कंगना रनौत की यह पुरानी वीडियो आप भी देखिए इसमें वह अपने लिए पाकिस्तानी लड़का ढूंढ रही थी
कंगना रनौत अपने खाने की पसंद भी बता रही थीं
जिसको सुनकर आप भी कहेंगे, इतना रंग तो गिरगिट भी नहीं बदलता जितना कंगना रनौत ने बदल लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को झारखंड के विरोध प्रदर्शन से सबक सीखना चाहिए कि छात्र आंदोलनों पर बर्बरता नहीं की जाती। उन्हें यह भी सीखना चाहिए कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कैसे होता है और प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद कैसे किया जाता है।
34 साल का ऋषभ शाह खुद को Gen Z बताकर आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत का इंटरव्यू कर रहा था.
इस मंच पर आरक्षण व्यवस्था की जमकर आलोचना की गयी. ऋषभ शाह जो कि गुजराती जैन है.
एक सवाल में कहा रहा था आरक्षण 10 साल के लिए था और डॉ आंबेडकर आज होते तो खुद हैरान हो जाते.
ऋषभ शाह झूठ बोल रहा है. शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लिए संविधान में 10 वर्ष की समय सीमा कहीं नही लिखी गयी है.
मोहन भागवत को यह बात पता है लेकिन उन्होंने ऋषभ शाह को दुरुस्त नही किया, बल्कि झूठे नैरेटिव को फैलने दिया. इस देश का मुद्दा है है सवर्ण समाज जातिवाद क्यों करता है और सामाजिक प्रिविलेज को छोड़ना क्यों नही चाहता है.
उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी दलित युवा नवप्रवर्तक रवि टम्टा जी का यह नवाचार वास्तव में अद्भुत, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण है। सुदूर पहाड़ में जन्मे रवि टम्टा जी ने साबित कर दिया कि उनके हौसले भी पहाड़ जैसे बुलंद हैं।
रवि टम्टा जी ने HAPIDA SKYNeX उड़ान वाहन (Flying Vehicle) के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वे सुरक्षित एवं विद्युत चालित व्यक्तिगत उड़ान वाहन विकसित करने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। वर्षों के शोध, नवाचार और अथक परिश्रम के बाद प्रोटोटाइप की यह सफल उड़ान उनके सपने को साकार करने की दिशा में पहला बड़ा मील का पत्थर है।
यह उपलब्धि केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे स्वदेशी नवाचार भारत की वैज्ञानिक क्षमता, युवाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।
रवि टम्टा जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। हमें विश्वास है कि उनका यह प्रयास भारत को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हमें आप पर गर्व है!
पुलिसकर्मी द्वारा युवक की पिटाई का वीडियो वायरल....
वीडियो बस्ती जिले के हनुमानगंज चौकी का बताया जा रहा है जहां तैनात पुलिसकर्मी चंद्रभूषण यादव एक दलित लड़के को पीटने दिखाई दे रहे है,
पीड़ित लड़के का आरोप है के उसे झूठे केस में फंसाने की कोशिश की जा रही थी जिसका वो विरोध कर रहा था,
वीडियो को वायरल होने हो बस्ती पुलिस की तरफ से मामले में संज्ञान लेने का निर्देश दिया गया
फ्री का सामान नहीं मिला तो... दुकान बंद कराने पहुंची पुलिस.?
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में एक छोटी सी दुकान है। वहाँ दो पुलिसकर्मी आए, फ्रूटी और बिस्कुट लिए। जब महिला दुकानदार ने पैसे मांगे तो देने से मना कर दिया।
उलटे धमकी देने लगे – दुकान बंद करवा देंगे।
महिला विधवा है। पति नहीं है, दो छोटे बच्चे हैं। इसी छोटी सी दुकान से घर का चूल्हा जलता है। रोज़ी-रोटी का एकमात्र सहारा।
जो लोग सुरक्षा देने वाले हैं, वही गरीब की मेहनत पर डाका डालें… ये कैसा सिस्टम है?
नेहा बोरा जब तक झारखंड नही गयी. बीजेपी आईटी सेल के लोग सोशल मीडिया पर आलोचना कर रहे थे कि अभी तक झारखंड के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में नही गयी.
नेहा बोरा ने रांची में जाकर छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया. झारखंड ने छात्रों ने भी नेहा बोरा का स्वागत किया.
कुछ लोगों को यह सब हजम नही हुआ. नेहा बोरा को अपमानित करने के लिए एक बदमाश ने नेहा बोरा पर इंक फेंक दिया. मीडिया ने जब उससे पूछा तुमने इतनी घटिया हरकत क्यों कि, तो उसका जवाब था नेहा बोरा टुकड़े टुकड़े गैंग का हिस्सा है.
टुकड़े टुकड़े गैंग यह डायलॉग किस पार्टी ने प्रोपेगैंडा के तहत फैलाया है आप लोग जानते ही हैं. नेहा बोरा ने माता पिता कट्टर बीजेपी के समर्थक हैं. नेहा बोरा आरक्षण जाति जनगणना और यूजीसी के नए नियमों की समर्थक है. नेहा बोरा को सप्पोर्ट कीजिए.
अब कोई चून गैंग न संस्कारों का हवाला देगा न ही किसी की भावना आहत होगी।दरअसल वो तब होगा जब बहुजन शिक्षा,नौकरी,प्रतिनिधित्व और संसाधनों में हिस्सेदारी के लिए मुखर होगा। बाकी काँवड़ यात्रा में जाने के लिए हर तरह से प्रेरित किया जाएगा और फुल मस्ती का इंतजाम भी होगा।
मेरे प्रिय कवि उदय प्रताप सिंह जी की कविता सिर्फ़ कविता नहीं, समय का आईना है। उनके शब्द सत्ता से सवाल पूछते हैं, जनता को उसकी ज़िम्मेदारी याद दिलाते हैं और लोकतंत्र की आत्मा को झकझोरते हैं।
"हमने खोली थी इसी बाग़ में अपनी आँखें, हमसे इस बाग़ की हालत नहीं देखी जाती..." - यह पंक्ति केवल एक बाग़ की नहीं, उस देश की पीड़ा है जिसे बेहतर बनाने के वादे किए गए थे। जब उम्मीदों की बहार की जगह निराशा, असमानता और अन्याय दिखाई देने लगे, तब कविता प्रतिरोध बन जाती है।
बिहार के बेगूसराय में घायल युवक के पैर में गत्ते से प्लास्टर लगा दिया गया है. चिंता की कोई बात नहीं है. ये “दस हज़ार” का कमाल है.
यूपी के लोग देख रहे हैं न! आपको ये गलती नहीं करनी है.
धीरेंद्र शास्त्री और उनके साम्राज्य के विस्तार की कहानी पार्ट- 2
सुने बतंगड़ न्यूज़ पर धीरेंद्र शास्त्री के गांव के लोग धीरेंद्र शास्त्री के बारे में क्या कह रहे हैं इसे पूरे देश को सुनना चाहिए।
प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू कर रहेगा कोई माई का लाल नहीं रोक सकता। 🔥🔥🔥
बसपा के राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू करने की मांग उठाई।