नागौर के डांगावास ���ें वर्ष 2015 में हुई जघन्य सामूहिक हत्या की घटना आज भी पूरे राजस्थान को झकझोर देती है। इस हृदयविदारक घटना में 6 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिनमें 5 दलित समाज से थे। इतने लंबे न्यायिक संघर्ष के बा��, लगभग 11 वर्ष बीत जाने पर सभी 40 आरोपियों का बरी हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
यदि सभी आरोपी निर्दोष हैं, तो आखिर उन 6 लोगों की हत्या किसने की? क्या इतने बड़े नरसंहार का कोई दोषी नहीं है? क्या पीड़ित परिवारों को कभी न्याय नहीं मिलेगा? ऐसे फैसले पीड़ित परिवारों के विश्वास को तोड़ते हैं और समाज में न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा करते हैं। यदि दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे और कानून का भय समाप्त होता जाएगा। यह किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
मैं राजस्थान सरकार से मांग करती हूं कि इस मामले में तत्काल उच्च न्यायालय/सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी अपील दायर की जाए, पूरे प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा की जाए और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर से कठोर सजा सुनिश्चित की जाए।
@RajCMO @RajGovOfficial
नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आया फैसला बेहद चिंताजनक है। 2015 में जमीन विवाद में 5 दलितों समेत 6 लोगों की निर्मम हत्या हुई थी, और अब एससी-एसटी विशेष अदालत ने सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। पीड़ित परिवारों का सवाल जायज है, अगर 40 आरोपी बरी हो गए तो इन 6 लोगों की हत्या आखिर किसने की?
11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई, सीबीआई जांच और ट्रायल के बावजूद इंसाफ न मिलना जांच और अभियोजन क�� गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। भाजपा सरकार के शासन में 11 साल पहले ऐसी घटना होना और अब उन्हीं के शासन में प्रतिकूल फैसला आना दिखाता है कि भाजपा न्याय के पक्ष में नहीं है। दलित समाज के साथ हुए इस अन्याय में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कांग्रेस हमेशा दलित समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए खड़ी रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की प्रक्रिया मज��ूती से आगे बढ़नी चाहिए, राज्य सरकार को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात���रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक्य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेटियों की अस्मिता पर किया गया हमला इस आदर्श वाक्य को विडंबना बना देता है।
ये लोग कौन हैं ? इनकी क्या पहचान है? पुलिस की किस शाखा के हैं जो लाठी लेकर बैठे हैं। पुलिस कवर करने वाले पत्रकारों को पता होगा बस उनके संपादक छापने की हिम्मत कर पाएँ । उम्मीद है दिल्ली पुलिस जवाब देगी।
सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
हो गई है पीर पर्वत-सी, पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
#संसद_मार्च#जंतर_मंत्र
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी से आज मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही आंदोलनरत छात्र-छात्राओं से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया तथा उनके लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति अपना समर्थन एवं एकजुटता व्यक्त की। आंदोलन में पहुँचे भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सभी साथियों का आभार।
ऐसे सम्मानित व्यक्तित्व को इस स्थिति में देखकर मन व्यथित हो जाता है।🥺
लोकतंत्र की पहचान संवाद और जवाबदेही से होती है, उपेक्षा से नहीं।😳
इस्तीफा मिलने तक यही डटे रहेंगे।🤯
पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं।
NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि -
- UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई।
- यह PDF उस question paper setting की है, जो सिर्फ़ NTA के पास उपलब्ध होती है।
- PDF के लगभग 90 सवाल Sociology के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।
- वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था।
- इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का ��ी दावा किया।
NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती।
सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है - न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा।
बदलाव का एकमात्र औज़ार हमारी सम्मिलित आवाज़ है - देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा revolution लाकर रहेगी।
आदरणीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp
जी,
बोर्ड फॉर्म 6 जुलाई, 2026 से शुरू हो रहे हैं सामान्य शुल्क 600₹ से 850
जहाँ शिक्षा निःशुल्क होनी चाहिए थी वहीं आवेदन शुल्क बढ़ा दिया गया है। प्रेक्टिकल फीस डबल कर दी गई।
ये सब छात्र हित में नहीं है।
@madandilawar@RajCMO@GovindDotasra
दूसरों के जीवन के गहरे राज़ उजागर करने का दावा करने वाले ढोंगी बाबा, आज राम के नाम पर हुए इतने बड़े घोटाले के दोषियों का नाम बताने से क्यों डर रहे हैं? 'जान के खतरे' का बहाना बनाकर नाम लेने से बचने का स्वांग रच रहे हैं। जब ईश्वर की पर्ची के नाम पर इतना बड़ा धार्मिक व्यापार खड़ा कर दिया, तो आज ईश्वर के घर में हुई इस कथित लूट पर बाबा के चमत्कारिक दावे कहाँ गायब हो गए?
सच तो यह है कि चमत्कार के नाम पर सदियों से जनता को मूर्ख बनाया जाता रहा है। अब लोगों को समझ जाना चाहिए कि न्याय धर्मग्रंथों या पर्चियों से नहीं, बल्कि देश के संविधान, कानून और पुलिस की जांच से ही मिलेगा।
सामाजिक न्याय की लड़ाई के अग्रणी सिपाही, संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत और देश के हर वर्ग की सशक्त आवाज़ ,लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष,जननायक आदरणीय श्री @RahulGandhi जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
देश के युवाओं, छात्रों, किसानों और वंचित वर्गों की आवाज़ को मजबूती से उठाने का आपका संक��्प करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है।
हम आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं जनसेवा के इस सफर के निरंतर सफल होने की कामना करते हैं।
#HappyBirthdayRahulGandhi
देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है।
हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।
मैं जानता हूँ आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर याद रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊँची करनी पड़ती है।
इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूँ - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।
आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक।
ये आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
ट्वीटर (X) पर मेरे अकाउंट और पोस्ट की दृश्यता को बिना किसी स्पष्ट कारण के सीमित कर दिया गया है। आदिवासी अधिकारों, पर्यावरणीय न्याय और लोकतांत्रिक मूल्य��ं की वकालत करने वाले एक आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता के रूप में, मैं इस मनमानी कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूँ। @Support @Safety @X से मेरी मांग है कि मेरे अकाउंट पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को तत्काल हटाया जाए। जनहित के मुद्दों को उठाने वाली आवाज़ों को दबाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है।
अब लाल आँखें कौन दि��ाएगा? क्या इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी G7 की बैठक में जाएंगे? उन्हें बोल देना चाहिए कि इंडिया में राम मंदिर के चढ़ावे में डकैती हो गई है और नीट परीक्षा का पेपर लीक हो गया है, हम दोनों मॉनिटर कर रहे हैं, इसलिए G7 की बैठक में नहीं आएंगे। इस बयान के बाद कैसे जाएंगे?
I visited the southernmost tip of India.
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by violating the Forest Rights Act. Settlers, many of them former soldiers, placed on these islands by the Indian government, who aren’t getting fair compensation.
The Modi government and BJP tells you Great Nicobar Project is about defence. It is not.
Expand INS Baaz - we will back the government fully. The Navy has been asking for expansion for five years - it has been ignored.
They tell you it is about a transhipment port. It is not. India is already building one in Kerala, which is on the mainland.
What it actually is: 1.5 crore trees felled. Coral reefs erased from official maps. Soldiers and tribals displaced - so one businessman can build hotels and casinos on India’s most irreplaceable ecological land.
Every young Indian I have spoken to understands this. You know that no amount of profit is worth destroying what can never be recovered.
I stand for ecologically balanced development. These islands can be the most extraordinary sustainable destination the world has ever seen. That is the India worth fighting for.
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay