सौ वर्ष पहले भी हम विपत्ति में थे
उस समय मोहनदास गांधी के चमचे कहा करते थे, गांधी जी पर भरोसा रखो, वो कभी अन्याय नहीं होने देंगे. तुम गांधी जी से अधिक जानते हो क्या?
और हुआ क्या? बँटवारा, हत्याएँ, लूटपाट!
आज भी ऐसे हैं जो कह रहे हैं, भरोसा रखो...
@DohareCa Instead of "Hindu ko samjhao" ( ~100cr people ), better a few people in Govt. of India understand this and take good step for Reservation reforms
एक बाबरी टूटने पर उनकी कौम भाजपा को वोट नहीं देती..
3 लाख मंदिर तोड़े, 10 हज़ार मठ उजाड़े, 1 करोड़ हिन्दू मारे, 500 विश्वविद्यालय जलाए, 800 साल तबाही की ...
फिर भी आज 40%
कायर / लालची / सेक्युलर हिन्दू इस्लामिक कांग्रेस के साथ देते है
बीमारी सिर्फ SC/ST को होती है क्या?
GC/OBC बीमार नहीं होते?
बीमारियों के इलाज में भी जाति देखकर इलाज़ होगा, गरीबी देखकर नहीं???
आखिर हम देश को कहाँ लेकर जा रहे हैं, और ऐसी नीतियों से जातिवाद खत्म होगा क्या?
पाकिस्तान में 21% से 1% हो गये
बांग्लादेश में 30% से 5% हो गये
अफगानिस्तान में 12% से 0% हो गये
कश्मीर में 20% से 0% हो गये
लेकिन हिन्दुओ को अभी भी यही ज्ञान दिया जा रहा है मजहब नही सिखाता आपस में बैर रखना !
लहसुन का लोकतंत्र
देखिए कि सरकार कितनी नंगी और अराजकतावादियों की गोद में बैठने वाली हो गई है कि ये आज सुप्रीम कोर्ट में यह कहने गए कि तिलचट्टों के प्रदर्शन में जिन्होंने पत्थरबाजी की, पुलिस पर डंडों से प्रहार किया, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुँचाई, उन पर हुए केस निरस्त किए जाएँ।
@BJP4India वालों, वह तुम्हारे बापों की संपत्ति थी? कितनी बार तुम अपनी घटिया राजनीति के लिए @DelhiPolice को पिटवाते रहोगे? पूरी पुलिसिंग को पंगु बना कर रख दिया है, जो भी आता है इनका सर फोड़ कर चला जाता है।
पर हाँ, पुलिस कुछ न करे क्योंकि माननीय @narendramodi जी को रात के एक बजे ‘जेन जी’ के लिए रील बना कर, उन्हें माफ करते हुए बड़ा हृदय वाला दिखना है। आज कल रील और उसके व्यू नहीं गिन रहा कोई!
सरकार चाहती है कि वो ये केस माफी की भी नौटंकी करे और वही सरकार फिर कोर्ट को यह भी कहती है कि तिलचट्टों का पाँच सितम्बर वाला मार्च रोक दिया जाए। माननीय सूर्यकांत जी ने कहा है कि अभी से वो यह नहीं मान सकते कि कुछ गलत ही हो जाएगा।
जबकि माननीय सूर्यकांत के समक्ष ऐसे उदाहरण हैं कि इन्हीं आयोजकों के कारण दिल्ली में तीन दिन क्या होता रहा। फट्टू सरकार की %# इतनी फटी हुई थी कि आयोजकों को नामित तक नहीं कर पाई कि इनका ही दायित्व बनता था।
ये चल रहा है इस देश में। दंगाइयों को सरकार बचा रही है ताकि उनके राम मंदिर लूट के पाप को डायवर्ट करने का रिवार्ड उन्हें दिया जा सके। जनता सब देख रही है।
@ajaykraina No reservations for teaching positions, medical, scientific institutions, no reservations for masters, PhD. Reservations restricted to 20% if India is to progress to developed nation.