति यहां तक पहुंच गई कि गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार द्वारा भेजे जाने वाले पोषक आहार को भी शर्मिष्ठा के हाथों से स्वीकार नहीं किया जा रहा था।
मामला संसद तक भी पहुंचा।
अब तीन महीने बाद, केंद्रापड़ा के सांसद और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा तथा अन्य स्थानीय नेताओं की पहल पर स्थिति सामान्य हुई। बच्चे अपने माता-पिता के साथ आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे और दलित हेल्पर द्वारा पकाया गया भोजन ग्रहण किया।
लेकिन यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि हमारे समाज में व्याप्त जातीय पूर्वाग्रह कितनी गहराई तक जड़ें जमाए हुए हैं।
इस बीमारी के साथ हम कभी भी विकसित राष्ट्र नहीं बन सकते।
नाबालिग बच्चा अगर पेट के लिए काम करे तो वो बाल अपराध है और
अगर पैसे वाला बच्चा सीरियल में काम करे तो बाल कलाकार है..
यह दोहरा मापदंड क्यों?
— स्वाति मालीवाल, राज्यसभा सांसद
आजकल लोग लोग अपनी जाति के आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे है ... लोग चाहते है की अपनी जाति का विधायक हो और सांसद होना चाहिए लेकिन बिश्नोई समाज के लोग खेजड़ी वृक्ष के लिए आंदोलन कर रहे है की हमारी खेजड़ी बच जानी चाहिए...🥹
राजवीर सिंह सर जी का खेजड़ी बचाओ पर उद्बोधन जरूर सुने...