आपका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा ,
इतिहास उन्हीं को याद रखता है को , जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ते ।
कंप्यूटर अनुदेशकों आप जरूर सफल होंगे 🇮🇳
समय बदलेगा, सुइया फिर से गुमेगी ✍️
ALL THE BEST ✅
अंकित अवस्थी ने ज्यादा सही तरीके से, ज्यादा बेहतरीन धोया है।
कितने दुख की बात है कि 12 साल पत्रकारिता करने के बाद मैं इनसे सहमत होने को मजबूर हूं।
जब मैं छात्र था तो तंगी की हालत में भी तीन अखबार मंगाता था और जब पढ़ाई खत्म हुई, नौकरी ढूंढनी शुरू की, उस समय में 6 अखबार मंगाता था।
आज मैं दावे से कह सकता हूं कि अगर किसी अखबार में पढ़ने लायक कुछ मिल जाए तो समझिए कि वह अपवाद है।
और चैनलों के तो कहने ही क्या? जिस दिन न्यूज़ चैनल देखना पड़ जाए, समझिए जिंदगी का सबसे खराब दिन है।
कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों को कोसने से पहले पत्रकारों को जरा अपनी गिरेबान में झांकना चाहिए।
ये केवल गौमाता की मौत नहीं, बल्कि गाय के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा का शर्मनाक चेहरा है।
गाय के नाम पर सत्ता हासिल करने वाली भाजपा सरकार में जैसलमेर की डंपिंग साइट पर सैकड़ों मृत गायों के शवों पड़े हैं।
लेकिन इन्हें कोई मतलब नहीं है.. BJP को सिर्फ वोट चाहिए।