#वेदों_अनुसार_कबीरप्रभु_लीला
600 वर्ष पूर्व कबीर साहेब जी सतलोक से चलकर आते हैं। जिनका प्रमाण अपने सभी सद ग्रंथों दिया हुआ है।ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मन्त्र 9 है इसमें स्पष्ट है कि (सोम) अमर परमात्मा जब शिशु रूप में प्रकट होता है तो उसकी परवरिश की लीला कुंवारी गायों द्वारा होती है
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Kabir Parmeshwar Ji appeared in the form of a child on a lotus flower in the Kashi Lahartara pond on the bright full moon Monday of Jyestha month in Samvat 1455 (year 1398). The childless Neeru-Neema weaver couple met.
Sant Rampal Ji Maharaj
Lord kabir appears on a lotus flower in the form of an infant in every yuga.
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"Gyan Ganga" by JagatGuru Tattvadarshi.
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सर्व शक्तिमान परमेश्वर कबीर
पूर्ण परमात्मा आयु बढ़ा सकता है और कोई भी रोग को नष्ट कर सकता है: ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 161 मंत्र 2, 5, सुक्त 162 मंत्र 5, सुक्त 163 मंत्र 1-3
कबीर परमात्मा ने ऐसे ऐसे अनेकों अद्भुत चमत्कार किए हैं जिनसे भक्तसमाज आज तक रूबरू नहीं हो पाया है, लेकिन संत रामपाल जी महाराज की कृपा से परमात्मा ने जो अद्भुत लीला की थी आज पूरे विश्व को यह जानने का मौका मिला है जिससे सिद्ध होता है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ही हैं जो सर्व उत्पादक प्रभु हैं सृष्टि रचनाहार कुल मालिक हैं।
#समर्थ_कबीर_की_समर्थता_जानें
God Kabir Prakat Diwas 22June
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ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9
"अभी इमं अध्न्या उत श्रीणन्ति धेनवः शिशुम् । सोममिन्द्राय पातवे।।"
परमेश्वर जब भी शिशु रूप में पृथ्वी पर आते हैं तो उनका पालन पोषण कुंवारी गायों के दूध से होता है।
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#वेदों_अनुसार_कबीरप्रभु_लीला
काशी शहर की पवित्र भूमि पर जेठ मास की शुक्ल पूर्णिमा विक्रम संवत 1455 (सन 1398) सोमवार सुबह-सुबह ब्रह्म मुहूर्त मैं पूर्ण परमेश्वर कबीर देव जी स्वयं सतलोक से चलकर लहरतारा तालाब पर कमल के फूल पर प्रकट हुए थेl
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कुरान शरीफ सुरत फुर्कान 25, आयत 59- जिसने सबको छः दिन में पैदा किया, उसकी खबर किसी बाखबर (इल्मवाले) से पूछ देखो । वह बाखबर (तत्वदर्शी संत) वर्तमान में सिर्फ संत रामपालजी महाराज जी ही हैं जिन्हें उस वास्तविक अल्लाहु अकबर की सम्पूर्ण जानकारी है।
#AlKabir_Islamic#SaintRampalJi
#वेदों_अनुसार_कबीरप्रभु_लीला कबीर परमेश्वर द्वारा कुंवारी गाय
का दूध पीने का वर्णन
परमेश्वर जब पृथ्वी पर शिशु रूप में प्रकट होते हैं तो
उनकी परवरिश कुंवारी गाय के दूध द्वारा होती है
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#कैसे_बना_जगन्नाथजी_का_मंदिर
जगन्नाथ मंदिर के पास एक चबूतरा बनवाया गया था जिसे आज कबीर मठ के नाम से जाना जाता है। वहीं पर बैठकर कबीर परमात्मा ने समुद्र को जगन्नाथ मंदिर तोड़ने से बचाया था।
अधिक जानकारी के लिए satlok ashram YouTube पर visit करें l
#GodKabirPrakatDiwas
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कबीर परमेश्वर सशरीर प्रकट हुए
ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में परमेश्वर कबीर जी तेजोमय रूप में आकर काशी के लहरतारा तालाब में बालक रूप में कमल के फूल पर प्रकट हुए,
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मांस खाना महा पाप है!
गाय सभी की माता है, चाहे हिंदू हो या मुसलमान। कलामे पाक में कुरबानी का अर्थ अल्लाह की इबादती इम्तेहान में खरा उतरना होता है। जबकि मुस्लिम मौलवी साहेबानों ने इसका मतलब गलत निकाल लिया।
#AlKabir_Islamic#SaintRampalJi
अध्यात्म से जुड़े कुछ ऐसे सवाल जिनसे हम सबको संत रामपाल जी महाराज जी रूबरू करवा रहें हैं। काल लोक में गलत साधना करने से सभी जीव दुःखी हैं। संत रामपाल जी महाराज जी ने सभी धर्मों के शास्त्रों से सही भक्ति विधि बताकर मानव समाज पर बहुत बड़ा उपकार किया है।
संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य है कि सभी मनुष्य एक सर्वोच्च परमेश्वर कबीर जी की पूजा करें और हमारे मूल निवास सतलोक को वापिस लौटें। सर्वोच्च ईश्वर कबीर जी की उपासना करने के लिए कोई भी व्यक्ति, कबीर जी के अवतार, आध्यात्मिक नेता जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से अपनी जाति, पंथ, रंग, आस्था या धर्म से बेपरवाह होकर नाम दीक्षा ले सकता है।
मानव जीवन का मूल उद्देश्य "भक्ति से भगवान' तक पहुंचने का और पूर्ण मोक्ष प्राप्त करने का है और यह सिर्फ संत रामपालजी महाराज जी द्वारा बताई शास्त्रानुसार सत्य साधना करने से ही संभव है। शास्त्रानुकूल भक्ति मार्ग जानने के लिए देखें संत रामपाल जी महाराज जी के मंगल प्रवचन, संत रामपाल जी महाराज जी यूट्यूब चैनल पर।
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काशी शहर की पवित्र भूमि पर ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी
विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) सोमवार सुबह सुबह ब्रह्म मुहूर्त में
पूर्ण परमेश्वर कबीर जी स्वयं
अपने सतलोक से आकर लहरतारा तालाब में कमल के पुष्प पर बालक रूप में प्रकट हुए.
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