राजस्थान विश्वविद्यालय की PhD प्रवेश प्रक्रिया RUPA 2025 चल रही है इंटरव्यू के लिए विभागो की लिस्ट आ चुकी हैं जिन भी विद्यार्थियों को इन लिस्ट से संबंधित किसी भी प्रकार का कोई ऑब्जेक्शन है वह विश्वविद्यालय के infonet सेंटर जाकर अपनी लिखित मे तथ्यों के साथ शिकायत दर्ज करवा सकता है
पेपर लीक, रद्द परीक्षाएँ, अधूरी भर्तियाँ और बेरोज़गारी से परेशान लाखों छात्रों की गूंज अब दबने वाली नहीं है।
कल 17 जून को कोटा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी के छात्र संवाद कार्यक्रम से घबराकर भाजपा नेताओं द्वारा कोचिंग संस्थानों, पीजी और गेस्ट हाउस संचालकों पर दबाव बनाया जा रहा है। कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर हटवाए जा रहे हैं। क्या पोस्टर हटाने से युवाओं के सवाल भी मिट जाएंगे?
कल कोटा से उठने वाली यह आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी। भाजपा पोस्टर हटा सकती है,लोगों पर दबाव बना सकती है,लेकिन छात्रों के हक़ और भविष्य की लड़ाई को नहीं रोक सकती।
#ChhatronKiGoonj
निशब्द हूँ
ट्रेन की एक भरी बोगी में इस देश के एक युवा ने तड़प तड़प के दम तोड़ दिया
यह सच कैसे स्वीकारा जाए - यह कितना भयावह है
इतना बेबस तो मेरा देश कभी नहीं था
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
NEET पेपर लीक पर जवाब देने से भाग रही भाजपा अब छात्रों की आवाज़ दबाने पर उतर आई है।
कोटा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी के छात्र संवाद से घबराकर भाजपा नेताओं द्वारा कोचिंग, पीजी और गेस्ट हाउस संचालकों पर दबाव बनाया जा रहा है। यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही की मानसिकता है। इसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ l
भाजपा नेताओं को याद रहें, छात्रों को डराकर उनके भविष्य के सवाल नहीं दबाए जा सकते। जितना दमन करोगे, उतनी ही बुलंद युवाओं की आवाज़ होगी और हम छात्रों की न्याय की लड़ाई को और मजबूती से लड़ेंगे l @INCIndia@INCRajasthan
सरकार ने टेलीग्राम पर लगाई अस्थाई रोक, RE-NEET परीक्षा के चलते लिया फैसला।
केंद्र सरकार ने भारत में टेलीग्राम पर अस्थाई रोक लगाने का फैसला लिया है. सरकार ने यह फैसला Re-NEET एग्जाम के चलते लिया है, जो भारत में 21 जून को होने जा रहा है. आदेश के मुताबिक, टेलीग्राम पर दो तरह की अस्थाई पाबंदी लगाई हैं, जिसमें एक अन्य मैसेज एडिंटिंग फीचर को रोकने को लेकर भी है.
यह विषय वर्तमान में चर्चा का विषय बना हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा Re-NEET 2026 परीक्षा से पहले Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह कदम परीक्षा में होने वाली कथित धांधली, फर्जी पेपर लीक और संगठित नकल गिरोहों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। Telegram पर 22 जून तक प्रतिबंध तथा संदेश एडिटिंग फीचर पर भी अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
Re-NEET के लिए Telegram पर रोक: क्या यही समाधान है?
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर विवाद और चिंताएँ सामने आई हैं। Re-NEET परीक्षा 21 जून को आयोजित होने जा रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि कुछ समूह और चैनल परीक्षा से जुड़ी अफवाहें, फर्जी प्रश्नपत्र और नकल से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती थी।
सरकार के अनुसार यह कदम परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। National Testing Agency (NTA) ने भी परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और कथित पेपर बिक्री के दावों पर चिंता जताई थी।
लेकिन इस फैसले के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्या किसी एक प्लेटफॉर्म को बंद कर देने से पेपर लीक जैसी घटनाएँ पूरी तरह रुक जाएँगी? यदि पेपर लीक होता है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? लाखों छात्र Telegram का उपयोग पढ़ाई, नोट्स और शैक्षणिक सामग्री के लिए करते हैं, तो उनके हितों का क्या होगा?
सरकार का यह कदम अस्थायी है, लेकिन यह बहस जरूर छेड़ता है कि परीक्षा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी प्रतिबंध अधिक प्रभावी हैं या फिर लीक और भ्रष्टाचार के मूल स्रोतों पर कार्रवाई। देश के छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि ईमानदार विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सरकार से कुछ महत्वपूर्ण सवाल
यदि पेपर लीक होता है तो असली दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
क्या Telegram बंद करने से नकल और पेपर लीक पूरी तरह रुक जाएगी?
पढ़ाई के लिए Telegram का उपयोग करने वाले लाखों छात्रों का क्या?
क्या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी निगरानी के दायरे में हैं?
बार-बार परीक्षा रद्द होने की जिम्मेदारी कौन लेगा?
परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की योजना क्या है?
छात्रों का खोया हुआ समय और मानसिक तनाव कौन लौटाएगा?
क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान तैयार किया गया है?
NEET समेत देश में हो रहे लगातार पेपर लीक ने लाखों छात्रों को मानसिक तनाव में धकेल दिया है। सालों की मेहनत और माता-पिता की गाढ़ी कमाई डूबने पर भी केंद्र सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।
ऐसे में युवाओं की आवाज़ बनकर श्री राहुल गांधी आगामी 17 जून को कोटा में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उनके मन की बात सुनेंगे।
आइए, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के इस संघर्ष से जुड़ें। यह लड़ाई देश के भविष्य को बचाने की है!
देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है।
हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।
मैं जानता हूँ आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर याद रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊँची करनी पड़ती है।
इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूँ - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।
आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक।
ये आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
ओमान में फंसे जहाज पर 11 जून को भारतीय सेकंड ऑफिसर निशांत उर्थनाथन की मौत हो गई।
पिछले 2-3 दिनों से उनका पार्थिव शरीर हिंदुस्तान आने की राह देख रहा है, लेकिन मोदी सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं की जा रही।
उनका शव सड़ रहा है, जिसे बचाने के लिए उनके साथी पानी की ठंडी बोतलों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।
नरेंद्र मोदी एक कमजोर प्रधानमंत्री हैं, जिनकी नाकामी का खामियाजा भारत के नागरिक मरने के बाद भी चुका रहे हैं।
हमारी मांग है कि मोदी सरकार जल्द से जल्द निशांत जी के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ भारत वापस लाए।
'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो'
NSUI अध्यक्ष @VinodJakharIN जी के नेतृत्व में NEET पेपर लीक और CBSE में हुई अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह लड़ाई सड़क से संसद तक जारी रहेगी।
📍 लखनऊ, यूपी