आखिर कब तक कटते रहेंगे ब्राह्मण..?
गोरखपुर जनपद में एक और ब्राह्मण की नृशंस ह*त्या ने केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
सिकरीगंज क्षेत्र के ग्रामसभा अहिरौली निवासी ठेकेदार शिवकुमार तिवारी जी की जिस बर्बरता से ह*त्या की गई, उसने पूरे उत्तर प्रदेश , और देश को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि वे ब्रह्मभोज में भोजन कर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। घायल अवस्था में जब लोग उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, तब रास्ते में रोककर लगभग 200 मीटर तक घसीटा गया और तलवार से काटकर उनकी ह*त्या कर दी गई।
गोरखपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज के लोगों की ह*त्याओं का सिलसिला लगातार जारी है। हर घटना के बाद वही घिसी-पिटी कार्रवाई,एक-दो गिरफ्तारियां, फिर कुछ समय बाद जमानत। आखिर कब तक...?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अपराधियों में कानून का भय क्यों खत्म हो चुका है...?
बुलडोजर और एनकाउंटर की बातें करने वाली सरकार ब्राह्मण समाज से जुड़ी ऐसी जघन्य हत्याओं में त्वरित न्याय और निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं करती..?
मैं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि, शिवकुमार तिवारी जी की हत्या के सभी आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोरतम कार्रवाई की जाए तथा उन्हें ऐसी सजा दी जाए जो पूरे प्रदेश के अपराधियों के लिए उदाहरण बने।
लेकिन सच यह है कि जिस तरह लगातार ब्राह्मण समाज के लोगों की हत्याएं हो रही हैं, उससे यह उम्मीद करना कठिन है कि यह सरकार और उसके मुखिया इन घटनाओं पर प्रभावी रोक लगा पाएंगे?
सरकार का रवैया ब्राह्मण समाज के प्रति उदासीन दिखाई देता है, और इसी कारण समाज में गहरा आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
जब तक अपराधियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।
#UPNews #sikrigunj #Gorakhpurnews
देखो इनका हाल इनको भिक्षा में आरक्षण मिला हुआ है।500 no. में से 495 वाला डॉक्टर नहीं बना लेकिन आरक्षण रूपी भिक्षा पा कर 4 no. ला करये महाशय डॉक्टर साहब बन गए।
न चलने का ढंग न बोलने का ढंग अब जो इनसे इलाज करवाएगा उसका भगवान ही मालिक है।
ना ना सवाल मत पूछो भाई इनसे पहले सवाल पूछने से पहले ..😥😥
चुलू भर पानी का जुगाड़ करो और उसी में डूब कर मर जाओ ।
जो भी आप पूछ रहे हैं वो सब भूत था।😯अब साधु हो गया हु श्री श्री श्री श्री 1000008 श्री 9 हजार करोड़ बिगहा महाराज की जय हो।
यही है इनका असली चेहरा शर्म नहीं आती इनको हिंदू धर्म का मजाक बनाते हुए, अरे साधु संतो के श्राप से यहां तक पहुंचे हो।
उसके बाद भी आंख नहीं खुल रही है और यही सोच रही तो हिंदू धर्म के लिए तो कही के नहीं रहोगे।
Hum le kar rahenge aajadi manuvaad se aajadi, brahmanvaad se aajadi lo mil Gaya aajadi. Arre bina maanuvaad or brahman ke system nahi chal sakta bhai or aajdi to milne vala hai nahi braahmnvaad se brahmna se.
जब नैतिकता ही मर जाए,तो व्यवस्था सिर्फ निर्लज्जता का खेल बनकर रह जाती है जब लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा होतब जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय केवल बहानों और लीपापोती का सहारा लेना राजनीतिक निर्लज्जता की पराकाष्ठा है ।